Jharkhand News : स्वतंत्रता दिवस समारोह में झारखंड पुलिस मुख्यालय से DGP का बड़ा संदेश, नक्सलवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध और पुलिस कल्याण पर पेश किया जनवरी–जुलाई 2026 का पूरा रिपोर्ट कार्ड
Jharkhand News : रांची में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 में झारखंड के डीजीपी ने पुलिस की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। 103 नक्सलियों, 486 साइबर अपराधियों और 710 मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस आधुनिकीकरण, डायल-112 और पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़े बड़े आंकड़े साझा किए गए।
रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 के अवसर पर झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने राज्यवासियों, पुलिसकर्मियों, मीडिया प्रतिनिधियों और अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए झारखंड पुलिस की उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। डीजीपी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के कारण भारत को आज़ादी का अमूल्य उपहार मिला। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस उसी राष्ट्रसेवा की भावना के साथ कानून व्यवस्था, जनसुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 5 अगस्त तक झारखंड पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
इस अवधि में कुल 103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें राज्य सरकार का एक करोड़ रुपये का इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा भी शामिल है।
सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि नक्सली संगठन को कमजोर करने के लिए आत्मसमर्पण और मुठभेड़ों में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली।
| उपलब्धि | संख्या |
|---|---|
| गिरफ्तार नक्सली | 103 |
| आत्मसमर्पण | 46 |
| मुठभेड़ में मारे गए | 22 |
| बरामद हथियार | 98 |
| कारतूस | 7,470 |
| विस्फोटक | 11 किलोग्राम |
| IED | 3 |
| लेवी की बरामद राशि | करीब ₹6 लाख |
डीजीपी ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में एक करोड़ के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है, जिसे सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
झारखंड पुलिस ने संगठित अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आधुनिक तकनीक, खुफिया नेटवर्क और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से कार्रवाई तेज की है।
जनवरी से जुलाई 2026 के बीच संगठित आपराधिक गिरोहों से जुड़े 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
साथ ही उनके कब्जे से 63 अवैध हथियार और 274 गोलियां बरामद की गईं। इसके अतिरिक्त 50 अपराधियों के विरुद्ध CCA (Crime Control Act) के तहत कार्रवाई की गई।
डीजीपी ने कहा कि संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए आर्थिक नेटवर्क, अवैध वसूली और आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
युवाओं को नशे से बचाने के उद्देश्य से झारखंड पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया।
जनवरी से जून 2026 के दौरान 710 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जो विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध व्यापार में संलिप्त पाए गए।
पुलिस ने इस दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ भी जब्त किए। डीजीपी ने कहा कि कानून लागू करने के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि समाज को नशामुक्त बनाया जा सके।
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए झारखंड पुलिस ने साइबर गिरोहों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाया।
जनवरी से जून 2026 के बीच साइबर अपराध में संलिप्त 486 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए।
इसके अलावा कार्रवाई के दौरान 17 लाख रुपये से अधिक की राशि बरामद की गई। पुलिस ने साइबर ठगी के पीड़ितों को जब्त राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया भी तेज की है।
डीजीपी ने कहा कि साइबर पुलिस स्टेशन, तकनीकी विशेषज्ञों और डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से कई अंतरराज्यीय गिरोहों का पर्दाफाश किया गया है।
- 486 साइबर अपराधी गिरफ्तार
- ₹17 लाख से अधिक की बरामदगी
- कई साइबर गिरोहों का खुलासा
- पीड़ितों को राशि वापसी की प्रक्रिया जारी
झारखंड पुलिस के आधुनिकीकरण को लेकर भी डीजीपी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि 13 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आधुनिक पुलिस वाहनों का लोकार्पण किया गया।
राज्य पुलिस को प्राप्त हुए:
- 636 चार पहिया वाहन (Mahindra Bolero)
- 849 दो पहिया वाहन (TVS Apache)
इन वाहनों के शामिल होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और कानून व्यवस्था को मजबूती मिली है।
Emergency Response Support System (ERSS) के तहत संचालित डायल-112 की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
डीजीपी ने बताया कि शिकायतों की संख्या बढ़ने के बावजूद पुलिस का औसत रिस्पांस टाइम कम हुआ है।
डायल-112 औसत रिस्पांस टाइम
जनवरी और जुलाई 2026 के बीच शिकायतें बढ़ीं, लेकिन औसत प्रतिक्रिया समय घटा।9.15मिनट9.3मिनट9.45मिनट9.6मिनट9.75मिनटजनवरीजुलाई
| महीना | शिकायतें | औसत रिस्पांस टाइम |
|---|---|---|
| जनवरी 2026 | 16,000 | 9 मिनट 41 सेकंड |
| जुलाई 2026 | 23,000 | 9 मिनट 12 सेकंड |
डीजीपी ने कहा कि यह सुधार पुलिस के बेहतर संसाधन प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का परिणाम है।
झारखंड पुलिस ने अपने कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को भी प्राथमिकता दी है।
जनवरी से जुलाई 2026 के बीच विभिन्न कल्याण कोषों के माध्यम से हजारों लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
| योजना | लाभार्थी | स्वीकृत राशि |
|---|---|---|
| पुलिस सहाय्य एवं कल्याण कोष | 1,007 | ₹3.69 करोड़ |
| चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष | 42 | ₹11.99 लाख |
| पुलिस शिक्षा कोष | 9,443 | ₹11.46 करोड़ |
| पुलिस परोपकारी कोष | 737 आश्रित | ₹3.93 करोड़ |
इसके अतिरिक्त 153 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति प्रदान की गई।
डीजीपी ने बताया कि 4 अगस्त 2026 को आयोजित अनुकंपा समिति की बैठक में 84 नए मामलों को नियुक्ति के लिए योग्य पाया गया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर डीजीपी ने पुलिस पदाधिकारियों की पदोन्नति और सम्मान की जानकारी भी साझा की।
मुख्य उपलब्धियां:
- 37 वीरता पदक प्राप्त अधिकारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन
- वायरलेस संवर्ग में 11 अवर निरीक्षक बने निरीक्षक
- 3 सहायक अवर निरीक्षकों को पदोन्नति
- आर्मर संवर्ग में 10 आयुधिक अवर निरीक्षक बने निरीक्षक
- 24 हवलदार बने आयुधिक अवर निरीक्षक
- 201 झारखंड सशस्त्र पुलिस हवलदारों को एएसआई श्रेणी में पदोन्नति
- 970 पुलिस पदाधिकारियों को ACP/MACP स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी
डीजीपी ने कहा कि समयबद्ध पदोन्नति और सम्मान से पुलिस बल का मनोबल मजबूत होता है तथा बेहतर कार्य संस्कृति विकसित होती है।
अपने संबोधन के समापन पर डीजीपी ने सभी पुलिसकर्मियों और नागरिकों से देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव, भाईचारा और कानून के प्रति विश्वास कायम रखने की जिम्मेदारी भी निभा रही है।
डीजीपी ने नागरिकों से साइबर अपराध, नशाखोरी, संगठित अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक रहने तथा संविधान और कानून के प्रति आस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस और जनता के सहयोग से झारखंड एक सुरक्षित, सशक्त और विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।









