Skip to content
Advertisement

झारखंड के नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर होगी 3 साल तक की सजा, अधिकतम 10 करोड़ तक जुर्माना

Advertisement
Advertisement
Advertisement
झारखंड के नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर होगी 3 साल तक की सजा, अधिकतम 10 करोड़ तक जुर्माना 1

झारखंड में अब नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा में नकल करते हुए पहली बार पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति को एक वर्ष की जेल होगी. साथ ही पांच लाख रुपये जुर्माना लगेगा. इतना ही नहीं नकल करते हुए दूसरी बार पकड़े जाने पर तीन वर्ष की सजा व 10 लाख रुपये जुर्माना लगेगा, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने झारखंड विधानसभा से पारित झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) विधेयक-2023 पर अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है.

झारखंड विधानसभा में इस विधेयक को लेकर काफी हंगामा भी हुआ था. इस विधेयक को मंजूरी मिलने पर व्यक्ति, प्रिंटिंग प्रेस, परीक्षा संचालन में षडयंत्र करने पर 10 वर्ष की सजा तथा 10 करोड़ रुपये जुर्माना लगेंगे. परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र लूटने, चोरी करने या ओएमआर शीट नष्ट करने पर संबंधित व्यक्ति को 10 वर्ष की सजा व दो करोड़ रुपये जुर्माना लगेंगे. संगठित अपराध में परीक्षा एजेंसी या कंपनी के साथ षडयंत्र करने पर 10 वर्ष की सजा व 10 करोड़ रुपये जुर्माना लगेंगे. न्यायालय द्वारा सजा होने पर संबंधित परीक्षार्थी 10 वर्ष तक प्रतियोगी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे.

सजा के प्रावधान को लेकर विधायकों ने काफी हंगामा किया था

इस विधेयक में सजा के प्रावधान को लेकर विधान सभा में काफी हंगामा हुआ था. विपक्ष ने बिल का प्रति भी फाड़ दी थी. भाजपा के विधायकों ने इसे काला कानून तक कहा था. इस विधेयक को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल चार अगस्त 2023 को राज्यपाल से मिल कर विधेयक की समीक्षा कर उचित निर्णय लेने का आग्रह भी किया था. हंगामा को देखते हुए कई विधायकों ने इसे प्रवर समिति के पास भेजने का आग्रह किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने सजा के प्रावधान को कम करने का आश्वासन दिया था, इसके बाद ही विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया.