महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग में 62 सीडीपीओ और 237 महिला पर्यवेक्षिकाओं को मिला नियुक्ति पत्र, CM Hemant Soren ने दिए अहम निर्देश
झारखंड में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए CM Hemant Soren ने 299 नव-नियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस पहल से राज्य में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित होगी।

झारखंड की राजधानी रांची स्थित मंत्रालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण समारोह में CM Hemant Soren ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत 62 बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और 237 महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
इस अवसर को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताते हुए CM Hemant Soren ने कहा कि लंबे समय बाद इतने बड़े स्तर पर नियुक्तियां की गई हैं, जिससे विभाग की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई ताकत
CM Hemant Soren ने अपने संबोधन में महिलाओं की भूमिका को राज्य के विकास का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और राज्य की प्रगति में अहम योगदान दे रही हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी नवनियुक्त कर्मी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगी। यह नियुक्तियां खास तौर पर महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए की गई हैं।
CM Hemant Soren ने राज्य में कुपोषण की समस्या को गंभीर बताते हुए सभी नव-नियुक्त कर्मियों से इसे खत्म करने का संकल्प लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि झारखंड में आज भी कई बच्चे कुपोषण का शिकार हैं, जो समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह भविष्य के लिए गंभीर संकट बन सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं अक्सर सामने नहीं आ पातीं, जिससे छोटी समस्याएं भी गंभीर रूप ले लेती हैं। ऐसे में इन नव-नियुक्त कर्मियों की भूमिका बेहद अहम होगी।

दूरदराज क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुंच जरूरी
CM Hemant Soren ने राज्य के दुर्गम और सुदूर इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने सभी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति और समर्पण से हर चुनौती को पार किया जा सकता है और सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग देगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
Hemant Soren ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद बनाए रखने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं, सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाओं के कार्यों का नियमित मूल्यांकन किया जाए और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए।
साथ ही, उन्होंने बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी के लिए महिला कर्मियों को मोबाइल और टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

सरकार का अभिन्न हिस्सा बनकर निभाएं जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने सभी नव-नियुक्त कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि अब वे सरकार का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने दायित्वों को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहेगी और भविष्य में और भी मजबूत योजनाएं लागू की जाएंगी।

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विभागीय सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक किरण कुमार पासी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, नवनियुक्त अभ्यर्थी और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


