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Koderma Food Safety Inspection : कोडरमा के जयनगर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, गोलगप्पे और मिठाइयों में मिला अखाद्य रंग

Megha Sinha

Koderma Food Safety Inspection: जयनगर बाजार, पीपचो और सर्माटांड में जांच, खाद्य सामग्री में अखाद्य रंग मिलने पर कार्रवाई

Koderma Food Safety Inspection : उपायुक्त के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों ने कई इलाकों में मिष्ठान भंडार, ठेला-खोमचा और फूड स्टॉल की जांच की। अखाद्य रंग से तैयार खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जबकि गोहाल के लड्डू कारखाने को साफ-सफाई और फूड लाइसेंस के लिए नोटिस जारी किया गया।

Koderma Food Safety Inspection : कोडरमा के जयनगर प्रखंड में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पीपचो और सर्माटांड में गोलगप्पे, चाट और मिठाइयों में अखाद्य रंग का प्रयोग मिला। विभाग ने खाद्य सामग्री नष्ट कराई और दुकानदारों को स्वच्छता, फूड लाइसेंस तथा खाद्य गुणवत्ता के नियमों का पालन करने का निर्देश दिया।

Koderma Food Safety Inspection : त्योहारों और रोजमर्रा के खानपान में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने कोडरमा जिले के जयनगर प्रखंड में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। उपायुक्त के आदेश एवं विभागीय निर्देशों के अनुसार की गई इस कार्रवाई में जयनगर बाजार, पेठियाबागी, सर्माटांड, पीपचो, बाघमारा और गोहाल स्थित मिष्ठान भंडारों, ठेला-खोमचा तथा फूड स्टॉल का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, रंगों के इस्तेमाल, साफ-सफाई, स्वच्छता और खाद्य कारोबार से संबंधित नियमों की पड़ताल की गई।

Koderma Food Safety Inspection : कोडरमा के जयनगर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, गोलगप्पे और मिठाइयों में मिला अखाद्य रंग 1

इस जांच में कुछ स्थानों पर खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात सामने आई। सर्माटांड स्थित दुर्गा मंडप और पीपचो में कई गोलगप्पा-चाट विक्रेताओं तथा मिठाई दुकानदारों द्वारा खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंग का इस्तेमाल पाया गया। विभागीय टीम ने संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कराया और कारोबारियों को भविष्य में इस तरह के रंगों का इस्तेमाल नहीं करने का सख्त निर्देश दिया। वहीं, जांच के दौरान मिलावटी पनीर नहीं मिलने की जानकारी दी गई।

खाद्य पदार्थों को आकर्षक दिखाने के लिए रंगों का इस्तेमाल कई बार ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। विशेष रूप से ऐसे रंग, जिनका उपयोग खाने-पीने की वस्तुओं में करने की अनुमति नहीं है, खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आते हैं। सर्माटांड और पीपचो में जांच के दौरान अखाद्य रंग के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने संबंधित सामग्री को नष्ट कराया।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि खाद्य पदार्थों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित या अखाद्य रंग का प्रयोग नहीं किया जाए। मिठाई, गोलगप्पे, चाट और अन्य तैयार खाद्य सामग्री बेचने वाले कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की हिदायत दी गई।

इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना भी है। बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं, इसलिए उनकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर निगरानी जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान गोहाल स्थित एक लड्डू कारखाने में साफ-सफाई और खाद्य लाइसेंस से संबंधित कमियां सामने आईं। इसके बाद संबंधित कारखाने को पर्याप्त साफ-सफाई सुनिश्चित करने और आवश्यक फूड लाइसेंस प्राप्त करने के संबंध में नोटिस जारी किया गया।

खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण के दौरान स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। गंदगी, अस्वच्छ उपकरणों और अनुचित भंडारण के कारण खाद्य सामग्री दूषित हो सकती है। ऐसे में मिठाई बनाने वाले कारखानों और दुकानों को उत्पादन स्थल, बर्तनों, उपकरणों तथा खाद्य सामग्री के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

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विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया कि वे अपने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और हाइजीन का समुचित प्रबंध करें। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

