
Koderma : ठंड से बचने के लिए कमरे में रखा जलता कोयला बना जानलेवा, नींद में ही बुझ गई दो जिंदगियां
Koderma के पूरनानगर में शुक्रवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां कोयले के चूल्हे से निकली जहरीली गैस के कारण एक सैलून संचालक और उनकी पत्नी की दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।

Koderma जिले के थाना क्षेत्र अंतर्गत पूरनानगर में शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां कोयले के चूल्हे से निकलने वाली जहरीली गैस की चपेट में आकर एक सैलून संचालक और उनकी पत्नी की मौत हो गई। मृतकों की पहचान बीरेंद्र शर्मा (58 वर्ष) और उनकी पत्नी कांति देवी (52 वर्ष) के रूप में हुई है। एक ही घर में पति-पत्नी की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मृतक के पुत्र सुरेंद्र शर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार की रात करीब 11:30 बजे परिवार के सभी सदस्य भोजन करने के बाद अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे। आम दिनों में घर में गैस चूल्हे पर ही खाना बनाया जाता है, लेकिन किसी कारणवश उस रात कोयले के चूल्हे पर भोजन पकाया गया था।
खाना खाने के बाद बीरेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी ने ठंड से बचाव के लिए उसी कोयले के चूल्हे को अपने कमरे में ले जाकर आग तापी। कुछ देर बाद चूल्हे को कमरे के एक कोने में रख दिया गया। रात अधिक ठंडी होने के कारण कमरे के दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह बंद थीं। इसी दौरान जलते हुए कोयले से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस धीरे-धीरे पूरे कमरे में भर गई।

परिवार के अनुसार, दोनों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह गैस जानलेवा साबित हो सकती है। गैस के प्रभाव से पति-पत्नी गहरी नींद में चले गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
शुक्रवार की सुबह जब मृतक की बहू रोज की तरह कमरे में झाड़ू लगाने पहुंची, तो उसने सास-ससुर को बेड पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा। दोनों के नाक से खून निकल रहा था। यह दृश्य देखकर वह घबरा गई और जोर-जोर से शोर मचाने लगी। आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
परिजनों द्वारा आनन-फानन में दोनों को सदर अस्पताल Koderma ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि मौत का कारण कोयले के चूल्हे से निकला जहरीला धुआं है, जिससे दम घुट गया।
घटना की सूचना मिलने पर Koderma थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पड़ोसियों ने बताया कि बीरेंद्र शर्मा इलाके में एक सैलून संचालक के रूप में जाने जाते थे। वे बेहद मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है। लोग इस हादसे को लेकर स्तब्ध हैं और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
यह घटना ठंड के मौसम में कोयले या अंगीठी के उपयोग को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है। बंद कमरे में जलते कोयले का उपयोग जानलेवा साबित हो सकता है।
