Koderma News : कोडरमा में वर्ष 2024 के सामूहिक दुष्कर्म मामले में अदालत ने रोहित कुमार उर्फ रोहित रजवार और चंदन कुमार को दोषी ठहराया। दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। पीड़िता को मुआवजा दिलाने का भी निर्देश।
Koderma News : नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और उसके भाई को बंधक बनाकर मारपीट करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह स्पेशल पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश सचिंद्रनाथ सिंह की अदालत ने शनिवार को दो दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
पॉक्सो केस संख्या 01/2025 में अदालत ने दिबोर निवासी रोहित कुमार उर्फ रोहित रजवार (19) पिता स्वर्गीय पप्पू रजवार और चंदन कुमार (20), पिता- विजय रजवार को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा बीएनएस की धारा 76 के तहत पांच वर्ष सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 115(2) के तहत एक वर्ष तथा धारा 126(2) के तहत एक माह के कारावास की सजा सुनाई गई।
2024 में जंगल में ले जाकर किया था दुष्कर्म
मामला वर्ष 2024 का है। इस संबंध में कोडरमा थाना कांड संख्या 240/2024 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी के अनुसार नाबालिग अपने भाई के साथ पहाड़ी क्षेत्र में ढिबरा चुनने गई थी। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद रोहित रजवार, चंदन रजवार और एक अन्य युवक ने दोनों के साथ मारपीट की और उन्हें जबरन जंगल की ओर ले गए।
आरोपियों ने नाबालिग के भाई के हाथ-पैर बांधकर उसे पेड़ से बांध दिया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे से रात नौ बजे तक नाबालिग के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया। आरोपियों पर नाबालिग के आभूषण, उसके भाई का मोबाइल और 1200 रुपये नकद छीनने का भी आरोप था। घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी देने की बात भी प्राथमिकी में कही गई थी।
10 गवाहों का कराया गया परीक्षण
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी की। अभियोजन ने अदालत में 10 गवाहों का परीक्षण कराया। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुधीर कुमार ने पक्ष रखा। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को मुआवजा दिलाने का भी निर्देश दिया है। मामले का एक अन्य आरोपी घटना के समय नाबालिग था, इसलिए उसके खिलाफ अलग से सुनवाई चल रही है।









