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Chhau Festival 2026
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Chhau Festival 2026 : राजकीय चैत्र पर्व एवं छऊ महोत्सव 2026 का आगाज़, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को दिया गया आमंत्रण

Megha Sinha
Chhau Festival 2026
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Chhau Festival 2026 : 11 से 13 अप्रैल तक सरायकेला में भव्य आयोजन, तैयारियों का लिया गया जायजा

Chhau Festival 2026 : झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव 2026 के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें इस भव्य आयोजन में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
Chhau Festival 2026 : राजकीय चैत्र पर्व एवं छऊ महोत्सव 2026 का आगाज़, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को दिया गया आमंत्रण 1

Chhau Festival 2026 : झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक विरासत को जीवंत करने वाले राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव 2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इसी क्रम में आज झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री Hemant Soren से सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की।

इस मुलाकात के दौरान उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को 11 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया। यह भव्य आयोजन सरायकेला स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में किया जाएगा, जहां राज्य और देशभर से कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।

उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को महोत्सव की तैयारियों की विस्तृत जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष आयोजन को और अधिक भव्य और आकर्षक बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सुरक्षा, यातायात, और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव झारखंड की पारंपरिक लोकनृत्य शैली ‘छऊ’ को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस महोत्सव में छऊ नृत्य की विभिन्न शैलियों का प्रदर्शन किया जाता है, जिसमें स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी कलाकार भाग लेते हैं।

छऊ नृत्य अपनी अनूठी वेशभूषा, मुखौटों और पारंपरिक संगीत के लिए प्रसिद्ध है। यह नृत्य न केवल मनोरंजन का माध्यम है बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक, पौराणिक और ऐतिहासिक कथाओं को भी प्रस्तुत किया जाता है। यही कारण है कि यह महोत्सव हर वर्ष बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करता है।

इस बार के आयोजन में डिजिटल लाइटिंग, विशेष मंच सज्जा और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को एक नया अनुभव मिल सके। साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, खानपान और पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे स्थानीय कारीगरों और व्यवसायियों को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस अवसर पर आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महोत्सव के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और झारखंड की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होती है।