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Bokaro News : बोकारो जिला खेल पदाधिकारी विवाद: पति ने पत्नी, सास और ड्राइवर पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

Megha Sinha

Bokaro News : बोकारो में जिला खेल पदाधिकारी के पति ने पत्नी, सास और ड्राइवर पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिस जांच शुरू

Bokaro News : बोकारो में जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बुन के पति रमेश कुमार ने अपनी पत्नी, सास और ड्राइवर पर मारपीट और प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में सिटी थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। मेडिकल जांच में शरीर पर चोट और दांत काटने के निशान मिलने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है, जबकि दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

Bokaro News : झारखंड के बोकारो जिले में जिला खेल पदाधिकारी (डीएसओ) हेमलता बुन से जुड़ा एक पारिवारिक विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। जिला खेल पदाधिकारी के पति रमेश कुमार ने अपनी पत्नी, सास और उनके ड्राइवर पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने बोकारो सिटी थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मेडिकल जांच कराई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

रमेश कुमार का कहना है कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे एक विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी, सास और ड्राइवर ने मिलकर उनके साथ हिंसक व्यवहार किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उन्हें मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा, जहां उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए।

रमेश कुमार ने बताया कि मेडिकल जांच के दौरान उनके कंधे, हाथ और जांघ पर दांत काटने के निशान मिले हैं। उनका कहना है कि यह घटना उनके साथ हुई मारपीट का प्रमाण है। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट का अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच का हिस्सा होगा और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया जाएगा और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

रमेश कुमार के मुताबिक, घटना की शुरुआत शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे हुई। उन्होंने बताया कि ड्राइवर को कथित रूप से धमकी देने के मुद्दे पर उनकी पत्नी से बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले काफी समय से उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।

रमेश कुमार ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह शिकायत दर्ज कराने के लिए थाना परिसर में मौजूद थे, उसी दौरान जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बुन के फूफाजी ने उन्हें फोन कर धमकी दी।

उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में उन्हें डराने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। रमेश कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि जिला प्रशासन से जुड़े कुछ लोगों का संरक्षण मिलने के कारण उन्हें न्याय मिलने में कठिनाई हो रही है।

शिकायत में रमेश कुमार ने यह भी कहा है कि उपायुक्त (डीसी) कार्यालय में कार्यरत स्टेनो अजय द्वारा पूरे मामले में संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में जिन लोगों के नाम और आरोप शामिल किए गए हैं, उनकी भी जांच की जाएगी।

रमेश कुमार ने बताया कि वह भारतीय सेना के पूर्व सैनिक हैं। सेना की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी संभाली। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा परिवार को प्राथमिकता दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

मामले में जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बुन का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।

पत्रकारिता के सिद्धांतों के अनुसार, किसी भी विवाद में दोनों पक्षों की बात महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि भविष्य में जिला खेल पदाधिकारी या उनके प्रतिनिधि की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

सिटी थाना पुलिस ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों का परीक्षण किया जाएगा। जांच के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों से पूछताछ की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच पूरी की जाएगी।

फिलहाल यह मामला आरोप-प्रत्यारोप के स्तर पर है। शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू विवाद से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों की बात सुनना बेहद जरूरी होता है। ऐसे मामलों में पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।