Jharkhand Cabinet Meeting : हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, बिजली, रोजगार और कर्मचारियों के पेंशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। गोड्डा में पशु आहार कारखाना, रांची में 500 बेड का अस्पताल और नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना भी प्रमुख फैसलों में शामिल हैं।
Jharkhand Cabinet Meeting : झारखंड कैबिनेट के 27 अक्टूबर 2026 के फैसले: गिरिडीह की तीन सड़कों के लिए 114 करोड़ से अधिक, 7,890 चापाकल, गोड्डा में पशु आहार कारखाना, रांची में 500 बेड का अस्पताल और कर्मचारियों के पेंशन संबंधी निर्णयों की पूरी जानकारी पढ़ें।
Jharkhand Cabinet Meeting : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को झारखंड मंत्रालय, रांची में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति संख्या 353/2026 के अनुसार, बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, सिंचाई, पेयजल, बिजली, कर्मचारियों के सेवा लाभ और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
बैठक के फैसलों में गिरिडीह जिले की तीन प्रमुख सड़कों के निर्माण और सुधार के लिए बड़ी राशि की मंजूरी, राज्य के 263 प्रखंडों में 7,890 चापाकल लगाने की योजना, रांची में 500 शय्या वाले अस्पताल के निर्माण और झारखंड मेडिको सिटी के आधारभूत ढांचे के विकास जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा गोड्डा में पशु आहार कारखाना स्थापित करने तथा सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंडों में सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कैबिनेट बैठक में गिरिडीह जिले की सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं से संबंधित सड़कों के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, पुनर्निर्माण और सड़क की सतह की गुणवत्ता में सुधार का काम किया जाएगा।
पहली परियोजना के तहत बड़कीटांड से जबरदाहा, निमायटांड, शंकरडीह और मरजुगुंडी होते हुए गुजरने वाली 7.783 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण के लिए 40 करोड़ 8 लाख 64 हजार 600 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना में पुल निर्माण, भूमि अधिग्रहण, वृक्षारोपण, उपयोगिता सेवाओं का स्थानांतरण और पुनर्वास से जुड़े कार्य भी शामिल हैं।
दूसरी परियोजना मदहालो (NH-19) से अलाकडीहा तक खेतको के रास्ते गुजरने वाली 7.800 किलोमीटर लंबी सड़क से संबंधित है। इसके पुनर्निर्माण के लिए 37 करोड़ 46 लाख 52 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसमें पुल निर्माण और अन्य आवश्यक कार्य भी शामिल हैं।
तीसरी परियोजना के अंतर्गत पथ प्रमंडल गिरिडीह की पतालडीह-देवरी-गांवा-सतगावां सड़क (MDR-84) के 42.40 किलोमीटर लंबे हिस्से की राइडिंग क्वालिटी में सुधार किया जाएगा। इसके लिए 37 करोड़ 6 लाख 62 हजार 800 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इन तीनों परियोजनाओं की स्वीकृत राशि जोड़ने पर कुल 114 करोड़ 61 लाख 79 हजार 400 रुपये होते हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद वास्तविक कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा पर निगरानी भी जरूरी होगी। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों, किसानों और कारोबारियों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
राज्य में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 263 प्रखंडों में 7,890 चापाकल लगाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए 96 करोड़ 54 लाख 70 हजार 810 रुपये की अनुमानित राशि स्वीकृत की गई है।
गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और ग्रामीण इलाकों में पानी की उपलब्धता लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। ऐसे में नए चापाकलों की स्थापना से उन क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती है।
हालांकि, इस योजना का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि चापाकल जरूरत वाले स्थानों पर लगाए जाएं, उनकी गुणवत्ता बेहतर हो और खराब होने की स्थिति में समय पर मरम्मत की व्यवस्था उपलब्ध रहे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 शय्या वाले अस्पताल भवन के निर्माण के लिए 545 करोड़ 38 लाख 33 हजार 425 रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इसके अतिरिक्त झारखंड मेडिको सिटी से संबंधित आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 284 करोड़ 17 लाख 24 हजार 900 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
रांची के सदर अस्पताल में कैथ लैब की स्थापना और उपकरणों की खरीद के लिए पहले स्वीकृत 7 करोड़ रुपये की राशि के स्थान पर 9 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत पर कार्य आवंटित करने की मंजूरी दी गई है। यह राशि पहले स्वीकृत बजट से 41.42 प्रतिशत अधिक है।
इन फैसलों का उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है। अस्पतालों के निर्माण के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशिक्षित कर्मचारियों, आधुनिक उपकरणों और नियमित रखरखाव की उपलब्धता भी जरूरी होगी, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
कृषि और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए गोड्डा में नया पशु आहार कारखाना स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। झारखंड मिल्क फेडरेशन (JMF) के माध्यम से प्रस्तावित इस कारखाने की प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 50 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन किया जा सकेगा।
