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Koderma Valley road accident : नौवां माइल पर आधा दर्जन वाहन आपस में टकराए, पूरी रात लगा रहा जाम

Megha Sinha

Koderma Valley road accident : मूसलाधार बारिश, फिसलन और घुमावदार ढलान बनी हादसे की वजह, ट्रक और हाईवा पलटने के बाद कई वाहन भिड़े, सुबह तक राहत कार्य जारी

Koderma Valley road accident : कोडरमा घाटी के नौवां माइल के पास देर रात ट्रक और हाईवा पलटने के बाद आधा दर्जन वाहन आपस में टकरा गए। बारिश और फिसलन के कारण हुए इस हादसे से रांची-पटना मुख्य मार्ग पर कई घंटों तक जाम लगा रहा। पढ़ें पूरी खबर।

कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में रांची-पटना मुख्य मार्ग स्थित कोडरमा घाटी के नौवां माइल के समीप बुधवार देर रात भीषण सड़क दुर्घटना हुई। लगातार हो रही बारिश, सड़क पर फिसलन और घाटी के घुमावदार ढलान के कारण एक के बाद एक कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में ट्रक और हाईवा के पलटने के बाद पीछे से आ रहे तीन से चार अन्य वाहन भी अनियंत्रित होकर आपस में टकरा गए। देखते ही देखते रांची-पटना राष्ट्रीय मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और दोनों ओर कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। राहत और बचाव कार्य पूरी रात चलता रहा, जिसके बाद गुरुवार सुबह धीरे-धीरे यातायात सामान्य कराया जा सका।

Koderma Valley road accident : नौवां माइल पर आधा दर्जन वाहन आपस में टकराए, पूरी रात लगा रहा जाम 1

ट्रक पलटने से सड़क पर बिखर गया रेडीमेड कपड़ों का सामान

सदर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि बुधवार रात करीब नौ बजे बिहार से रेडीमेड कपड़ों से लदा एक ट्रक रांची की ओर जा रहा था। जैसे ही ट्रक कोडरमा घाटी के नौवां माइल के पास पहुंचा, चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक सड़क पर पलट गया। दुर्घटना के बाद ट्रक में लदे रेडीमेड कपड़ों के कार्टन पूरी सड़क पर बिखर गए, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।

इस दुर्घटना में ट्रक चालक सुनील साव को हल्की चोटें आईं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अरविंद कुमार, एसआई धनेश्वर कुमार और पुलिस बल क्रेन के साथ मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद ट्रक को सड़क किनारे हटाया गया और बिखरे हुए कार्टनों को हटाने का कार्य शुरू किया गया।

राहत कार्य के बीच पलटी ऐश लोड हाईवा

पुलिस अभी पहले हादसे के बाद सड़क को साफ कराने में जुटी ही थी कि उसी स्थान पर एक और बड़ा हादसा हो गया। कोडरमा के केटीपीएस से ऐश (डस्ट) लोड कर बिहार जा रही एक हाईवा नौवां माइल के समीप अनियंत्रित होकर पलट गई। हाईवा में लोड पूरी डस्ट सड़क पर फैल गई, जिससे पहले से बाधित यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

हाईवा के पलटने के कुछ ही क्षण बाद उसके पीछे आ रहे तीन से चार अन्य वाहन भी अचानक ब्रेक लगाने और फिसलन के कारण आपस में टकरा गए। इससे दुर्घटना का दायरा और बढ़ गया तथा घाटी में लंबा जाम लग गया।

बारिश और फिसलन बनी हादसे की सबसे बड़ी वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बुधवार रात कोडरमा घाटी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई थी। लगातार बारिश के कारण सड़क बेहद फिसलन भरी हो गई थी। इसके अलावा नौवां माइल का घुमावदार मोड़, तीखी चढ़ाई और ढलान भी दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार वाहन चालक अचानक आई फिसलन के कारण अपने वाहनों पर नियंत्रण नहीं रख सके, जिसके चलते एक के बाद एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते चले गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।

पूरी रात चला राहत एवं बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस, यातायात पुलिस और क्रेन की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने, बिखरे सामान और ऐश डस्ट को साफ करने में पूरी रात लग गई। पुलिस ने लगातार यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन वाहनों की लंबी कतार के कारण स्थिति सामान्य होने में काफी समय लगा।

गुरुवार सुबह धीरे-धीरे फंसे हुए वाहनों को निकाला गया, जिसके बाद यातायात आंशिक रूप से बहाल हो सका। इसके बाद सड़क पर आवागमन सामान्य करने की प्रक्रिया जारी रही।

रातभर जाम में फंसे रहे यात्री

दुर्घटना के कारण रांची-पटना मुख्य मार्ग से गुजरने वाले हजारों यात्री पूरी रात जाम में फंसे रहे। कई परिवारों, बस यात्रियों और मालवाहक वाहन चालकों को घंटों तक सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा। बारिश और रात के समय यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

जाम की जानकारी मिलने के बाद कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक मार्ग का सहारा लिया। कई लोग बरही होते हुए गया के रास्ते बिहार की ओर रवाना हुए, जिससे मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कुछ कम हुआ।

घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं

दुर्घटना स्थल बिहार सीमा से काफी निकट होने के कारण घायलों की सही संख्या का आकलन अभी तक नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ घायल अपने स्तर पर नजदीकी अस्पतालों और निजी चिकित्सा केंद्रों में इलाज कराने चले गए। वहीं कुछ लोगों ने बिहार सीमा के अंदर स्थित अस्पतालों में उपचार कराया।

इसी कारण प्रशासन के पास अब तक घायलों का सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घाटी मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत

कोडरमा घाटी का नौवां माइल क्षेत्र पहले भी कई सड़क दुर्घटनाओं के लिए जाना जाता रहा है। बारिश के मौसम में यहां सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है और घुमावदार ढलानों के कारण भारी वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में अतिरिक्त चेतावनी संकेत, स्पीड कंट्रोल व्यवस्था, सड़क की नियमित निगरानी और बारिश के दौरान विशेष यातायात प्रबंधन की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान भारी वाहनों की गति नियंत्रित रखने, नियमित सड़क निरीक्षण और चालक जागरूकता अभियान चलाने से इस तरह की दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। प्रशासन भी यात्रियों और वाहन चालकों से अपील कर रहा है कि बारिश के मौसम में घाटी मार्ग पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं और निर्धारित गति सीमा का पालन करें।