Koderma News : सरकारी कार्यालय में शराब पार्टी और कर्मचारियों के बीच विवाद का मामला, RPF और GRP के पहुंचने के बाद खुला पूरा घटनाक्रम
Koderma News : कोडरमा रेलवे स्टेशन स्थित RMS कार्यालय के इंस्पेक्शन रूम में कथित शराब पार्टी के दौरान कर्मचारियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। सूचना पर RPF और GRP मौके पर पहुंची। घटना ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Koderma News : झारखंड के कोडरमा रेलवे स्टेशन स्थित रेलवे मेल सर्विस (RMS) कार्यालय से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जहां सरकारी डाक सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य होने चाहिए, वहीं कार्यालय के इंस्पेक्शन रूम में कथित तौर पर शराब पार्टी चल रही थी। इसी दौरान कार्यालय प्रभारी और दो कर्मचारियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया। सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार, बीती रात कोडरमा रेलवे स्टेशन स्थित RMS कार्यालय के निरीक्षण कक्ष में कुछ कर्मचारी मौजूद थे। आरोप है कि इस दौरान वहां शराब पार्टी चल रही थी। इसी बीच किसी बात को लेकर कार्यालय प्रभारी प्रमोद कुमार शर्मा और उनके दो सहकर्मी नवलेश राय तथा अभिषेक के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत आ गई। घटना की सूचना स्थानीय स्तर पर फैलते ही रेलवे सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
घटना की सूचना मिलने के बाद RPF और GRP की टीम तुरंत RMS कार्यालय पहुंची। बताया जाता है कि पुलिसकर्मियों ने निरीक्षण कक्ष का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन अंदर मौजूद कर्मचारियों ने पहले दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया।
इतना ही नहीं, अंदर मौजूद कर्मचारियों ने किसी भी प्रकार की मारपीट या विवाद होने से साफ इनकार किया। कुछ समय बाद कमरे के अंदर से तेज आवाजें और दरवाजा पीटने की आवाज सुनाई देने लगी, जिससे संदेह और गहरा गया।
कुछ देर बाद जब दरवाजा खोला गया तो कार्यालय प्रभारी प्रमोद कुमार शर्मा बाहर आए। इसके बाद कथित शराब पार्टी और कर्मचारियों के बीच हुए विवाद की जानकारी सामने आई।
इस घटना ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी कार्यालय में ड्यूटी के दौरान शराब पीने और फिर कर्मचारियों के बीच विवाद होना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि RMS कार्यालय में इस तरह की गतिविधियों की शिकायत पहले भी सुनने को मिलती रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी संस्थानों की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है।
घटना सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रेलवे प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगा? क्या RMS कार्यालय और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी? यदि फुटेज में शराब पार्टी या मारपीट की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि सरकारी कर्मचारी ही नियमों का उल्लंघन करेंगे तो आम जनता का भरोसा कमजोर होगा।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना के बाद मामले में दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी बातें रखी गई हैं।
- LSG संतोष कुमार चंद्रवंशी ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा।
- वहीं कार्यालय प्रभारी प्रमोद कुमार शर्मा ने भी घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
हालांकि दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर रेलवे प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है। यदि जांच में सरकारी कार्यालय में शराब सेवन, अनुशासनहीनता या मारपीट की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।









