
झारखंड के गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रांची, चाईबासा, देवघर और गुमला जैसे ज़िले इस चेतावनी के केंद्र में हैं। वहां गर्जन के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है। कृषि कार्य, निर्माण, बिजली के पोल या ऊंचे टावरों पर काम करने वालों को विशेष रूप से सावधान रहने को कहा गया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, हवा की रफ्तार इतनी तेज़ हो सकती है कि कमजोर पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे भी गिर सकते हैं। विभाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है – “खुले मैदानों में, खासकर धातु की चीज़ों के पास खड़े न हों। वज्रपात जानलेवा साबित हो सकता है।” यह एक सामान्य मौसम अपडेट नहीं, बल्कि एक जीवन रक्षक सूचना है, जिसे नजरअंदाज करना भारी भूल होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी तंत्र की सुस्ती और सीमित संसाधनों के चलते इस तरह की आपदाएं अधिक घातक बन जाती हैं। हम सरकार से मांग करते हैं कि हर पंचायत स्तर पर चेतावनी प्रसार, तात्कालिक शेल्टर और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए। आम लोगों से हमारी अपील है कि घरों में रहें, मोबाइल चार्ज रखें, आपदा संबंधित हेल्पलाइन नंबर सेव रखें और अफवाहों से बचें।
