Koderma News : 19 जुलाई को सुभाष चौक से संकट मोचन मंदिर तक निकलेगी भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा, हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना
Koderma News: झारखंड के कोडरमा जिले के धार्मिक इतिहास में पहली बार भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा का आयोजन होने जा रहा है। आगामी 19 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के तत्वावधान में झुमरीतिलैया शहर में भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन माता सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर जिले भर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
रथ यात्रा की तैयारियों को लेकर रविवार को कोडरमा रेलवे स्टेशन स्थित काली मंदिर परिसर में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें इस्कॉन के पदाधिकारियों ने आयोजन की रूपरेखा, रथ की विशेषताओं और यात्रा मार्ग की विस्तृत जानकारी साझा की।

पहली बार कोडरमा की धरती पर होगा ऐतिहासिक आयोजन
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए इस्कॉन हजारीबाग के कोऑर्डिनेटर डॉ. केशव आनंद दास ने बताया कि इस्कॉन द्वारा प्रत्येक वर्ष हजारीबाग, चौपारण सहित कई स्थानों पर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है। लेकिन इस वर्ष पहली बार कोडरमा में इस भव्य धार्मिक आयोजन का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज को एकता, प्रेम, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने वाला महापर्व है। इस आयोजन के माध्यम से जिले के लोगों को भगवान जगन्नाथ के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
40 फीट ऊंचा आधुनिक रथ होगा मुख्य आकर्षण
इस बार रथ यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण 40 फीट ऊंचा अत्याधुनिक रथ होगा। आयोजकों के अनुसार यह रथ झारखंड के सबसे बड़े और आधुनिक तकनीक से तैयार किए गए रथों में शामिल है।
रथ की सबसे खास विशेषता यह है कि आवश्यकता पड़ने पर इसकी ऊंचाई 40 फीट से घटाकर लगभग 16 फीट तक की जा सकती है। पूरा रथ आधुनिक तकनीक से लैस है और इसे रिमोट ऑपरेटेड सिस्टम के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
रथ की चौड़ाई लगभग 12 फीट रखी गई है। इसकी सजावट में उच्च गुणवत्ता वाली जापानी सिल्क का उपयोग किया गया है, जिससे इसका स्वरूप और अधिक आकर्षक दिखाई देगा। रथ के शीर्ष पर लगभग तीन फीट ऊंचा सुदर्शन चक्र स्थापित किया गया है, जबकि आगे चार घोड़ों की प्रतिकृति इसे पारंपरिक और भव्य स्वरूप प्रदान करेगी।
हजारों श्रद्धालु खींचेंगे रथ
आयोजकों के अनुसार रथ के दोनों ओर 100 से 150 फीट लंबी मजबूत रस्सियां लगाई जाएंगी। इन्हीं रस्सियों को पकड़कर हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचेंगे।
हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इसी कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इस यात्रा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
सुभाष चौक से संकट मोचन मंदिर तक निकलेगी यात्रा
रथ यात्रा का शुभारंभ सुभाष चौक से होगा। इसके बाद यात्रा झंडा चौक, महाराणा प्रताप चौक, मौसीबाड़ी होते हुए संकट मोचन मंदिर पहुंचेगी।
पूरे मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा, जलपान और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की जाएगी।
भजन-कीर्तन से भक्तिमय होगा पूरा शहर
रथ यात्रा के दौरान विभिन्न कीर्तन मंडलियां हरिनाम संकीर्तन, भजन और धार्मिक गीतों की प्रस्तुति देंगी। ढोल, मृदंग, झांझ और करताल की मधुर ध्वनि के बीच पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा।
इस्कॉन के भक्त पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य और संकीर्तन करते हुए भगवान जगन्नाथ की महिमा का गुणगान करेंगे। आयोजन समिति का दावा है कि यह धार्मिक आयोजन कोडरमा में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
देशभर में विशेष महत्व रखती है भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का विशेष महत्व ओडिशा के पुरी से जुड़ा हुआ है, जहां हर वर्ष विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा निकाली जाती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस्कॉन देश और विदेश के विभिन्न शहरों में भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्राओं का आयोजन करता है।
कोडरमा में पहली बार इस परंपरा की शुरुआत होने से स्थानीय श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। धार्मिक जानकारों का मानना है कि इससे जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा मिलेगी।
प्रेस वार्ता में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में इस्कॉन तिलैया के कोऑर्डिनेटर वीर भद्र दास, इस्कॉन जुहू (मुंबई) से आए आईआईटीयन निकेतन, विश्व हिन्दू परिषद के प्रवीण चन्द्रा, इस्कॉन तिलैया के सदस्य कृष्णा प्रभु, मुकेश प्रभु, रवींद्र प्रभु, बिक्की प्रभु, अमन प्रभु, सागर, नीतीश बर्नवाल, शुभम प्रभु, उमेश प्रभु, इस्कॉन हजारीबाग के हितेश प्रभु और उज्ज्वल प्रभु सहित जिले के अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जिलेवासियों से अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील
आयोजन समिति ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार सहित इस ऐतिहासिक रथ यात्रा में शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का महोत्सव है।
19 जुलाई को होने वाली यह भव्य रथ यात्रा न केवल कोडरमा के धार्मिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में इसे जिले की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में भी शामिल किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

