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झारखंड: हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

News Desk: झारखण्ड नियोजन निति को सुप्रीम कोर्ट अवैध करार देते हुए झारखण्ड के 13 अनुसूचित जिलों में शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर साह की बेंच ने इस मामले में झारखंड सरकार,कर्मचारी चयन आयोग समेत सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई चार नवंबर को होगी। हाईकोर्ट के आदेश को शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है,जिनकी नियुक्ति रद्द हो गयी थी। 

क्या है नियोजन नीति


पूर्व कि रघुवर सरकार के दौरान तत्कालीन शिक्षा मंत्री नीरा यादव के द्वारा नियोजन नीति लाया गया था. नियोजन नीति के तहत राज्य के 24 जिलो को 13 और 11 में विभाजित किया गया था. इस नीति के तहत राज्य के 13 जिलो अधिसूचित जिला घोषित किया गया था. जिसके तहत उस जिले के सभी तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पद अरक्षित करने का फैसला लिया था. जबकि 11 जिलो को गैर-अधिसूचित जिला घोषित किया गया था इसमें अनुसूचित जिलों की नौकरी में सिर्फ उसी जिले के निवासियों को ही नियुक्त  का प्रावधान किया गया है। गैर अनुसूचित जिले के लोग इसमें आवेदन भी नहीं कर सकते है। जबकि गैर अनुसूचित जिले में सभी जिलों के लोग आवेदन कर सकते हैं।

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