इस परियोजना की अनुमानित लागत 51 करोड़ 49 लाख रुपये निर्धारित की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 30 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। परियोजना वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 की राज्य योजना के तहत प्रस्तावित है।
पशु आहार की उपलब्धता में सुधार से पशुपालकों को सहायता मिल सकती है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की संभावना भी है। हालांकि, किसानों और पशुपालकों को इसका लाभ किस कीमत पर और किस व्यवस्था के तहत मिलेगा, यह क्रियान्वयन के दौरान महत्वपूर्ण होगा।
सरायकेला-खरसावां जिले में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को 607.0332 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इस योजना के तहत चांडिल जलाशय से पानी उठाकर भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से नीमडीह और कुकड़ू प्रखंडों तक पहुंचाने का प्रस्ताव है। इससे संबंधित क्षेत्रों में कृषि कार्यों के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा हजारीबाग जिले की लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार और मुख्य नहरों की लाइनिंग के लिए 32 करोड़ 17 लाख 6 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
वहीं, झारखंड जलछाजन योजना की 28 परियोजनाओं के लिए शेष 58.61780 करोड़ रुपये राज्य संसाधनों से उपलब्ध कराने और परियोजनाओं की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों पर भी कई निर्णय लिए। झारखंड हाईकोर्ट और अन्य न्यायिक आदेशों के अनुपालन में विभिन्न मामलों में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा अवधि की गणना, सेवा नियमितीकरण, पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
राज्य कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों, सेवा शर्तों में एकरूपता और एसीपी/एमएसीपी से जुड़े मामलों के समाधान के लिए नई उच्चस्तरीय समिति के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई है।
इसके अतिरिक्त राज्य प्रोबेशन सेवा संशोधन नियमावली-2026 और झारखंड राज्य आयुष शैक्षणिक स्वास्थ्य सेवा की भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तों से संबंधित नियमावली के गठन को स्वीकृति दी गई।
इन फैसलों का उद्देश्य लंबित सेवा मामलों के निपटारे और प्रशासनिक व्यवस्था में स्पष्टता लाना है। संबंधित कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ उनके मामलों, लागू नियमों और स्वीकृत आदेशों के अनुसार निर्धारित होंगे।
राज्य के आदिवासी बहुल गांवों के ऐसे टोले और घर, जहां अभी तक बिजली नहीं पहुंची है, उन्हें विद्युतीकृत करने के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 184.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इस निर्णय से दूरस्थ और बिजली से वंचित क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है। बिजली की उपलब्धता से घरेलू जरूरतों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी सहायता मिल सकती है।
इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय और नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की विभिन्न गतिविधियों से संबंधित वित्तीय प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इससे संबंधित संकल्प में पहले स्वीकृत 128 करोड़ 31 लाख 8 हजार 550 रुपये की राशि से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया जाएगा।
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (NIPCCD) के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए केंद्र सरकार के संस्थान को निःशुल्क भूमि हस्तांतरित करने की स्वीकृति भी दी है।
राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से संबंधित परियोजना के तहत परामर्शी कंपनी Ernst & Young LLP को लंबित भुगतान के लिए 1 करोड़ 17 लाख 52 हजार 800 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
पुलिस थानों में सीसीटीवी व्यवस्था का उद्देश्य निगरानी और जवाबदेही को मजबूत करना है। इसके प्रभावी संचालन के लिए कैमरों की नियमित कार्यशीलता, रिकॉर्डिंग का सुरक्षित रखरखाव और शिकायतों के निपटारे में उचित उपयोग भी महत्वपूर्ण रहेगा।
राज्य की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने हेतु एकीकृत लैंड एक्विजिशन पोर्टल विकसित करने की मंजूरी भी दी गई है। इससे भूमि अधिग्रहण से संबंधित सूचनाओं और प्रक्रियाओं के प्रबंधन में मदद मिलने की संभावना है।
इसके अलावा झारखंड में नगरपालिका भूमि और भवन हस्तांतरण अधिभार नियमावली-2026 तथा झारखंड वेस्ट वॉटर संशोधन नीति-2026 के गठन को भी मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट ने जन वितरण प्रणाली की दुकानों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों के सत्यापन और मुहरांकन शुल्क से दुकानदारों को मुक्त करने के लिए संबंधित नियमों में संशोधन को स्वीकृति दी है।
राज्य सरकार ने झारखंड विशेषज्ञ समिति के गठन एवं कार्य प्रणाली नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिससे विभिन्न विभागों को विशिष्ट विषयों पर अध्ययन, अनुसंधान और तकनीकी परामर्श के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं मिल सकेंगी।
गोड्डा में पशु आहार कारखाने के अलावा झारखंड राजकोषीय अध्ययन संस्थान को स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत करने, वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी की घटनोत्तर स्वीकृति और झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2026-27 तैयार करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के क्रम में 25 और 26 नवंबर 2026 को सदन की विशेष बैठक बुलाने की स्वीकृति दी गई। खनिज क्षेत्र में अन्वेषण, विकास और संचालन के लिए झारखंड मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड ब्लॉक डेवलपमेंट पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई।