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Giridih News : गिरिडीह में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर JMM कार्यकर्ताओं का हमला, लाठीचार्ज का आरोप

Megha Sinha
Giridih News : JPSC-JSSC भर्ती अनियमितताओं के विरोध में पुतला दहन की तैयारी कर रहे छात्रों ने लगाया मारपीट का आरोप, कई घायल होने और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने का दावा
Giridih News : गिरिडीह के झंडा मैदान में JPSC-JSSC भर्ती अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने झामुमो कार्यकर्ताओं पर लाठी लेकर हमला करने और विरोध दबाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, जबकि छात्रों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Giridih News : JPSC-JSSC Protest: झारखंड के गिरिडीह में शुक्रवार को झंडा मैदान उस समय तनाव का केंद्र बन गया, जब JPSC और JSSC भर्ती अनियमितताओं के विरोध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने की तैयारी कर रहे छात्रों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी के दौरान झामुमो कार्यकर्ता लाठियां लेकर पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

छात्रों का कहना है कि वे केवल भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह से ही झंडा मैदान में विभिन्न छात्र संगठन और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी जुटने लगे थे। उनका उद्देश्य JPSC-JSSC भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए मुख्यमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन करना था।

छात्रों का आरोप है कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही JMM से जुड़े कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वहां पहुंचे। उनके हाथों में लाठियां थीं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को मैदान खाली करने की चेतावनी दी। विरोध करने पर कथित तौर पर छात्रों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।

घटना के बाद कई छात्र मैदान से भागते हुए दिखाई दिए, जबकि कुछ ने आरोप लगाया कि उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।

प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और उन्होंने प्रशासन को इसकी सूचना भी दी थी। उनका आरोप है कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाया गया।

छात्रों ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य का सवाल उठाना कोई अपराध नहीं है। उनका कहना है कि यदि शांतिपूर्ण विरोध भी हिंसा के जरिए रोका जाएगा तो युवाओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा।

घटना के बाद छात्रों ने दोषी कार्यकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि झामुमो कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से छात्रों पर हमला किया।

मंटू मुर्मू के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने लाठी-डंडों से हमला कर विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में कई छात्र घायल हुए हैं तथा घटनास्थल पर खड़ी दोपहिया वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के बजाय सरकार को भर्ती घोटालों और परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

हालांकि प्रशासन की ओर से घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है, लेकिन छात्र संगठनों का दावा है कि झड़प में कई अभ्यर्थियों को चोटें आई हैं। कुछ छात्रों के हाथ, कंधे और सिर में चोट लगने की बात सामने आई है।

सोशल मीडिया पर भी घटना से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें वायरल होने का दावा किया जा रहा है, जिनमें झड़प और भगदड़ जैसी स्थिति दिखाई देने की बात कही जा रही है। इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

घटना की सूचना मिलते ही गिरिडीह पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी झंडा मैदान पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया।

अधिकारियों ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना दोबारा न हो। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

झारखंड में पिछले कुछ वर्षों से JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद उठते रहे हैं। अभ्यर्थी परीक्षा परिणाम, प्रश्नपत्र लीक, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियुक्ति में देरी जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर आंदोलन करते रहे हैं।

इन्हीं मांगों को लेकर गिरिडीह में भी छात्र मुख्यमंत्री के खिलाफ सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना है कि लाखों युवाओं का भविष्य भर्ती प्रक्रिया पर निर्भर है और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन और राज्य सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं:

  • भर्ती अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
  • प्रदर्शन के दौरान हमला करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाए।
  • घायल छात्रों का समुचित इलाज कराया जाए।
  • भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

इस घटना के बाद गिरिडीह की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्षी छात्र संगठनों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है, जबकि झामुमो की ओर से इस मामले पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा झारखंड में युवाओं के बीच बेहद संवेदनशील है। ऐसे में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के आरोप आने से सरकार और विपक्ष दोनों पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वायरल वीडियो और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि झड़प कैसे शुरू हुई और हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार था।

छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे राज्यव्यापी आंदोलन तेज करेंगे। वहीं प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।