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Koderma News: कोडरमा में मिड-डे-मील खाने के बाद 50 बच्चे बीमार, मरकच्चो के स्कूल में मची अफरा-तफरी, चिकित्सकों ने जताई फूड पॉइजनिंग की आशंका

Megha Sinha

Koderma News : मरकच्चो प्रखंड के जामू हरिजन टोला स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को मध्याह्न भोजन खाने के बाद 50 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। पेट दर्द की शिकायत के बाद कई बच्चे इतने परेशान हो गए कि जमीन पर लोटने लगे। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में विद्यालय प्रबंधन और ग्रामीणों की मदद से बच्चों को अलग-अलग वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मरकच्चो पहुंचाया गया, जहां सभी का इलाज शुरू किया गया।

Koderma News : जानकारी के अनुसार बुधवार को विद्यालय में कुल 62 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन में चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी तैयार की गई थी। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत शुरू कर दी। देखते ही देखते करीब 50 बच्चे इसकी चपेट में आ गए।

बच्चों को इलाज के लिए सीएचसी मरकच्चो ले जाने की सूचना मिलते ही उनके अभिभावक भी अस्पताल पहुंचने लगे। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल बच्चों का उपचार शुरू किया और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी।

इलाज कर रहे चिकित्सक ने प्रथम दृष्टया फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। हालांकि बच्चों के बीमार पड़ने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। मध्याह्न भोजन के नमूने की जांच कराए जाने की बात कही गई है।

घटना के बाद विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोइया रेणु देवी और पार्वती देवी ने प्रधानाध्यापिका पर गंभीर आरोप लगाए। रसोइयों का कहना है कि स्कूल के स्टोर रूम में, जहां चावल रखा जाता है, वहां साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। उनका आरोप है कि उन्हें स्टोर रूम में जाने की अनुमति नहीं दी जाती और बाहर से ही चावल उपलब्ध कराया जाता है।

रसोइया रेणु देवी ने दावा किया कि बुधवार को बच्चों के लिए जो चावल पकाया गया था, वह करीब एक वर्ष पुराना था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों के सामने आने के बाद विद्यालय में खाद्यान्न के रखरखाव और गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार, अंचल अधिकारी परमेश्वर कुशवाहा और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी सीएचसी पहुंचे और बीमार बच्चों का हालचाल जाना।

जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रेखा कुमारी ने कहा कि हर दिन की तरह बुधवार को भी बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार किया गया था। उनके अनुसार भोजन बनाने और बच्चों को खिलाने में किसी तरह की त्रुटि नहीं हुई है। भोजन के बाद बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों के अचानक बीमार पड़ने की वजह उनकी समझ से परे है।

अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने की वास्तविक वजह क्या थी और क्या मध्याह्न भोजन इसका कारण था।