Koderma News : कोडरमा में संयुक्त जांच अभियान के दौरान तीन दुकानों से 1,500 रुपये जुर्माना वसूला गया, बिना लाइसेंस चल रहे खाद्य प्रतिष्ठानों को चेतावनी
Koderma News : जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट और तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने संयुक्त जांच अभियान चलाया। कोडरमा विभागीय एवं उपायुक्त के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, कोडरमा तथा टोबैको कंट्रोल सेल की संयुक्त टीम ने कोलटेक्स, जे.जे. कॉलेज और होली फैमिली हॉस्पिटल के आसपास संचालित करीब 15 ठेला-खोमचा और फूड स्टॉलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की गई।
अभियान के दौरान जे.जे. कॉलेज के समीप एक ठेले पर बेचे जा रहे छोले में कैंसरकारक अखाद्य रंग पाए जाने की बात सामने आई। टीम ने संबंधित छोले को तत्काल नष्ट कर दिया और मामले में अग्रेतर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, जयनगर मोड़ के समीप एक दुकान में फफूंद लगे केक के 15 पैकेट भी नष्ट किए गए। खुला सिगरेट और गुटखा बेचने के मामले में तीन दुकानों से कुल 1,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
संयुक्त टीम ने कोडरमा के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क किनारे संचालित ठेला-खोमचा, फूड कार्ट और छोटे-बड़े खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम ने यह देखा कि वहां बेची जा रही खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।
खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि पैकेज्ड और डिब्बाबंद खाद्य सामग्री की बिक्री से पहले उसके पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि या एक्सपायरी तिथि और निर्माता का पूरा पता अवश्य जांचें। टीम ने चेतावनी दी कि इन प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्माता और विक्रेता दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
जांच अभियान के दौरान सबसे गंभीर मामला जे.जे. कॉलेज के समीप सामने आया। यहां एक ठेले पर बेचे जा रहे छोले की जांच में कैंसरकारक अखाद्य रंग पाया गया। खाद्य सुरक्षा टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कर दिया।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया कि खाद्य पदार्थों में केवल FSSAI से मान्य फूड कलर का ही उपयोग किया जाए और उसकी मात्रा भी निर्धारित सीमा के भीतर हो। टीम ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान टीम ने विभिन्न दुकानों और फूड स्टॉलों में बेचे जा रहे पनीर, खोआ, मिठाई, चाट, छोले और चटनी की गुणवत्ता की जांच की। संचालकों को मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री से बचने और साफ-सफाई के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
मिठाई विक्रेताओं को भी विशेष निर्देश दिया गया कि मिठाइयों पर मिलावटी वर्क का उपयोग न किया जाए। इसके स्थान पर केवल शुद्ध चांदी का वर्क लगाने की हिदायत दी गई। खाद्य सामग्री के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री और FSSAI से मान्य खाद्य योजकों के उपयोग पर जोर दिया गया।
जांच के दौरान कई खाद्य प्रतिष्ठानों के पास फूड लाइसेंस नहीं पाया गया। ऐसे सभी दुकानदारों और खाद्य विक्रेताओं को अविलंब फूड लाइसेंस के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया गया। उन्हें नजदीकी प्रज्ञा केंद्र अथवा सदर अस्पताल, कोडरमा स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।
टीम ने चेतावनी दी कि अगली जांच में बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करते पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गलत जानकारी देकर फूड लाइसेंस प्राप्त करने वाले कारोबारियों का लाइसेंस निलंबित करने के साथ-साथ आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।
तंबाकू नियंत्रण अभियान के तहत टीम ने दुकानों की जांच की। इस दौरान खुला सिगरेट और गुटखा बेचने के आरोप में तीन दुकानों से कुल 1,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
दुकानदारों को बताया गया कि खुला सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री कोटपा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है। सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और अस्पतालों सहित निर्धारित स्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। सभी संबंधित दुकानदारों को आवश्यक चेतावनी संबंधी पोस्टर प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप के माध्यम से प्राप्त दो शिकायतों की भी जांच की। जयनगर मोड़ के समीप संचालित मेधा दूध की दुकान के संबंध में फफूंद लगे केक की बिक्री की शिकायत प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान दुकान से फफूंद लगे केक के 15 पैकेट पाए गए, जिन्हें टीम ने नष्ट कर दिया। मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा झंडा चौक के समीप स्थित तिलैया ग्रेन किराना दुकान में मिथ्याछाप चूड़ा बेचे जाने की शिकायत मिली थी। जांच के बाद संबंधित दुकान को नोटिस जारी कर अग्रेतर कार्रवाई शुरू की गई है।
झुमरी तिलैया स्थित बंदना स्वीट्स के संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत मिलने के बाद जांच टीम ने प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। टीम ने कारखाना, स्टोर और रेस्टोरेंट का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जांच के बाद प्रतिष्ठान को अपने फूड लाइसेंस में आवश्यक संशोधन कराने के लिए कहा गया। साथ ही नमकीन और बेकरी उत्पादों के पैकेट पर अनिवार्य रूप से ‘यूज बाय’ और ‘बेस्ट बिफोर’ तिथि अंकित करने का निर्देश दिया गया। प्रतिष्ठान में कार्यरत कर्मियों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण दिलाने की भी हिदायत दी गई।
टीम ने मिठाई निर्माण में हाइड्रो रसायन का उपयोग नहीं करने और केवल FSSAI से मान्य खाद्य योजकों के इस्तेमाल का सख्त निर्देश दिया।
संयुक्त जांच टीम ने सभी खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई, स्वच्छता और हाइजीन के निर्धारित मानकों का पालन करने का निर्देश दिया। फूड स्टॉल, कार्ट और ठेलों पर फूड लाइसेंस को प्रमुखता से प्रदर्शित करने की सख्त हिदायत दी गई।
दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठानों में रखी एक्सपायरी, बासी या सड़ी-गली खाद्य सामग्रियों को तत्काल नष्ट करने के लिए कहा गया। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और फूड स्टॉल संचालकों को निर्देश दिया गया कि पनीर, खोआ, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री केवल भरोसेमंद और फूड लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों से पक्का बिल लेकर ही खरीदें।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्थानीय विक्रेताओं से खरीदी जाने वाली पैकेज्ड खाद्य सामग्री जैसे मसाला, नमकीन, मिक्सचर, लड्डू, सॉस, कैंडी, पानी की बोतल और कोल्ड ड्रिंक आदि की खरीद-बिक्री को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए।
कारोबारियों से कहा गया कि किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले उसके पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि और निर्माता का पूरा पता अवश्य जांचें। साथ ही खाद्य सामग्री की खरीद का पक्का बिल लेना भी जरूरी है।
जांच टीम ने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे। यदि किसी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा नियमों, स्वच्छता मानकों या लाइसेंस संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जांच अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, कोडरमा श्री अभिषेक आनंद, जिला परामर्शी श्री दीपेश कुमार, खाद्य सुरक्षा कार्यालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर श्री धर्म प्रसाद सहित अन्य कर्मी शामिल थे। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि संदिग्ध, मिलावटी, एक्सपायरी या असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री की जानकारी संबंधित विभाग को दें।









