Koderma News : कोडरमा में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ पेपर लीक मामलों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। झुमरी तिलैया में पुतला दहन कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
Koderma News : कोडरमा में धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन: पेपर लीक के विरोध में झामुमो का प्रदर्शन, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग
Koderma News: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की कोडरमा जिला समिति ने गुरुवार को कथित पेपर लीक की घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान झुमरी तिलैया में जुलूस निकाला गया और झंडा चौक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व झामुमो के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पांडे ने किया। दोपहर करीब 3:30 बजे झुमरी तिलैया के ब्लॉक रोड से पार्टी कार्यकर्ता हाथों में झंडे और बैनर लेकर जुलूस की शक्ल में निकले। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने “हेमंत सोरेन जिंदाबाद”, “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “नरेंद्र मोदी हाय-हाय” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए झंडा चौक पहुंचा, जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया गया।
पेपर लीक के मामलों पर जताई नाराजगी
पुतला दहन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पांडे ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का विश्वास कमजोर हो रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था और युवाओं पर निर्भर करता है। यदि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगें तो इससे युवाओं का मनोबल टूटता है और रोजगार की उम्मीदें भी प्रभावित होती हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की मांग की।
युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता
झामुमो के जिला प्रवक्ता वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने भी प्रदर्शन के दौरान अपनी बात रखते हुए कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं में असुरक्षा और निराशा का माहौल पैदा कर दिया है। उनका कहना था कि कई वर्षों तक कठिन परिश्रम करने वाले अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षाएं रद्द होने या विवादों में घिरने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था के प्रति केंद्र सरकार का रवैया संतोषजनक नहीं है। उनके अनुसार, देश के युवा निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि झामुमो युवाओं की इन मांगों का समर्थन करता है और केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने का आग्रह करता है।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं का कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित बनाया जाए ताकि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास मजबूत होगा।
रोजगार और शिक्षा के मुद्दे भी उठाए
झामुमो नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान केवल पेपर लीक का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि देश के लाखों शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में हैं और सरकार को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के साथ रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
नेताओं का कहना था कि यदि भर्ती परीक्षाओं में लगातार विवाद होते रहेंगे तो युवाओं का विश्वास सरकारी तंत्र से उठ सकता है। इसलिए समय रहते ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
संगठन ने दोहराई अपनी मांग
झामुमो जिला समिति ने कहा कि वह देशभर के युवाओं की आवाज के साथ खड़ी है। पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए, भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा युवाओं को समयबद्ध और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाए।
संगठन ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और रोजगार के अवसरों का विस्तार देश के विकास के लिए आवश्यक है। पार्टी के अनुसार, युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ता
इस विरोध प्रदर्शन में झामुमो के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में कोडरमा प्रखंड अध्यक्ष चंद्रदेव यादव, प्रखंड सचिव उमेश यादव, युवा मोर्चा अध्यक्ष मोहम्मद सद्दाम, इरफान अंसारी, डोमचांच प्रखंड सचिव मोहम्मद अशरफ, नगर अध्यक्ष दीपक विश्वकर्मा सहित जिला समिति के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
राजनीतिक और सामाजिक महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा लंबे समय से राष्ट्रीय बहस का विषय रहा है। विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में समय-समय पर पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं, जिसके कारण लाखों अभ्यर्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
कोडरमा में झामुमो द्वारा किया गया यह प्रदर्शन भी इसी व्यापक मुद्दे को लेकर आयोजित किया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाना और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार की मांग करना है। वहीं, इस मामले पर केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
