

Baha Festival : परंपरागत आदिवासी संस्कृति के बीच मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों संग किया पूजन, मांदर बजाकर बढ़ाया उत्साह
Baha Festival : Hemant Soren अपने पैतृक गांव Nemra पहुंचे और पारंपरिक आदिवासी त्योहार ‘बाहा पर्व’ में शामिल हुए। उन्होंने जाहेर थान में पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की।

Baha Festival : मुख्यमंत्री ने जाहेर थान में की पूजा-अर्चना
झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren अपने पैतृक गांव नेमरा में आयोजित पारंपरिक आदिवासी त्योहार ‘बाहा पर्व’ में सपरिवार शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ग्रामीणों के साथ गांव स्थित पवित्र स्थल जाहेर थान पहुंचे और पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान उन्होंने राज्य के लोगों की सुख, समृद्धि, खुशहाली और निरंतर उन्नति की कामना की।
बाहा पर्व झारखंड की आदिवासी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें प्रकृति, जंगल और धरती के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। इस पर्व में गांव के पवित्र स्थल जाहेर थान में सामूहिक पूजा का आयोजन किया जाता है और पूरे गांव में उत्सव का माहौल रहता है।

Baha Festival : परंपरागत विधि-विधान से संपन्न हुआ पूजन
परंपरा के अनुसार पूजन कार्य गांव के नाइके बाबा (पाहन) चैतन टुडू और कुडम नाइके बाबा (उप पाहन) छोटू बेसरा ने संपन्न कराया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने निवास स्थान से ग्रामीणों के साथ पदयात्रा करते हुए जाहेर थान तक पहुंचकर ‘बाहा पूजा’ में भाग लिया।
पूजा के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों जैसे ढोल, नगाड़ा और मांदर की धुन पर उत्सव मनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के साथ पूरी आत्मीयता से शामिल हुए और मांदर बजाकर लोगों का उत्साह बढ़ाया।

Baha Festival : मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहित दिखे ग्रामीण
मुख्यमंत्री के अपने पैतृक गांव पहुंचने से नेमरा और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मुख्यमंत्री से मिलने गांव पहुंचे। लोगों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत और अभिनंदन किया।
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अपने गांव में आयोजित ‘बाहा पर्व’ में शामिल होने आए हैं, जिससे गांव के लोगों का मनोबल बढ़ता है और परंपराओं के प्रति जुड़ाव मजबूत होता है।

Baha Festival : सपरिवार दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी और विधायक Kalpana Soren के साथ दो दिवसीय दौरे पर अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने सभी से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनकी समस्याएं व सुझाव सुने। इस अवसर पर उन्होंने सभी लोगों को ‘बाहा पर्व’ की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

Baha Festival : आदिवासी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है ‘बाहा पर्व’
बाहा पर्व झारखंड और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में प्रकृति पूजा और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व के दौरान लोग जंगल, पेड़-पौधों और प्रकृति की पूजा करते हैं तथा गांव में पारंपरिक नृत्य, गीत और सामूहिक आयोजन होते हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अपने पैतृक गांव में इस पर्व में शामिल होना आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है। इससे स्थानीय लोगों में गर्व और उत्साह का माहौल बना हुआ है।





