

Koderma News : कोडरमा नारी शक्ति वंदन सम्मेलन 2026: झुमरी तिलैया में महिलाओं का ऐतिहासिक जुटान
Koderma News : शिव वाटिका में आयोजित सम्मेलन में सामाजिक संगठनों और महिला मंडलों की व्यापक भागीदारी, विधायक नीरा यादव ने सराहा महिला सशक्तिकरण का बढ़ता प्रभाव

कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित शिव वाटिका में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में महिलाओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। विधायक नीरा यादव ने इसे सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया स्थित शिव वाटिका में मंगलवार को नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। सम्मेलन में कोडरमा की विधायक नीरा यादव की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और महिला मंडलों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। इस सम्मेलन ने ‘सर्व समाज’ की एकजुटता का परिचय देते हुए एक साझा मंच प्रदान किया, जहां महिलाओं ने अपनी आवाज़ बुलंद की और अपने अधिकारों व कर्तव्यों पर खुलकर चर्चा की।

विधायक नीरा यादव ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, उनका आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण में उनका बढ़ता योगदान देखकर उन्हें अत्यंत गर्व और खुशी की अनुभूति हो रही है।
उन्होंने आगे कहा कि आज की महिला केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि वह शिक्षा, राजनीति, व्यापार, विज्ञान और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही है। यह बदलाव देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
इस अवसर पर उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो आने वाले समय में देश की दिशा और दशा को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सम्मेलन के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। कई महिलाओं ने अपने जीवन संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा कर अन्य महिलाओं को प्रेरित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगी, बल्कि समाज के अन्य वर्गों को भी जागरूक करेंगी। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर प्रयास करेंगी और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना था, जहां वे अपनी समस्याओं को साझा कर सकें, समाधान खोज सकें और एक-दूसरे से प्रेरणा ले सकें। कार्यक्रम ने इस उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में बेहद सहायक होते हैं। इससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे नारी शक्ति वंदन अभियान का हिस्सा बनेंगे और एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
इस भव्य आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब महिलाएं एकजुट होती हैं, तो समाज में बड़े बदलाव संभव होते हैं। कोडरमा का यह सम्मेलन आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनेगा।



