Jharkhand News : झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट: सूचना भवन से होगी शुरुआत, युवाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय फिल्म और मीडिया प्रशिक्षण
Jharkhand News : झारखंड में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTI) की स्थापना की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सूचना भवन से संस्थान की शुरुआत होगी। SRFTI कोलकाता के तकनीकी सहयोग से युवाओं को फिल्म, टीवी और मीडिया के क्षेत्र में आधुनिक प्रशिक्षण मिलेगा।
रांची। झारखंड में फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में युवाओं के लिए सुनहरे अवसरों का नया दौर शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार ने झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTI) की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस संस्थान का उद्देश्य राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना, स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देना और झारखंड को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है।
इस दिशा में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में सूचना भवन, रांची से ही झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट का संचालन प्रारंभ करने की योजना बनाई गई है। इससे राज्य के विद्यार्थियों और मीडिया से जुड़े युवाओं को कम समय में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए एमओयू के बाद तेज हुई प्रक्रिया
22 जुलाई को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में झारखंड फिल्म एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (JFDC) और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसी समझौते के तहत अब संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
एमओयू के बाद SRFTI के कुलपति समीरन दत्ता अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सूचना भवन पहुंचे, जहां उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में संस्थान की स्थापना, पाठ्यक्रमों की रूपरेखा, तकनीकी संसाधनों और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
सूचना भवन में उपलब्ध संसाधनों का किया गया निरीक्षण
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सूचना भवन में उपलब्ध विभिन्न कक्षों और संसाधनों का निरीक्षण किया। इसका उद्देश्य यह आकलन करना था कि प्रारंभिक चरण में किन सुविधाओं के साथ संस्थान की शुरुआत की जा सकती है और किन संसाधनों की आवश्यकता होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने कक्षाओं, प्रशिक्षण कक्षों, तकनीकी प्रयोगशालाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया ताकि जल्द से जल्द प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जा सकें।

शुरुआत होगी शॉर्ट-ड्यूरेशन कोर्स से
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक आनन्द ने बताया कि JFTI के पहले चरण में युवाओं और कामकाजी पेशेवरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए Short-duration Courses शुरू किए जाएंगे।
इन पाठ्यक्रमों की प्रमुख विशेषताएं होंगी—
- पार्ट-टाइम (Part-Time) कोर्स
- फुल-टाइम (Full-Time) कोर्स
- इवनिंग क्लासेज (Evening Classes)
- एक माह, दो माह, तीन माह और छह माह की अवधि वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग के उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए SRFTI के तकनीकी सहयोग से जल्द ही इन अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत करने का प्रयास किया जा रहा है।
विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा
SRFTI कोलकाता के कुलपति समीरन दत्ता ने कहा कि झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट राज्य के युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा। इससे विशेष रूप से मास मीडिया, फिल्म और डिजिटल कंटेंट निर्माण में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि संस्थान में आधुनिक फिल्म निर्माण और मीडिया उद्योग से जुड़े लगभग सभी महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इनमें शामिल होंगे—
- साउंड डिजाइनिंग
- फिल्म एडिटिंग
- एनिमेशन
- स्क्रिप्ट एवं स्क्रीनप्ले राइटिंग
- सिनेमैटोग्राफी
- फिल्म निर्देशन
- फिल्म प्रोडक्शन
- टेलीविजन प्रोडक्शन
- डिजिटल मीडिया तकनीक
इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं बल्कि उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना होगा।

ब्लूप्रिंट से लेकर गेस्ट फैकल्टी तक देगा SRFTI सहयोग
समीरन दत्ता ने कहा कि SRFTI, झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के विकास में हरसंभव तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि संस्थान के—
- ब्लूप्रिंट तैयार करने,
- क्लासरूम डिजाइन,
- तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था,
- प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने,
- गेस्ट फैकल्टी उपलब्ध कराने,
- आधुनिक फिल्म शिक्षा प्रणाली विकसित करने
जैसे सभी महत्वपूर्ण कार्यों में SRFTI सहयोग करेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि JFTI आने वाले समय में पूर्वी भारत के प्रमुख मीडिया प्रशिक्षण संस्थानों में अपनी पहचान बनाएगा।
मीडियाकर्मियों के लिए भी होंगे विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
समीरन दत्ता ने सुझाव दिया कि संस्थान पूरी तरह कार्यशील होने के बाद राज्य के पत्रकारों और मीडियाकर्मियों के लिए भी विशेष Short Term Training Courses संचालित किए जाएं।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पत्रकार आधुनिक फिल्म निर्माण, डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन, टेलीविजन तकनीक, एडिटिंग, कैमरा संचालन और नई मीडिया तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राज्य में स्वस्थ फिल्म संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से शुरुआत Film Appreciation Course से की जाए। इससे विद्यार्थियों, फिल्म प्रेमियों और मीडिया कर्मियों में सिनेमा की बेहतर समझ विकसित होगी।
झारखंड की स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच
झारखंड प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, लोककला और विविध सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध राज्य है। इसके बावजूद लंबे समय तक यहां के युवाओं को फिल्म और मीडिया की उच्चस्तरीय शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था।
JFTI की स्थापना से अब राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में आधुनिक फिल्म शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय कलाकारों, लेखकों, निर्देशकों, सिनेमैटोग्राफरों, संपादकों और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संस्थान भविष्य में झारखंड को फिल्म शूटिंग, डिजिटल कंटेंट निर्माण और क्रिएटिव इंडस्ट्री का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
फिल्म उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान की स्थापना केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होने से फिल्म निर्माण, विज्ञापन, वेब सीरीज, ओटीटी कंटेंट, एनीमेशन, डॉक्यूमेंट्री और डिजिटल मीडिया उद्योग को स्थानीय स्तर पर कुशल पेशेवर उपलब्ध होंगे।
इसके साथ ही फिल्म पर्यटन, स्थानीय लोकेशन प्रमोशन और क्रिएटिव इंडस्ट्री में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक शाहिद आलम, राशिद अख्तर, बीरू कुशवाहा, सुनीता धान, अभय कुमार तथा SRFTI के एसोसिएट प्रोफेसर नीलाजन बनर्जी और प्रोफेसर इंद्रनील मुखर्जी भी उपस्थित रहे।
झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट की स्थापना राज्य के लिए एक दूरदर्शी पहल मानी जा रही है। सूचना भवन से प्रारंभ होने वाले इस संस्थान के माध्यम से न केवल युवाओं को आधुनिक फिल्म और मीडिया शिक्षा मिलेगी, बल्कि झारखंड की स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर भी प्राप्त होगा। SRFTI के तकनीकी सहयोग और राज्य सरकार की पहल से JFTI भविष्य में झारखंड को फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।
