Jharkhand News : भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का बड़ा आंदोलन, निष्पक्ष सीबीआई जांच और विवादित परीक्षाएं रद्द करने की मांग; सरकार और आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार।
Jharkhand News : रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र 25 जुलाई से मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह करेंगे। छात्र सीबीआई जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर।
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्यभर के अभ्यर्थियों का विरोध अब बड़े आंदोलन का रूप लेने जा रहा है। “जेएसएससी-जेपीएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाअभियान” के बैनर तले छात्र संगठनों ने 25 जुलाई से राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धरना शुरू करने का ऐलान किया है।
छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विवादित परीक्षाओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।
प्रेस वार्ता में आंदोलन की घोषणा
शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में छात्र नेताओं ने आगामी आंदोलन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे अभ्यर्थियों का भरोसा भर्ती प्रक्रिया पर कमजोर हुआ है।
छात्र नेताओं के अनुसार, जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। उनका दावा है कि कथित रूप से एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी के माध्यम से परीक्षा आयोजित किए जाने की बात भी सामने आई है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित एजेंसी के कुछ अधिकारी पुलिस हिरासत में हैं तथा भर्ती आयोगों के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
हालांकि, इन दावों पर संबंधित आयोगों या राज्य सरकार की ओर से इस समाचार के प्रकाशन तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सीबीआई जांच की मांग क्यों?
छात्र संगठनों का कहना है कि राज्य स्तरीय जांच से अभ्यर्थियों का भरोसा पूरी तरह बहाल नहीं हो पाएगा। उनका मानना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
छात्र नेता दीनबंधु मंडल ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि लगातार नए तथ्य सामने आने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि लाखों युवाओं के भविष्य पर किसी प्रकार का संदेह न रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए विवादित परीक्षाओं को जांच पूरी होने तक रद्द किया जाना आवश्यक है।
25 जुलाई से शुरू होगा अनिश्चितकालीन सत्याग्रह
छात्र संगठनों ने घोषणा की है कि 25 जुलाई से रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धरना शुरू किया जाएगा। आंदोलन चरणबद्ध तरीके से संचालित होगा और इसमें राज्य के विभिन्न जिलों से अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
छात्र प्रतिनिधियों ने बताया कि धरना-प्रदर्शन के संबंध में प्रशासन को विधिवत सूचना भी दे दी गई है। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जाएगा।
छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
अभ्यर्थियों में बढ़ रही है नाराजगी
पिछले कुछ समय से झारखंड में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लगातार असंतोष देखने को मिला है। कई परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया और छात्र संगठनों द्वारा समय-समय पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि लंबे समय तक तैयारी करने वाले हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य इन भर्ती परीक्षाओं पर निर्भर करता है। यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं, तो सबसे अधिक नुकसान मेहनत करने वाले युवाओं को उठाना पड़ता है।
इसी कारण छात्र संगठन भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सरकार से क्या हैं प्रमुख मांगें?
प्रेस वार्ता के दौरान छात्र संगठनों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें शामिल हैं—
- जेपीएससी और जेएसएससी की विवादित भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई से जांच कराई जाए।
- जांच पूरी होने तक संबंधित विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए।
- यदि किसी अधिकारी या एजेंसी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
- योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए समयबद्ध और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया लागू की जाए।
प्रेस वार्ता में ये छात्र प्रतिनिधि रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में छात्र नेता राम अवतार महतो, दीनबंधु मंडल, बृजभूषण झा, संदीप कुमार गुप्ता, रवि कुमार और संजय साहू सहित कई छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
उन्होंने राज्यभर के अभ्यर्थियों से भी आंदोलन में शामिल होने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे मामले में छात्रों ने जो आरोप लगाए हैं, वे प्रेस वार्ता के दौरान उनके द्वारा किए गए दावे हैं। समाचार प्रकाशित होने तक झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) अथवा राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है।
यदि संबंधित आयोग या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो समाचार को उसके अनुसार अद्यतन किया जाएगा ताकि पाठकों को सभी पक्षों की तथ्यात्मक और संतुलित जानकारी मिल सके।
