

Hajj 2026 : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सिविल सर्जनों के साथ की अहम बैठक, 7 फरवरी तक स्क्रीनिंग और 8 फरवरी से टीकाकरण शुरू करने का आदेश
Hajj 2026 : झारखंड सरकार ने हज 2026 पर जाने वाले हाजियों के लिए स्वास्थ्य, जांच और टीकाकरण की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क और सम्मानजनक होंगी।
Hajj 2026 : झारखंड सरकार हज 2026 की तैयारियों को लेकर पूरी तरह सक्रिय और प्रतिबद्ध नजर आ रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एवं झारखंड राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष डॉ. इरफान अंसारी ने आज राज्य भर के सभी सिविल सर्जनों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में हज यात्रा पर जाने वाले लगभग 1670 हाजियों की मेडिकल स्क्रीनिंग, इलाज और वैक्सीनेशन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी हाजियों की मेडिकल स्क्रीनिंग 7 फरवरी तक अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए और 8 फरवरी से टीकाकरण अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि हज यात्रा शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होती है, ऐसे में हर हाजी का स्वस्थ रहना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
डॉ. इरफान अंसारी ने बैठक में यह भी दोहराया कि सभी जरूरी जांच, इलाज और टीकाकरण की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा पूरी तरह निःशुल्क और सम्मानजनक तरीके से की जाएगी। किसी भी हाजी को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखने का निर्देश सभी सिविल सर्जनों को दिया गया है।
उन्होंने कहा, “हर हाजी को प्राथमिकता, सहयोग और पूरा एहतराम मिले — यह सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इंसानियत का फर्ज है।”
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि केंद्र सरकार द्वारा संसाधनों में कटौती के बावजूद झारखंड सरकार अपने हाजियों को हर संभव सुविधा के साथ हज यात्रा पर भेजने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी कीमत पर हाजियों की सुविधाओं से समझौता नहीं करेगी।
रांची से इमिग्रेशन प्वाइंट हटाए जाने के मुद्दे पर भी बैठक में गंभीर मंथन हुआ। डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि इस संबंध में हज कमेटी ऑफ इंडिया से बातचीत की गई है और जल्द ही इस दिशा में ठोस पहल किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि रांची इमिग्रेशन प्वाइंट का मुद्दा राज्य के हाजियों की सुविधा से जुड़ा है और सरकार इसे पूरी मजबूती से उठाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने भावुक शब्दों में कहा, “जज़्बा, हिम्मत और मोहब्बत को कोई नहीं रोक सकता। झारखंड सरकार पूरी ताकत से अपने लोगों के साथ खड़ी है।”
इस बैठक के बाद राज्य भर के स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि तय समयसीमा में सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें। हाजियों और उनके परिजनों में भी सरकार की इस सक्रियता से संतोष और भरोसे का माहौल देखा जा रहा है।
झारखंड सरकार की यह पहल न केवल बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि राज्य सरकार अपने नागरिकों की धार्मिक भावनाओं और जरूरतों को पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ समझती है।