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निजी खाते में 64 लाख ट्रांसफर, कार्यपालक पदाधिकारी पर राशि गबन का षडयंत्र रचने का मामला दर्ज हो :-सईद नसीम

नगरपरिषद, झुमरीतिलैया में षड्यंत्र करके सरकारी राशि की बंदरबांट व गबन करने की नीयत से कार्यपालक पदाधिकारी एवं अन्य के द्वारा करीब 64 लाख रुपये राशि अनाधिकृत व्यक्ति के बैंक खाते में हस्तांतरण कर दिया जाता है। करीब तीन सप्ताह तक अनाधिकृत व्यक्ति से सरकारी राशि को षड्यंत्रकारियों ने अपने तरीके से गबन करने का प्रयासरत रहे l इसकी गवाही कार्यपालक पदाधिकारी के सरकारी दस्तावेज दे रहा है, उक्त बातें कांग्रेस नेता सईद नसीम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा उन्होंने कहा की इस षड्यन्त्रकारी घटना को नगरपरिषद की गलती होने का नाम दिया जा रहा है। जो आश्चर्यजनक व अफसोसजनक है।

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भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने का संकल्प लेने वाले कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम पर है, जो इसकी पराकाष्ठा दिखाता है। पिछले पांच सालों नगर परिषद झुमरी तिलैया में लूट और संसाधनों का जिस तरह से बंदरबाँट करके गबन किया गया चाहे वो डस्टबिन खरीद घोटाला हो जिसमे टैक्स पर टैक्स लगाकर 5 लाख रूपये की गबन या सरकारी पैसे को अनधिकृत रूप से निकासी करके अधिकारियों की ऑस्ट्रेलिया की विदेश भ्रमण करना हो, या लाभुकों के खाता में प्रधानमंत्री आवास योजना में तय राशि से अधिक राशि हस्तांतरण करने का मामला हो, एक ही आवास के नाम पर दो अलग अलग वर्षों में निर्माण कार्य दिखाकर राशि निकासी करना हो या अयोग्य लाभुकों का चयन करना हो फिर करीब 1100 लाभुकों को निरस्त करना हो या बरसात में तालाब गहरीकरण का टेंडर हो या करीब 3 करोड़ से अधिक राशि समय पर खर्च नही करने की स्थिति में विभाग को वापस भेज देना हो।

यह सब काले कारनामे की वजह से कार्यपालक पदाधिकारी की अयोग्यता को दिखाता है और योग्यता पर सवाल उठना लाजिमी हैl नगर परिषद झुमरी तिलैया में बड़े-बड़े घोटालों करने से मन नहीं भरा तो अगस्त 2019 मे नगरपरिषद झुमरीतिलैया का 63,96,017/- लाख रुपये अनाधिकृत व्यक्ति के व्यक्तिगत बैंक खाता में हस्तांतरण कर दिए, और किसी को कानोंकान खबर तक नही होती है। सईद नसीम ने हैरानी जताते हुवे कहा कि बार बार घपले घोटाले उजागर होने के बाद भी कोई पदाधिकारी अपने पद पर कैसे बना रह सकता है। नगर परिषद बोर्ड के कार्यकाल पूर्ण होने के बाद कार्यपालक पदाधिकारी को ही प्रशासक बनाया जाना झुमरी तिलैया के विकास के लिए अवरोध एवं घातक हो रहा है। साथ ही यह सब तत्कालीन अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के लापरवाही एवं मनमर्जी करने में भागीदारी होने का नतीजा भी दिखाता है। सईद नसीम ने राज्य सरकार से तात्कालिक मांग किया है ऐसे पदाधिकारी जिन्हें अपने कार्य मे कोताही व लापरवाही बरतने, घोटाले व गबन करने का आदत बना लिया हो एवं उसकी नियति बन चुकी है, उसे अविलम्ब कार्यमुक्त किया जाना चाहिए।

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