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Jharkhand News : आईपीएच सभागार नामकुम में राज्य स्तरीय अंतर-विभागीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित

Megha Sinha
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Jharkhand News : फाइलेरिया मुक्त झारखंड की ओर बड़ा कदम

Jharkhand News : राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत झारखंड सरकार ने फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में निर्णायक पहल की है। आईपीएच सभागार, नामकुम में आयोजित राज्य स्तरीय अंतर-विभागीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान का शुभारंभ करते हुए 14 जिलों के लिए प्रचार वाहनों को रवाना किया। 10 से 26 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान के जरिए 2029 तक झारखंड को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।
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Jharkhand News : रांची। आईपीएच सभागार, नामकुम में गुरुवार को राज्य स्तरीय अंतर-विभागीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत फाइलेरिया उन्मूलन के लिए विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना और जनभागीदारी सुनिश्चित करना था। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर मास ड्रग अभियान की औपचारिक शुरुआत की।

स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी अभियान छोटा नहीं होता। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनता तक यह संदेश पहुंचता है कि अभियान उनके स्वास्थ्य के लिए है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना किसी झिझक के दवा का सेवन करें। यह दवा सुरक्षित है और शरीर में मौजूद फाइलेरिया के जीवाणुओं को नष्ट करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसहयोग के बिना किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता।

Jharkhand News : 14 जिलों में एक साथ चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के 14 जिलों—रांची, गुमला, गिरिडीह, बोकारो, साहिबगंज, पाकुड़, देवघर, पूर्वी सिंहभूम, कोडरमा, रामगढ़, सिमडेगा, धनबाद और लोहरदगा—के लिए प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान 10 फरवरी से 26 फरवरी तक चलेगा।

  • 10 फरवरी: बूथ स्तर पर फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी।
  • 11 से 26 फरवरी: स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर दवा का सेवन कराएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2029 तक झारखंड को फाइलेरिया मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि खूंटी जिला पहले ही फाइलेरिया मुक्त घोषित किया जा चुका है, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। अगस्त 2025 में 9 जिलों में सफलतापूर्वक अभियान चलाया गया था और अब 2026 में इसे और व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।

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Jharkhand News : सभी विभागों और समुदायों की सहभागिता जरूरी

फाइलेरिया उन्मूलन की सफलता के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने जन वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से भी दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साहिया, एएनएम, सीएचओ, जेएसएलपीएस की बहनें और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। किसी भी समुदाय को इस अभियान से वंचित नहीं रखा जाएगा।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में प्रयास

कार्यक्रम में मंत्री ने बताया कि झारखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। राज्य के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है। रिम्स-2 के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और किडनी ट्रांसप्लांट हॉस्पिटल की शुरुआत भी जल्द होने वाली है।

विशेषज्ञों की राय और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी

अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि जब तक हर व्यक्ति दवा का सेवन नहीं करेगा, तब तक फाइलेरिया का उन्मूलन संभव नहीं है। निदेशक प्रमुख डॉ सिद्धार्थ सागर ने दवा कवरेज को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने पर जोर दिया। स्टेट को-ऑर्डिनेटर शाज्ञा सिंह ने फाइलेरिया से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए जनप्रतिनिधियों ने भी सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी, मुखिया, प्रमुख, सहिया एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।