Jharkhand News : रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में परियोजना पंजीकरण, शिकायत निवारण, वित्तीय अनुपालन और RERA नियमों पर विशेषज्ञ देंगे विस्तृत मार्गदर्शन
Jharkhand News : झारखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (Jharkhand RERA) 23 अगस्त 2026 को राँची के रेडिसन ब्लू होटल में एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार आयोजित करेगा। कार्यक्रम में बिल्डरों, प्रमोटरों, भूमि स्वामियों, होमबायर्स, बैंक और वित्तीय संस्थानों को रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के प्रावधानों, परियोजना पंजीकरण, वित्तीय प्रबंधन, अनुपालन प्रक्रिया और शिकायत निवारण प्रणाली की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
Jharkhand News : झारखंड में रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में झारखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (Jharkhand RERA) एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा 23 अगस्त 2026 को राँची स्थित रेडिसन ब्लू होटल में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा, जिसमें रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 यानी RERA Act के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा होगी।
यह सेमिनार सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगा और इसमें राज्यभर से बिल्डर, प्रमोटर, भूमि स्वामी, होमबायर्स, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि, रियल एस्टेट सलाहकार तथा अन्य संबंधित हितधारकों की भागीदारी अपेक्षित है।
झारखंड RERA का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि सभी हितधारकों को अधिनियम की सही समझ उपलब्ध कराना भी है। कई बार परियोजना पंजीकरण, वित्तीय अनुपालन, दस्तावेजी प्रक्रिया या खरीदारों के अधिकारों को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में यह सेमिनार व्यावहारिक समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी मंच बनेगा।
विशेषज्ञों द्वारा अधिनियम के कानूनी, प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं को सरल भाषा में समझाया जाएगा, ताकि प्रतिभागी अपने कार्यों में नियमों का सही पालन कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान RERA अधिनियम के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से प्रस्तुति दी जाएगी। प्रतिभागियों को निम्न प्रमुख विषयों पर मार्गदर्शन मिलेगा:
- रियल एस्टेट परियोजनाओं का पंजीकरण
- प्रमोटरों के अधिकार एवं कानूनी दायित्व
- आवंटियों (होमबायर्स) के अधिकार और सुरक्षा
- परियोजनाओं की समयबद्ध अनुपालन प्रक्रिया
- वित्तीय प्रबंधन एवं एस्क्रो अकाउंट से जुड़े नियम
- शिकायत दर्ज करने और निवारण की प्रक्रिया
- नियामकीय अनुपालन एवं पारदर्शिता संबंधी प्रावधान
- RERA पोर्टल और डिजिटल प्रक्रियाओं का उपयोग
इन विषयों पर विशेषज्ञ व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से जानकारी देंगे, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में नियमों के अनुप्रयोग को समझने में आसानी होगी।
RERA अधिनियम का सबसे बड़ा उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में खरीदारों और डेवलपर्स के बीच विश्वास कायम करना है। सेमिनार में बिल्डरों और प्रमोटरों को यह बताया जाएगा कि परियोजना शुरू करने से पहले किन कानूनी प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक है, जबकि होमबायर्स को उनके अधिकारों, जानकारी प्राप्त करने के अधिकार और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाएगा।
भूमि स्वामियों के लिए संयुक्त विकास परियोजनाओं (Joint Development Projects) से जुड़े नियामकीय प्रावधानों पर भी विशेष जानकारी दी जाएगी।
सेमिनार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र होगा। इस दौरान प्रतिभागी परियोजना पंजीकरण, लंबित अनुमतियों, निर्माण में देरी, वित्तीय अनुपालन, खरीदार विवाद, दस्तावेजी त्रुटियों और अन्य व्यावहारिक समस्याओं से जुड़े प्रश्न सीधे विशेषज्ञों से पूछ सकेंगे।
झारखंड RERA का मानना है कि केवल नियमों की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हितधारकों की वास्तविक चुनौतियों का समाधान भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यह खुला संवाद सत्र आयोजित किया जा रहा है।
भारत सरकार द्वारा लागू रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता लाना, खरीदारों के हितों की रक्षा करना तथा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना है।
इस कानून के तहत निर्धारित सीमा से बड़ी सभी आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं का RERA में पंजीकरण अनिवार्य होता है। साथ ही, डेवलपर को खरीदारों से प्राप्त राशि का एक बड़ा हिस्सा निर्धारित बैंक खाते (एस्क्रो अकाउंट) में रखना होता है, जिससे परियोजना के धन का उपयोग केवल उसी निर्माण कार्य में किया जा सके।
यदि कोई प्रमोटर नियमों का उल्लंघन करता है या परियोजना में अनुचित देरी होती है, तो खरीदार RERA के माध्यम से शिकायत दर्ज कर न्याय प्राप्त कर सकते हैं।
झारखंड में शहरीकरण और आवासीय परियोजनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। राँची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और देवघर जैसे शहरों में नई आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है। ऐसे समय में RERA की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि यह निवेशकों और खरीदारों का भरोसा मजबूत करने का काम करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी प्रमोटर और डेवलपर अधिनियम के प्रावधानों का सही तरीके से पालन करें तो परियोजनाओं में देरी, धोखाधड़ी और उपभोक्ता विवादों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
झारखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने राज्य के सभी बिल्डरों, प्रमोटरों, भूमि स्वामियों, होमबायर्स, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, इंजीनियर, आर्किटेक्ट तथा रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े अन्य पेशेवरों से इस सेमिनार में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।
प्राधिकरण का उद्देश्य है कि सभी संबंधित पक्ष अधिनियम की बारीकियों को समझें और नियमों के अनुरूप कार्य करते हुए झारखंड में एक पारदर्शी, विश्वसनीय और उपभोक्ता-केंद्रित रियल एस्टेट व्यवस्था को मजबूत करें।