जांच अभियान के दौरान पैकेज्ड खाद्य सामग्री की लेबलिंग को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। खाद्य कारोबारियों को सुनिश्चित करने को कहा गया कि पैकेट में बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से अंकित हों। इनमें फूड लाइसेंस से संबंधित जानकारी, निर्माता का नाम और पता, निर्माण की तिथि तथा एक्सपायरी तिथि शामिल हैं।

इन जानकारियों की मदद से ग्राहक खाद्य पदार्थों के निर्माता, निर्माण और उपयोग की अवधि से संबंधित जरूरी विवरण प्राप्त कर सकते हैं। दुकानदारों को भी पैकेज्ड खाद्य सामग्री बेचते समय इन विवरणों की जांच करनी चाहिए, ताकि ग्राहकों तक सही जानकारी पहुंचे और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

विभाग ने फूड स्टॉल, कार्ट और ठेला संचालकों को अपने कारोबार से संबंधित फूड लाइसेंस प्रदर्शित करने का कड़ा निर्देश दिया। खाद्य कारोबार करने वालों के लिए आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण प्राप्त करना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सभी दुकानदारों को निर्देश दिया कि वे अपने प्रतिष्ठानों से एक्सपायरी, बासी अथवा सड़ी-गली खाद्य सामग्री को तत्काल हटाकर नष्ट करें। ऐसी सामग्री को बिक्री के लिए रखना या ग्राहकों को उपलब्ध कराना स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

मिठाई दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबों और फूड स्टॉल में खाद्य पदार्थों के भंडारण तथा उनकी उपयोग अवधि पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है। कारोबारियों को नियमित रूप से खाद्य सामग्री की जांच करनी चाहिए और खराब हो चुके उत्पादों को सुरक्षित खाद्य सामग्री से अलग रखना चाहिए।

विभाग ने कारोबारियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की बिक्री सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छता और हाइजीन के नियमों का लगातार पालन करने का निर्देश दिया।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और फूड स्टॉल संचालकों को पनीर, खोआ, मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री केवल भरोसेमंद तथा फूड लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से खरीदने का निर्देश दिया। साथ ही, खरीदारी के समय पक्का बिल प्राप्त करने पर जोर दिया गया।

खाद्य सामग्री की खरीद का बिल होने से उसके स्रोत का रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे किसी उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आने पर संबंधित आपूर्ति स्रोत की पहचान करने में भी सहायता मिल सकती है।

इसलिए कारोबारियों को केवल कीमत या दिखावट के आधार पर खाद्य सामग्री नहीं खरीदनी चाहिए। उन्हें उत्पाद की गुणवत्ता, आपूर्तिकर्ता की विश्वसनीयता और आवश्यक दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए।

जिन खाद्य कारोबारियों ने अभी तक आवश्यक फूड लाइसेंस प्राप्त नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द आवेदन करने का निर्देश दिया गया है। विभाग के अनुसार, ऐसे कारोबारी नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या सदर अस्पताल, कोडरमा स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय में जाकर लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगली जांच के दौरान बिना आवश्यक फूड लाइसेंस के कारोबार करते पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार अर्थदंड लगाने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, गलत जानकारी देकर फूड लाइसेंस प्राप्त करने वालों का लाइसेंस निलंबित करने और अर्थदंड अधिरोपित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

यह चेतावनी खाद्य कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना उनके कारोबार का आवश्यक हिस्सा है। लाइसेंस, साफ-सफाई और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने से ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होता है।

जयनगर प्रखंड में यह जांच अभियान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद और उमेश कुमार के द्वारा किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप काम करने का निर्देश दिया।

इस अभियान के जरिए विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता, सही लेबलिंग और वैध फूड लाइसेंस को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, आम उपभोक्ताओं के लिए भी यह जरूरी है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और एक्सपायरी तिथि पर ध्यान दें।

निष्कर्ष: कोडरमा के जयनगर प्रखंड में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अखाद्य रंग के इस्तेमाल पर कार्रवाई, लड्डू कारखाने को नोटिस और लाइसेंस संबंधी निर्देशों के माध्यम से विभाग ने खाद्य कारोबारियों को नियमों के पालन की याद दिलाई है। अब जरूरी है कि कारोबारी इन निर्देशों को गंभीरता से लागू करें और उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित तथा गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं।