

Koderma News :मैट्रिक परीक्षा देने जा रही नाबालिग छात्रा ने लगाई फांसी, कुछ ही घंटों में उजड़े दो परिवार
Koderma News : झारखंड के कोडरमा जिले में प्रेमी युगल की आत्महत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना डोमचांच थाना क्षेत्र की है, जहां प्रेमी की आत्महत्या की खबर मिलते ही प्रेमिका ने भी फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
Koderma News : झारखंड के कोडरमा जिला से सामने आई यह खबर बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाली है। डोमचांच थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में कुछ ही घंटों के अंतराल में दो नाबालिगों की आत्महत्या ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक ओर जहां 17 वर्षीय साहिल कुमार की मौत ने परिवार को सदमे में डाला, वहीं दूसरी ओर उसकी प्रेमिका 16 वर्षीय प्रियांशु कुमारी की आत्महत्या ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया।
डोमचांच थाना क्षेत्र के तेतरियाडीह गांव में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब साहिल कुमार के कमरे का दरवाज़ा काफी देर तक नहीं खुला। परिजनों ने कई बार आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। सुबह करीब साढ़े सात बजे दरवाज़ा तोड़ा गया तो परिजन सन्न रह गए। साहिल गैस सिलेंडर पर चढ़कर पंखे के हुक से गमछे के सहारे फांसी पर लटका मिला। परिजनों के अनुसार, साहिल एक निजी स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र था और पढ़ाई में सामान्य था।
साहिल की मौत की खबर तेज़ी से आसपास के इलाकों में फैल गई। लगभग पाँच किलोमीटर दूर, डोमचांच थाना क्षेत्र के ही पहरीडीह (बेहराडीह) गांव में रहने वाली 16 वर्षीय प्रियांशु कुमारी उस समय मैट्रिक बोर्ड की परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी। वह परीक्षा की ड्रेस पहन चुकी थी और केंद्र जाने ही वाली थी। इसी दौरान उसे अपने प्रेमी की आत्महत्या की सूचना मिली।

सूचना मिलते ही प्रियांशु बिना कुछ कहे अपने कमरे में चली गई। जब काफी देर तक वह बाहर नहीं आई तो परिजनों को चिंता हुई। कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद था। जैसे ही दरवाज़ा तोड़कर खोला गया, परिजन स्तब्ध रह गए—प्रियांशु पंखे से रस्सी के सहारे फांसी पर झूल रही थी। परिवार की खुशियां एक पल में मातम में बदल गईं।
जानकारी के अनुसार, साहिल और प्रियांशु पिछले कुछ महीनों से प्रेम संबंध में थे। दोनों की मुलाकात एक शादी समारोह में हुई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत बढ़ी। परिजनों को इसकी जानकारी मिलने पर दोनों बच्चों को समझाया भी गया था, लेकिन किशोरावस्था के भावनात्मक दबाव और असमंजस शायद इतना गहरा हो गया कि दोनों यह कठोर कदम उठा बैठे।
घटना की सूचना मिलते ही डोमचांच थाना प्रभारी अभिमन्यु कुमार पुलिस बल के साथ दोनों गांवों में पहुंचे। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कोडरमा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की गहराई से जांच कर रही है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
एक ही सुबह में दो मासूम जिंदगियां खत्म होने से तेतरियाडीह और पहरीडीह गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों की आंखें नम हैं और हर कोई इस सवाल से जूझ रहा है कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई।

विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरावस्था में भावनात्मक उतार-चढ़ाव सामान्य होते हैं। ऐसे समय में बच्चों से नियमित संवाद, उनकी बातों को गंभीरता से सुनना और समय पर काउंसलिंग बेहद आवश्यक है। यह घटना केवल दो आत्महत्याओं की खबर नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि भावनात्मक स्वास्थ्य को उतनी ही प्राथमिकता दी जाए जितनी शैक्षणिक सफलता को।
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