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Koderma News : कोडरमा DVC प्लांट में ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग, दमकल की दो गाड़ियों ने पाया काबू

Koderma News : जयनगर के बांझेडीह स्थित KTPS प्लांट में टरबाइन नंबर-2 के पास हुआ हादसा, आग लगने के कारणों की जांच जारी

Koderma News : कोडरमा के जयनगर स्थित डीवीसी केटीपीएस थर्मल पावर प्लांट में सोमवार शाम ट्रांसफार्मर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग निर्माणाधीन यूनिट के टरबाइन नंबर-2 के पास लगी थी। सूचना मिलने के बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। राहत की बात रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

Koderma News जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के बांझेडीह स्थित डीवीसी केटीपीएस थर्मल पावर प्लांट में सोमवार शाम अचानक ट्रांसफार्मर में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने के बाद ट्रांसफार्मर से तेज लपटें उठने लगीं, जिसके चलते प्लांट परिसर में मौजूद कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों और प्रशासन को दी गई।

बताया गया कि आग प्लांट की निर्माणाधीन यूनिट में टरबाइन नंबर-2 के पास लगे ट्रांसफार्मर में लगी थी। आग की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग को जानकारी दी गई। इसके बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।

दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने के कारण इसे ट्रांसफार्मर के आसपास मौजूद अन्य उपकरणों और प्लांट के दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोक लिया गया। इससे संभावित बड़े नुकसान को टालने में मदद मिली।

इस घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग पर पूरी तरह नियंत्रण के बाद प्लांट परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। हालांकि, ट्रांसफार्मर में आग लगने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

शुरुआती तौर पर आग लगने के पीछे शॉर्ट-सर्किट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसे अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। घटना की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग किस तकनीकी खराबी या अन्य वजह से लगी। प्लांट प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

निर्माणाधीन यूनिट में हुआ हादसा

गौरतलब है कि यह घटना डीवीसी केटीपीएस प्लांट की निर्माणाधीन नई यूनिट के क्षेत्र में हुई है। केटीपीएस में 800-800 मेगावाट की दो अतिरिक्त इकाइयों के निर्माण की योजना है। इन इकाइयों के पूरा होने के बाद प्लांट की कुल क्षमता करीब 2600 मेगावाट तक पहुंचाने की योजना है।

निर्माणाधीन बिजली परियोजनाओं में बड़े विद्युत उपकरणों और ट्रांसफार्मरों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में किसी उपकरण में आग लगने की घटना सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि, इस घटना के बाद किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है।