Skip to content
World Economic Forum
World Economic Forum

World Economic Forum : दावोस में सीएम हेमन्त सोरेन करेंगे वैश्विक उद्योग जगत से संवाद, झारखण्ड में निवेश का देंगे आमंत्रण

Megha Sinha
World Economic Forum
World Economic Forum

World Economic Forum 2026 में झारखण्ड की मजबूत मौजूदगी, हरित ऊर्जा, टिकाऊ उद्योग और समावेशी विकास पर रहेगा फोकस

World Economic Forum : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में वैश्विक कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात कर राज्य में निवेश, हरित ऊर्जा, औद्योगिक विकास और सतत विकास मॉडल को बढ़ावा देगा।

World Economic Forum : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग लेने जा रहा है। इस वैश्विक मंच पर झारखण्ड एक स्पष्ट और सशक्त उद्देश्य के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा—राज्य में निवेश को बढ़ावा देना, वैश्विक कंपनियों को झारखण्ड आने का न्यौता देना और खुद को एक जिम्मेदार, भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में प्रस्तुत करना।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन वैश्विक उद्योग जगत के दिग्गजों, नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और निवेशकों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकों और द्विपक्षीय चर्चाओं में हिस्सा लेंगे। इन बैठकों में झारखण्ड की औद्योगिक क्षमता, नीतिगत सुधारों, स्थिर शासन प्रणाली और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को प्रमुखता से रखा जाएगा।

World Economic Forum : प्रकृति के साथ संतुलन में विकास—झारखण्ड की मूल सोच

इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखण्ड “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” की अपनी अवधारणा को मजबूती से सामने रखेगा। यह दृष्टिकोण आर्थिक विकास को पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के साथ जोड़ता है। अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके झारखण्ड को अब केवल खनिज संपन्न राज्य के रूप में नहीं, बल्कि नवाचार, सुशासन और टिकाऊ विकास के मॉडल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

World Economic Forum : वैश्विक कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात

दावोस में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित अमेरिका, स्वीडन और यूरोप की कई वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आधुनिक बुनियादी ढांचा, डिजिटल तकनीक, जलवायु-अनुकूल उद्योग और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला जैसे विषयों पर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ऊर्जा बदलाव, क्षेत्रीय नेतृत्व और बड़े पैमाने पर स्थिरता से जुड़े मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे, जहां भारत और झारखण्ड की भूमिका को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में रखा जाएगा।

World Economic Forum : झारखण्ड पेवेलियन—निवेश आकर्षण का केंद्र

दावोस में झारखण्ड की उपस्थिति का एक प्रमुख आकर्षण झारखण्ड पेवेलियन होगा, जिसका उद्घाटन 20 जनवरी को किया जाएगा। यह पेवेलियन राज्य की निवेश संभावनाओं, औद्योगिक नीतियों, सुधारों और विजन 2050 को प्रदर्शित करने का एक समर्पित मंच होगा। इसके माध्यम से झारखण्ड हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार खनन और समावेशी रोजगार की दिशा में अपनी यात्रा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।

World Economic Forum : लोगों, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित विकास मॉडल

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का मानना है कि झारखण्ड का विकास मॉडल केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें लोग, प्रकृति और स्थिरता समान रूप से शामिल हों। राज्य सरकार जिम्मेदार खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, समुदायों की भागीदारी, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है।

दावोस में झारखण्ड की यह भागीदारी राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है। यह न केवल निवेश के नए अवसर खोलेगी, बल्कि झारखण्ड को एक भरोसेमंद, पारदर्शी और दीर्घकालिक मूल्य देने वाले वैश्विक भागीदार के रूप में स्थापित करेगी।