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Jharkhand Cabinet: कैबिनेट की बैठक में मिले चिकित्सा सुरक्षा अधिनियम को मंजूरी, 40 अन्य संबद्धों पर भी लगी मोहर

Divya Kumari

Jharkhand Cabinet: पिछले कई दिनों से झारखंड में चिकित्सकों का प्रदर्शन चल रहा था. इसका कारण लगातार उस दिन डॉक्टरों के मरीज़ के परिजन द्वारा हिंसा करना था। इसे लेकर सभी राज्य के चिकित्सक सरकार से सुरक्षा की मांग कर रहे थे| जिसे लेकर हेमंत सरकार ने मेडिकल सुरक्षा अधिनियम पर अंत: मोहर लगा दिया।

बता दें कि इस अधिनियम में आपस में हमला करने वाले लोगों को दो साल की सजा का प्रावधान और जुर्माने की शमिल है। इस अधिनियम को मंत्रिपरिषद की बैठक में बुधवार को झारखंड को चिकित्सा सुरक्षा अधिनियम के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। बता दें कि इस अधिनियम में चिकित्सा सेवा से जुड़े लोगों और धारणा को हिंसा एवं संपत्ति के नुकसान से बचाने के लिए तैयार विधयेक में रहने और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा की बात कही गई है।

जिसके तहत राज्य में स्थित किसी भी चिकित्सा सेवा से जुड़े कर्मचारी और पहलु किसी के खिलाफ किसी तरह की हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर झारखंड की सरकार ठोस कार्रवाई करेंगे। सहज हों कि इस कार्रवाई के तहत अधिकतम दो साल की सजा और पचास हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। वहीं इसके लिए राज्य सरकार ‘झारखंड चिकित्सा सेवा से संबंद्ध व्यक्ति, चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा एवं संपत्ति क्षति निवारण) 2023’ को विधानसभा से पास करेगी।

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उसी के साथ उच्च न्यायालय द्वारा मुकदमा चलाया जाएगा। वहीं अपराधी व्यक्ति को निजी चिकित्सा संस्थान की संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त रूप से लागत मूल्य की राशि का भुगतान करना होगा। इस राशि को कोर्ट द्वारा तय किया जाएगा। बता दें कि बुधवार को हुई बैठक में झारखंड चिकित्सा सेवा से लोगों और साइट को हिंसा एवं संपत्ति के नुकसान से बचाने के लिए तैयार विधियों में रहने और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा की बात कही गई है एवं इसके साथ ही 40 लोगों की स्वीकृति दी गई है . वहीं चिकित्सकीय कार्रवाई अधिनियम को दूसरे के रूप में पेश किया जाएगा।

यहां से मंजूरी मिलने के बाद ये एक्ट कानून का रूप ले लेगा। इसके अनुसार चिकित्सा सेवा से जुड़े अन्य लोगों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा। वहीं इस मामले में जांच डीएसपी स्तर से कम के अधिकारी नहीं कर सकते हैं। शास्त्रीय रूप से हुई आर्थिक क्षति की गतिरोध का प्रावधान भी इस कानून में होगा। बता दें कि इस अधिनियम के लिए राज्य सरकार ने कर्नाटक, ओडिशा, केरल, गोवा, महाराष्ट्र, बिहार में सबसे पहले कानून का अध्ययन भी लागू किया है।

इस बैठक में अन्य प्रबंधकों में भी शामिल हैं, इसमें टैक्स रजिस्ट्रार, नगर निकाय चुनाव, बिजली बिल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने और राज्य के श्रेष्ठ एवं प्राथमिक अस्वास्थ्यकर आयु वर्ग के मानदेय पूर्वाग्रह शामिल हैं। बता दें बॉन्डिंग की बैठक में होल्डिंग स्टॉक कम करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सामान्य हो कि राज्य के कई नगरों में टेक्स को लेकर विरोध चल रहा था, जिस पर इसमें सुधार का फैसला लिया गया है। इस फैसले के मुताबिक होल्डिंग दर में जहां हुई थी, वहां अधिक कमी भी हुई है।

हालांकि इस पूरी प्रक्रिया के बाद राज्य में आय लगभग 20 वर्ष प्रभावित होगी। जिसके अनुसार रांची में लोग होल्डिंग टैक्स से पहले 20 प्रतिशत तक कम दे देंगे तो कुछ शहरों में यह 30 प्रतिशत तक हो सकता है। वहीं इस मामले में राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि पूरे मंडल के नगरीय क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स का औसत निकासी लोगों से वसूला जाएगा। ब्‍लॉक ब्‍लॉक्‍ड में कुल 40 व्‍यवस्‍थाओं को स्‍वीकार किया गया जिसमें कई प्रमुख सम्‍मिलित प्रस्ताव भी शामिल हैं।

Story by -Divya Kumari

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