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Chatra Road Accident
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Chatra Road Accident : शादी का कार्ड छपवाने जा रहे भाई-बहन को हाईवा ने रौंदा, 12 लाख मुआवजा और मां को नौकरी

Megha Sinha
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Chatra Road Accident : सिमरिया में दर्दनाक हादसे के बाद भड़का ग्रामीणों का गुस्सा, प्रशासन की पहल से मिला इंसाफ और खुला जाम

Chatra Road Accident : झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं जब कार्ड छपवाने जा रहे भाई-बहन को एक तेज रफ्तार हाईवा ने कुचल दिया। प्रशासन और रेलवे कंपनी की पहल से पीड़ित परिवार को 12 लाख रुपये मुआवजा और मां को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया।

Chatra Road Accident : झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। शादी का कार्ड छपवाने जा रहे भाई-बहन को एक तेज रफ्तार हाईवा ने कुचल दिया, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। इस हादसे में भाई चंदन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी बहन नेहा कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई।

बताया जा रहा है कि दोनों भाई-बहन अपने घर से शादी के कार्ड छपवाने के लिए निकले थे। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं और हर तरफ खुशियों का माहौल था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखने को मिला। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोगों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और न्याय मिले। कई घंटों तक सड़क जाम रहने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता के चलते रेलवे कंपनी ने आगे आकर पीड़ित परिवार की मदद का भरोसा दिया।

समझौते के तहत मृतक चंदन के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला लिया गया। वहीं, घायल बहन नेहा के इलाज के लिए 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि देने की घोषणा की गई। इस तरह कुल 12 लाख रुपये की आर्थिक मदद सुनिश्चित की गई।

इतना ही नहीं, प्रशासन ने मानवीय पहल करते हुए मृतक की मां को नौकरी दिलाने का भी आश्वासन दिया। रेलवे कंपनी ने लिखित रूप से सहमति जताई कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मां को रोजगार दिया जाएगा, जिससे परिवार का भविष्य सुरक्षित हो सके।

प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने सड़क जाम हटा लिया। इसके बाद इलाके में आवागमन फिर से सामान्य हो सका।

सिमरिया पुलिस ने मृतक चंदन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। वहीं, घायल नेहा कुमारी का इलाज अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बेहतर इलाज देने की कोशिश कर रही है।

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर करता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न सहना पड़े।