Koderma News : तिलैया थाना क्षेत्र से बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही एसपी ने जिले के सभी थानों को किया अलर्ट, सघन वाहन जांच और छापेमारी के बाद पुलिस ने आरोपी को दबोचा। गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ पहले से डकैती और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं।
Koderma News : कोडरमा के तिलैया थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग बच्ची को पुलिस ने महज दो घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में बोकारो निवासी मन्टु कुमार महतो गिरफ्तार। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया।
Koderma News : झारखंड के कोडरमा जिले से एक राहत भरी खबर सामने आई है। तिलैया थाना क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग बच्ची को कोडरमा पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और जिलेभर में सघन जांच अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और विभिन्न थानों के बीच बेहतर समन्वय के कारण बच्ची को सुरक्षित बरामद करने में सफलता मिली। वहीं, इस मामले में बच्ची को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से बच्ची के परिजनों ने राहत की सांस ली है। बच्चों की सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर पुलिस की तत्परता एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कोडरमा की ओर से 31 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, तिलैया थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बच्ची के लापता होने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। मामला एक नाबालिग बच्ची से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया। सूचना मिलते ही कोडरमा के पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जिले के सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट कर दिया।
इसके साथ ही बच्ची की तलाश के लिए जिले के अलग-अलग इलाकों में सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ संभावित स्थानों पर छापेमारी भी शुरू की गई। पुलिस टीमों को आपसी समन्वय के साथ जल्द से जल्द बच्ची का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
पुलिस ने इस पूरे मामले में मानवीय पहलुओं के साथ तकनीकी जानकारी का भी विश्लेषण किया। अलग-अलग स्तर पर की गई जांच और त्वरित कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि महज दो घंटे के भीतर पुलिस बच्ची तक पहुंचने में सफल रही। बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया और मामले में संलिप्त होने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान मन्टु कुमार महतो के रूप में हुई है। वह बोकारो जिले के पेटवार थाना क्षेत्र अंतर्गत चरगी गांव का निवासी है। उसके पिता का नाम स्वर्गीय तिलक राम महतो बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पर नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने का आरोप है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस मामले में आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, उसके खिलाफ पहले भी डकैती और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ऐसे में पुलिस की जांच में आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, किसी भी मामले में आरोपी के खिलाफ अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होती है।
कोडरमा पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, गिरफ्तार मन्टु कुमार महतो के खिलाफ पूर्व में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पहला मामला वर्ष 2018 का है। कसमर थाना कांड संख्या 76/18 के तहत आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 395 और 412 के अलावा आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह मामला डकैती और उससे जुड़े अपराधों से संबंधित बताया गया है।
वहीं, दूसरा मामला वर्ष 2021 का है। पेटवार थाना कांड संख्या 79/21 के तहत आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। फिलहाल, पुलिस वर्तमान मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली, जिसमें कई सामान बरामद किए गए। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, आरोपी के पास से दो कीपैड मोबाइल फोन और एक जियो सिम कार्ड बरामद हुआ है।
इसके अलावा एक आधार कार्ड, एक वोटर कार्ड, एक पैन कार्ड और दो एटीएम कार्ड भी पुलिस ने जब्त किए हैं। तलाशी के दौरान एक नीले रंग की पॉकेट डायरी भी बरामद की गई है।
पुलिस इन बरामद सामानों की जांच कर रही है। मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं। हालांकि, इन सामानों का बच्ची के लापता होने की घटना से क्या संबंध है, इस बारे में विस्तृत जानकारी पुलिस की आगे की जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
इस पूरे अभियान में तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। टीम में पुलिस अवर निरीक्षक पिंकी रानी, पुलिस अवर निरीक्षक पवन राम और तिलैया थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस टीम ने सूचना मिलने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए संभावित स्थानों पर जांच और छापेमारी की। जिले के विभिन्न थानों को अलर्ट करने और समन्वित प्रयासों के कारण कम समय में बच्ची को बरामद किया जा सका।
फिलहाल, तिलैया थाना पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाए और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाए।
कोडरमा की यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। आज के समय में बच्चों को सुरक्षित रखना केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें अभिभावकों और समाज की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है।
बच्चों को छोटी उम्र से ही अनजान लोगों से सतर्क रहने और किसी भी व्यक्ति के बहकावे में नहीं आने की सीख देना जरूरी है। उन्हें यह समझाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति यदि उन्हें बिना परिजनों की जानकारी के कहीं जाने, कोई सामान देने या किसी के साथ चलने के लिए कहता है, तो इसकी जानकारी तुरंत घरवालों को दें।
इसके साथ ही अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों, उनके संपर्क और उनके आसपास के माहौल पर भी ध्यान देना चाहिए। बच्चों को डराने के बजाय उनके साथ ऐसा भरोसेमंद रिश्ता बनाना जरूरी है, ताकि वे किसी भी परेशानी या संदिग्ध घटना के बारे में खुलकर बता सकें।
अगर कभी कोई बच्चा लापता हो जाता है, तो परिवार को बिना देर किए पुलिस को सूचना देनी चाहिए। शुरुआती समय में मिलने वाली जानकारी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई किसी संभावित अनहोनी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

