Koderma News : कोडरमा समाहरणालय में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस में भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, पेंशन, आवास, राशन, पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी शिकायतों पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी कार्रवाई के निर्देश दिए।
Koderma News : जिले के आमजनों की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित समाधान की दिशा में प्रशासन की ओर से लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में समाहरणालय में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस के अवसर पर उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। उपायुक्त ने आमजनों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को शिकायतों की नियमानुसार जांच कर उनका त्वरित, समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान जिले के अलग-अलग प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा। कार्यक्रम के दौरान भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, पेंशन, प्रधानमंत्री एवं अन्य आवास योजनाओं, राशन, पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन एवं शिकायतें प्रस्तुत की गईं।
जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान भूमि से संबंधित समस्याएं भी प्रमुख रूप से सामने आईं। आमजनों ने जमीन विवाद, दाखिल-खारिज एवं अन्य राजस्व संबंधी मामलों को लेकर आवेदन दिया। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों की नियमानुसार जांच करने और लंबित मामलों के निष्पादन में अनावश्यक देरी नहीं करने का निर्देश दिया।

भूमि विवाद और दाखिल-खारिज से जुड़े मामले आम लोगों के लिए लंबे समय तक परेशानी का कारण बनते हैं। कई लोगों को राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाए और नियमों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जन शिकायत निवारण दिवस में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित समस्याएं भी सामने आईं। कई लोगों ने पेंशन से जुड़ी अपनी शिकायतें एवं आवेदन प्रस्तुत किए। वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से जुड़े मामलों के निष्पादन को लेकर भी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। किसी भी पात्र व्यक्ति को केवल प्रशासनिक देरी या तकनीकी कारणों से योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया।
आमजनों ने आवास योजनाओं, राशन व्यवस्था और पेयजल से संबंधित समस्याएं भी उपायुक्त के समक्ष रखीं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों ने अपनी-अपनी स्थानीय समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को शिकायतों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए शिकायतों के निष्पादन में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करना आवश्यक है।
पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़ी शिकायतों को भी गंभीरता से लेने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को कहा गया कि संबंधित मामलों की जांच कर उपलब्ध संसाधनों और नियमों के अनुसार आवश्यक समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए।
जन शिकायत निवारण दिवस में सड़क और बिजली की समस्याओं को लेकर भी लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समस्याएं आमजनों के दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं। इसे देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक जांच और कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों की शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। हर शिकायत की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर उसके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। जिन मामलों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता हो, वहां आपसी समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान किया जाए।
जन शिकायत निवारण दिवस में शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित आवेदन एवं शिकायतें भी प्रस्तुत की गईं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन महत्वपूर्ण जनसेवाओं से जुड़े मामलों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाए।
शिक्षा और स्वास्थ्य आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़े विषय हैं। ऐसे में इनसे संबंधित शिकायतों का समय पर निष्पादन प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर संबंधित आवेदक को कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान प्राप्त आवेदनों का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों और पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिकायतों पर की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाना चाहिए।
कई बार शिकायतें विभिन्न स्तरों पर लंबित रह जाती हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। इसे देखते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को लंबित मामलों की स्थिति की लगातार समीक्षा करने और आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के निष्पादन की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। संबंधित पदाधिकारी प्रत्येक मामले की जांच नियमों के अनुसार करें और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने विशेष रूप से कहा कि आमजनों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को राहत देना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निष्पादन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी मामले में अतिरिक्त जांच की आवश्यकता है तो उसे भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र पूरा किया जाए।
जन शिकायत निवारण दिवस जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों को अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलता है। इससे प्रशासन को जमीनी स्तर पर लोगों की वास्तविक समस्याओं की जानकारी प्राप्त होती है और संबंधित विभागों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।
जन शिकायत निवारण दिवस के अवसर पर उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निष्पादन केवल समय पर ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। किसी भी शिकायत के समाधान के दौरान नियमों और प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक है।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा करें और शिकायतकर्ताओं को वास्तविक समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में काम करें। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि एक ही प्रकार की समस्याओं से जुड़े मामलों का समय पर निष्पादन हो और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
कोडरमा समाहरणालय में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस ने एक बार फिर आमजनों और जिला प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम उपलब्ध कराया। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे उपायुक्त के समक्ष रखा और प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूमि विवाद से लेकर पेंशन, आवास, राशन, पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक बड़ी संख्या में जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। उपायुक्त के निर्देश के बाद अब संबंधित विभागों और अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे आवेदनों की जांच कर निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई करें।
जन शिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन से आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा। उपायुक्त ने अधिकारियों को लंबित मामलों को प्राथमिकता देने और प्रत्येक शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश देकर स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।









