

Johargram — Made in Jharkhand : करमटोली चौक के पास खुले शोरूम में मिलेंगे पारंपरिक आदिवासी कपड़े, ज्वेलरी और अन्य उत्पाद
Johargram — Made in Jharkhand : राजधानी रांची में “जोहारग्राम – मेड इन झारखंड” शोरूम का शुभारंभ मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया। इस शोरूम के माध्यम से झारखंड की आदिवासी कला, संस्कृति और पारंपरिक पहनावे को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

Johargram — Made in Jharkhand : रांची में ट्राइबल फैशन को मिलेगा नया मंच
झारखंड की राजधानी रांची में आदिवासी संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज करमटोली चौक के समीप “जोहारग्राम – मेड इन झारखंड” शोरूम का फीता काटकर औपचारिक उद्घाटन किया। इस शोरूम में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के पारंपरिक आदिवासी वस्त्र उपलब्ध होंगे।
इस शोरूम का मुख्य उद्देश्य झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक पहनावे को आम लोगों तक पहुंचाना है। यहां आदिवासी साड़ियां, टी-शर्ट, बंडी, पारंपरिक परिधान और कई अन्य ट्राइबल डिजाइन वाले कपड़े उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही आदिवासी ज्वेलरी और अन्य पारंपरिक वस्तुएं भी ग्राहकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी।

Johargram — Made in Jharkhand : आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल
शोरूम के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपरा से जुड़ी हुई है। सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है जिससे आदिवासी कला, पहनावा, ज्वेलरी, व्यंजन और हस्तशिल्प को देश और दुनिया में पहचान मिल सके।
उन्होंने कहा कि इस तरह के शोरूम खुलने से न केवल स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि लोगों के बीच ट्राइबल फैशन के प्रति आकर्षण भी बढ़ेगा। इससे झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। “जोहारग्राम – मेड इन झारखंड” जैसे प्लेटफॉर्म स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए नए अवसर तैयार करेंगे।

Johargram — Made in Jharkhand : स्थानीय कारीगरों को मिलेगा लाभ
इस अवसर पर शोरूम के संचालक आशीष सत्यव्रत साहू ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि इस शोरूम के माध्यम से झारखंड की पारंपरिक कला और संस्कृति को एक नया मंच देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यहां उपलब्ध उत्पादों को स्थानीय कारीगरों और बुनकरों द्वारा तैयार किया गया है। इससे न केवल पारंपरिक कला को संरक्षित किया जा सकेगा, बल्कि कारीगरों को रोजगार और बेहतर आर्थिक अवसर भी मिलेंगे।
जोहारग्राम शोरूम झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। यहां आने वाले लोग राज्य की पारंपरिक कला, वस्त्र और संस्कृति को करीब से देख और समझ सकेंगे।
कुल मिलाकर, “जोहारग्राम – मेड इन झारखंड” शोरूम का उद्घाटन झारखंड की आदिवासी विरासत को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
