शिक्षा मंत्री के आदेश पर हुई कार्रवाई, निजी विद्यालय पर लॉकडाउन की अवधि का फ़ीस मांगने का है आरोप

Jagarnath Mahto

गिरिडीह के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने गिरिडीह के VNS डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल को शोकॉज किया है. सरकार द्वारा जारी अदेश का उल्लंघन करने का मामला है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने साफ़ कहा है की लॉक डाउन की अवधि के दौरान तीन महीने की फ़ीस और बस भाड़ा निजी विद्यालय अभिभावकों से नहीं लेंगे। लेकिन बावजूद इसके वीएनएस स्कूल के तरफ से अभिभावकों को मैसेज करके पैसे मांगे जा रहे है.

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डीइओ अरविंद कुमार ने वीएनएस डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल प्रवीण हाजरा को अपने नोटिस में कहा है कि सरकार ने गिरिडीह के सभी निजी स्कूलों को पहले ही लॉकडाउन में लड़कों / लड़कियों के मासिक शुल्क और बस परिवहन शुल्क माफ़ का आदेश दिया है लेकिन मासिक शुल्क और बस का किराया मोबाइल संदेश के माध्यम से भेजने के कारण उनपर दबाव महसूस किया जा रहा है.

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शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने इसे गंभीरता से लिया है और उपायुक्त (डीसी) गिरिडीह को सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के लिए स्कूल पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। तो डीईओ ने अपने नोटिस में कहा है की दो दिनों में नोटिस का जवाब दें कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और आरटीई अधिनियम, 2009 की विभिन्न धाराओं के तहत आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। गिरिडीह शहर स्थित वीएनएस डीएवी पब्लिक स्कूल को 6,000 से अधिक छात्रों वाले एक पॉश शैक्षणिक संस्थान माना जाता है

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शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो जो गिरिडीह जिले से भी ताल्लुक रखते हैं उन्होंने गिरिडीह जिला अभिभावक संघ के सचिव शिवेंद्र कुमार सिंह की शिकायत पर संज्ञान लिया कि VNS स्कूल मासिक स्कूल शुल्क और बस किराया जमा करने के लिए छात्रों को मोबाइल संदेश भेज रहा है।

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जगरनाथ महतो ने गिरिडीह के उपायुक्त (डीसी) राहुल कुमार सिन्हा को निर्देश दिया कि वे लॉक डाउन की अवधि के लिए स्कूल द्वारा शुल्क की मांग की शिकायत पर कार्रवाई करें। डीसी ने अपनी तरफ से एक जांच की और आरोप को सही पाया। इसके बाद उन्होंने 6 मई को डीईओ को VNS के प्रिंसिपल को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

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जगरनाथ महतो ने 5 मई को जमशेदपुर में घोषणा की थी कि सरकार ने निजी स्कूलों एसोसिएशन और झारखंड अभिभावक महासंघ से बात करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। मंत्री ने 6 मई को धनबाद और 7 मई को हजारीबाग में अपने आदेश को दोहराया।

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हाजरा जो डीएवी स्कूलों के समूह के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी भी हैं उन्होंने किसी भी छात्र को शुल्क देने के लिए संदेश भेजने के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि कुछ निहित स्वार्थी संस्थान झूठे आरोपों से बदनाम कर रहे हैं।

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CBSE के 10वीं और 12वीं की परीक्षाओ की तिथि हुई जारी, जानिए कब है परीक्षा

केंद्रीय बोर्ड माध्यमिक शिक्षा (सीबीएसई) JEE और NEET की परीक्षा शुरू होने से पहले सभी परीक्षाओं को आयोजित करने के प्रयास के रूप में 1 से 15 जुलाई तक शेष कक्षा 10 और 12 बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा। एचआरडी मंत्रालय ने पहले ही घोषणा कर दी है कि जेईई (मेन) परीक्षा 18 से 23 जुलाई और NEET 26 जुलाई से आयोजित की जाएगी।

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सीबीएसई 12 विषयों में कक्षा 12 वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करेगा, और इसके लिए शीघ्र ही घोषित होने वाली दसवीं कक्षा की परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर सीबीएसई को आगे बढ़ने का आदेश दिया गया है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में छात्रों ने क्षेत्र में सांप्रदायिक दंगों के कारण छूटी दसवीं कक्षा की कुछ परीक्षाओं को करने को कहा है.

