Jharkhand News : ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने, सभी पात्र उपभोक्ताओं तक 200 यूनिट मुफ्त बिजली पहुंचाने, स्मार्ट ग्रिड, एआई मॉनिटरिंग, सोलर ऊर्जा, जलविद्युत परियोजनाओं और रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति के निर्देश दिए।
Jharkhand News : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, रांची में तीन स्मार्ट ग्रिड, फ्लोटिंग सोलर, जलविद्युत परियोजनाओं, एआई मॉनिटरिंग सिस्टम, ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार और ऊर्जा विभाग में रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति के निर्देश दिए।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। झारखंड मंत्रालय में आयोजित ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बिजली पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली उत्पादन, संचरण और वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाया जाए तथा जनहित से जुड़ी सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के उपायुक्तों के साथ बिजली आपूर्ति, पावर ग्रिड निर्माण, ट्रांसमिशन लाइन, भूमि संबंधी समस्याओं और विद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी लंबित मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति होगी सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी शहरी, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में चौबीसों घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती से संबंधित शिकायतों का स्थायी समाधान किया जाए तथा उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि यदि कहीं ट्रांसफार्मर जल जाता है तो 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सभी पात्र परिवारों को मिलेगा 200 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिया कि 200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना का लाभ राज्य के प्रत्येक पात्र उपभोक्ता तक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने लाभार्थियों की पहचान, योजना के क्रियान्वयन और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।

रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड
राजधानी रांची की बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित करने की योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। ये स्मार्ट ग्रिड कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में स्थापित किए जाएंगे।
स्मार्ट ग्रिड बनने से बिजली वितरण प्रणाली आधुनिक होगी, ऊर्जा हानि कम होगी, लोड प्रबंधन आसान होगा और उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। इसके साथ ही कई नए विद्युत उपकेंद्रों का भी निर्माण किया जाएगा।
जलविद्युत, फ्लोटिंग सोलर और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने झारखंड की प्राकृतिक संपदा का बेहतर उपयोग करते हुए ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने राज्य के जलाशयों और जलप्रपातों से जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन कराने के निर्देश दिए।
विशेष रूप से हुंडरू, जोन्हा सहित विभिन्न जलप्रपातों की क्षमता का मूल्यांकन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
इसके अलावा राज्य में फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं तथा सरकारी और निजी भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाकर झारखंड को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

बंजर भूमि पर होगी सोलर फार्मिंग
मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बंजर एवं अनुपयोगी भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को सोलर पैनल लगाने के लिए आवश्यक सब्सिडी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
सरकार किसानों द्वारा उत्पादित सौर ऊर्जा की खरीद की प्रभावी व्यवस्था विकसित करेगी, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत मिल सके।
सिकिदिरी पावर प्लांट का होगा आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री ने सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्लांट की वर्तमान क्षमता, पुरानी एवं नई मशीनों की कार्यक्षमता का तुलनात्मक अध्ययन करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कम जल उपयोग में अधिक बिजली उत्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाकर उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाए।

एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम और स्मार्ट मीटरिंग अभियान को मिलेगी गति
ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी सुधार को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। इसके माध्यम से बिजली आपूर्ति, परियोजनाओं की निगरानी, शिकायत निवारण तथा सेवा वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा।
इसके साथ ही पूरे राज्य में स्मार्ट मीटरिंग अभियान को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
ट्रांसमिशन नेटवर्क होगा आधुनिक
मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए पारंपरिक चार पोल संरचनाओं के स्थान पर मोनोपोल तकनीक अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में कम स्थान घेरने वाली आधुनिक तकनीकों के उपयोग के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के उपायुक्तों से ट्रांसमिशन लाइन एवं ग्रिड परियोजनाओं में आ रही भूमि संबंधी बाधाओं की समीक्षा करते हुए अगले 10 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
ऊर्जा विभाग में जल्द होगी नियुक्ति
ऊर्जा विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। प्रथम चरण में 35 प्रतिशत रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव कैबिनेट में लाने को कहा गया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि केवल मुख्यालय ही नहीं बल्कि पंचायत स्तर तक पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि बिजली आपूर्ति और शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत हो सके।
अस्पतालों में होगी निर्बाध बिजली आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी सरकारी एवं प्रमुख अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रत्येक अस्पताल में ड्यूल लाइन व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया ताकि किसी एक लाइन में खराबी आने पर दूसरी लाइन से बिजली आपूर्ति जारी रह सके। उन्होंने ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और नवजात शिशु देखभाल इकाइयों में बिजली की निर्बाध उपलब्धता को अत्यंत आवश्यक बताया।
शिकायत निवारण व्यवस्था होगी और मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन, ऑनलाइन शिकायत प्रणाली और जन समस्या केंद्रों को अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाया जाए।
उन्होंने प्रत्येक विभाग में शिकायत निवारण केंद्र स्थापित करने तथा शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
ऊर्जा आत्मनिर्भर झारखंड की ओर बड़ा कदम
ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक से स्पष्ट संकेत मिला कि झारखंड सरकार आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र को नई तकनीकों, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड, डिजिटल मॉनिटरिंग और मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क के माध्यम से पूरी तरह आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम करेगी। 24 घंटे बिजली आपूर्ति, 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन, जलविद्युत एवं सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार तथा ऊर्जा विभाग में मानव संसाधन को मजबूत करना राज्य की ऊर्जा नीति के प्रमुख स्तंभ होंगे। यदि इन योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन होता है तो झारखंड न केवल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा, बल्कि उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य और आम नागरिकों को भी इसका व्यापक लाभ मिलेगा।