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मंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई 18-23 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जबकि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 26 जुलाई को आयोजित की जाएगी। कोविद -19 के प्रसार का मुकाबला करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण दो महत्वपूर्ण परीक्षाएं और दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई थी.

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने DSE को किया निलंबित, घोटाले का था आरोप

राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने धनबाद के पूर्व जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) बांके बिहारी सिंह को चापाकल घोटाले मामले में निलंबित कर दिया है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने बांके बिहारी सिंह को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है।

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बांके बिहारी सिंह फिलहाल जामताड़ा में जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद पर तैनात थे। शिक्षा मंत्री ने छह साल पुराने मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की है।

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धनबाद में जिला शिक्षा अधीक्षक के पद पर रहते हुए बांके बिहारी सिंह ने बगैर टेंडर के ही 144 स्कूलों में चापाकल के लिए बोरिंग करवाए थे। झारखंड अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षा संघ के महासचिव राम नारायण सिंह ने इन स्कूलों में चापाकल लगाने में घोटाले का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। प्रत्येक स्कूलों में 200 फुट के स्थान पर 100 फुट बोरिंग की गई। जबकि भुगतान 200 फुट का किया गया। प्रत्येक स्कूल में 55 साै रुपए से लेकर 24000 रुपये तक अधिक का भुगतान किया गया।

जानिए झारखण्ड में सरकारी विद्यालय के बच्चो की ऑनलाइन पढाई किस चैनल पर होगी।

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कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन में सरकारी विद्यालय के बच्चो की पढाई पर सबसे ज्यादा असर पडा है. एक तरफ जहाँ निजी विद्यालय अपने बच्चो को ऑनलाइन के जरिये पढ़ा रहे है तो दूसरी तरफ सरकारी विद्यालयों के बच्चो को स्कूल खुलने का इंतज़ार है.

झारखण्ड सरकार ने सरकारी विद्यालयों के बच्चो को ध्यान में रख कर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. हालांकि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने ये साफ़ किया था की सरकारी विद्यालयों के बच्चो की पढाई केबल टीवी के जरिये होगी। लेकिन किस तरह से होगी और कितने बजे होगी इसकी कोई जानकारी साझा नहीं की गयी थी.

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झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सरकारी विद्यालयों के बच्चो को ऑनलाइन पढाई के लिए तैयारी कर ली है. 16 मार्च से सरकारी स्कूल बंद हैं. हेमंत सरकार ने ये फैसला लिया है की दूरदर्शन के जरिये बच्चो को ऑनलाइन पढ़ाया जायेगा। इसकी शुरुआत 11 मई से होगी, जो 10 जून तक चलेगा. इस दौरान हर रोज 10 से 12 और 1 बजे से 2 बजे तक बच्चों के लिए क्लास प्रसारित होंगे.

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झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) में यूनिसेफ और रांची दूरदर्शन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस पर मुहर लगी है. इसके लिए सोमवार से शुक्रवार तक का समय निर्धारित किया गया है. हर दिन 3 घंटे क्लास प्रसारित होगा, जिसमें एक घंटे का कार्यक्रम दूरदर्शन मुफ्त प्रसारित करेगा. शेष दो घंटे के लिए प्रतिदिन जेईपीसी 14,160 रुपये दूरदर्शन को भुगतान करेगा. इस तरह से 10 जून तक प्रसारित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को 2,83,200 रुपये खर्च आएंगे.

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दूरदर्शन पर बच्चे सुबह 10:00 से 10:30 बजे के बीच यूनिसेफ से प्राप्त मीना मंच एवं जीवन कौशल आधारित प्रसारण देख सकेंगे. 10:30 से 11:00 बजे तक क्लास एक से पांच तक के बच्चों को शिक्षा दी जायेगी. वहीं 11 से 12 बजे तक क्लास 6 से 9 तक के बच्चे पढ़ाई कर पाएंगे. दोपहर 1 से 2 बजे के बीच 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए क्लास प्रसारित होंगे. दूरदर्शन पर प्रसारित होने के साथ-साथ यू ट्यूब पर भी बच्चे इसका लाइव प्रसारण देख पाएंगे.

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो बोले, सरकारी विद्यालयों के बच्चो की ऑनलाइन पढाई केबल टीवी के जरिये होगी।

लॉकडाउन के कारण झारखण्ड के सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालय बंद है. ऐसे में बच्चो की पढाई पर लगातार प्रभाव पड़ रहा है. निजी विद्यालय अपने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढाई के जरिये उनके सिलेबस को पूरा करने में जुटी है तो वही सरकारी विद्यालयों के बच्चो की पढाई रुक चुकी है. अधिकतर सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चो के अभिभावकों के पास एंड्राइड फ़ोन नहीं है. जिसके कारण ऑनलाइन पढाई यदि शुरू भी की जाती है तो उनके बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे।

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सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो सोमवार को कोडरमा पहुंचे जहाँ उन्हें अधिकारियो के साथ बैठक कर जिले के शिक्षा व्यवस्था का लेखा-जोखा लिया साथ ही अधिकारियो को कई जरुरी दिशा निर्देश भी दिए. शिक्षा मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा की शिक्षा विभाग केबल टीवी के जरिये ऑनलाइन पढ़ाई के विकल्प पर जोर दे रही है, ताकि सभी बच्चों को घर बैठे शिक्षा मिल सके.

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शिक्षा मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुई पढ़ाई की भरपाई के लिए लॉकडाउन के बाद स्कूलों को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक चलाने का निर्णय लिया गया है. शनिवार को हाफ के बदले फुल डे स्कूल चलेगा. छात्रों को एक सप्ताह के अंदर किताबें उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है. साथ ही बच्चों को अगले वर्ग में प्रोन्नति देने के लिए भी कहा गया है. शिक्षा मंत्री ने गिरिडीह के निजी स्कूल में केबल टीवी से क्लास की ऑनलाइन शुरुआत की.

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शिक्षा मंत्री ने कोडरमा के शिक्षा अधिकारियो को निर्देश दिया है की जिले में बंद 67 विद्यालयों में से कितने विद्यालय को खोला जा सकता है उसकी सूचि बनाकर विभाग को जल्द उपलब्ध करवाया जाये। साथ ही उच्च एवं मध्य विद्यालय में शिक्षको के कितने पद खली है उसकी भी जानकारी विभाग को सौपे।

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का आदेश, निजी विद्यालय के अभिभावकों को राहत, मार्च से मई तक का नहीं लेंगे फीस

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लॉक डाउन के दौरान लोगो की आर्थिक स्थिति ख़राब हो गयी है. ऐसे में निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चो के अभिभावकों के सामने सबसे बड़ी समस्या विद्यालय की फीस जमा करना है. ऐसे में उनके लिए एक राहत भरी खबर आयी है.

झारखण्ड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के आदेश पर एक प्रस्ताव तैयार किया गया था जिसे उन्होंने मंजूरी दे दी है. अब निजी विद्यालय अभिभावकों से लॉक डाउन की अवधि यानि मार्च से मई तक की फीस नहीं वसूलेंगे। साथ ही विद्यालय द्वारा बच्चे को किसी भी सुविधा से वंचित नहीं किया जायेगा।

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शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा की इस संकट के समय लॉक डाउन किया गया है. जिसकी वजह से लोगो की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गयी है. ऐसे में निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चो के अभिवको के सामने फीस का संकट था जिसे हमने दूर किया है. निजी विद्यालय द्वारा लॉक डाउन की अवधि की फीस नहीं वसूली जाएगी।

मालूम हो की मंगलवार को प्रदेश के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये बैठक कर रहे थे. बैठक के बाद उन्होंने ये निर्णय लिया है. मंत्री जगारथ महतो ने ये भी कहा है की सरकारी विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियों में भी मिड-डे-मील दिया जायेगा।

झारखण्ड में 25 मई से खुल सकते है सरकारी विद्यालय, जानिए 8वीं का रिजल्ट कब होगा जारी

लॉकडाउन के मद्देनज़र राज्य सरकार के द्वारा 20 तक सरकारी विद्यालयों को बंद रखा जा सकता है. लॉक डाउन 3 मई तक है लेकिन राज्य सरकार किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है. राज्य के सरकारी विद्यालयों में 25 मई से नामांकन शुरू करने पर विचार किया जा रहा है.

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स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है की 20 मई तक विद्यालयों को बंद रखा जायेगा जबकि 23 मई से साफ़-सफाई के बाद 25 मई से नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत की जाएगी। क्यूंकि कई ऐसे विद्यालय है जिन्हे क्वारंटाइन सेण्टर में तब्दील कर दिया गया है.

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विभाग ने तय किया है की 25 मई से 15 जून तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। 15 जून से पठन-पाठन का कार्य शुरू करने की चर्चा है. नामांकन शुरू होने और अंतिम तारीख के बिच शिक्षको को पठन-पाठन में लगने वाली जरुरत की सभी की व्यवस्था करनी है.

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जैक ने ये तय किया है की लॉकडाउन खत्म होने के बाद मई के प्रथम सप्ताह में 8वीं का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। 8वीं का रिजल्ट तैयार कर लिए गया है. 15 मई तक सभी विद्यार्थियों तक अंक पत्र पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है.

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के निर्देश पर ,VBU ने लॉकडाउन के बीच छात्रों के लिए शुरू की है ऑनलाइन पढ़ाई

कोरोना महामारी का दंश झेल रहा भारत और उसके राज्यो में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ती जा रही है. बात अगर झारखण्ड की करे तो खबर लिखे जाने तक कुल कोरोना पॉजिटिव की सख्या 27 है और 2 लोगो की मौत कोरोना की वाजह से हो चुकी है. झारखण्ड में कुछ दिनों पहले तक कोरोना पॉजिटिव की संख्या एक भी नहीं थी लेकिन 31 मार्च को झारखण्ड में कोरोना का पहला मरीज मिला। जो अब बढ़कर 24 तक पहुंच चूका है.

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झारखण्ड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने प्रदेश भर के विश्वविद्यालयो के कुलपतियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर निर्देश दिया था की लॉकडाउन के दौरान छात्रों की शिक्षा पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े इसलिए ऑनलाइन क्लासेस की व्यवस्था की जाये। लॉकडाउन खत्म होने के बाद परीक्षा समय पर हो पाए इसलिए ऑनलाइन क्लासेस जरुरी है.

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राज्यपाल के निर्देशों का पालन करते हुए विश्वविद्यालयो ने छात्रों के लिए ऑनलाइन मैटेरियल देने की तैयारी कर चुके है. बात अगर विनोबा भावे विश्वविद्यालय की करे तो विभिन्न विषयों की ऑनलाइन कक्षा ले जा रही है तो वही कुछ की अभी बाकि है. विभावी में Anthropology, Economics, English, Hindi, Zoology, Botany की कक्षाए ली जा रही है वहीं अन्य विषयो की कक्षाएं भी जल्द शुरू की जायेंगी।

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छात्रों को पढ़ाई में कोई भी परेशानी न हो इसे ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने अपने वेबसाइट पे पढाई की सामग्री को अपलोड कर दिया है विश्वविद्यालय के वेबसाइट http://vbu.ac.in/departments-of-vbu/ पर विद्यार्थी जा कर अपनी पढाई को आगे जारी रख सकते है ताकि लॉकडाउन ख़त्म होने के बाद जा परीक्षा हो तब उन्हें कोई भी दिक्कत न हो.