Skip to content
coal mines

कोल माइंस को निजी हाथो में सौपने के फैसले के बाद, झारखंड के इन खदानों की होगी नीलामी

News Desk

कोरोना महामारी के कारण गिरती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है की कोल माइंस को निजी हाथो में सौपा जायेगा। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद कोयला कंपनिया अब निजी हाथो में जाने को तैयार है.

Advertisement

Also Read: वित्त मंत्री ने कहा कोयला क्षेत्र अब निजी हाथो में होगा, जानिए झारखण्ड पर क्या होगा असर

केन्द्र के इस फैसले से झारखंड में पहले से नीलामी के लिए तैयार 22 कोल माइंस को निजी हाथों में सौंपने की संभावना बढ़ गई है. वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनियों को अब निजी कंपनियों से कड़ी चुनौती भी मिलने वाली है. कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

झारखंड में देश का 39% कोल रिजर्व है. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की अप्रैल 2018 की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 83,152 मिलियन टन कोल रिजर्व मौजूद है. जिसमें 45,563 मिलियन टन प्रमाणित है, वहीं 31439 मिलियन टन के मिलने की संभावना व्यक्त की गई है.

Also Read: निर्मला सीतारमण ने कहा “टैरिफ पॉलिसी” के आधार पर बिजली उद्योग में प्राइवेटाइजेशन किया जाएगा

बात अगर झारखंड की करे तो राज्य में तीन सरकारी कंपनिया काम कर रही है. जिनमे बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल शामिल है. केन्द्र के नये फैसले से आने वाले दो-तीन वर्षों में झारखंड में कोयला क्षेत्र में तेजी से विस्तार होने की संभावना है. जिससे रोजगार बढ़ने के भी आसार हैं. राज्य में 22 कोल ब्लॉक की जल्दी नीलामी होने वाली है. पहले की योजना के मुताबिक यह नीलामी अप्रैल महीने में ही होने वाली थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण ये नहीं हो सका था.

Also Read: प्रतुल शाहदेव ने CM सोरेन पर लगाया झूठ बोलने का आरोप, कहा 110 ट्रेनो की सूचि करे सार्वजनिक

केन्द्र के फैसले के बाद राज्य सरकार नफा नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है. सूबे के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव की माने तो कोल सेक्टर का प्राइवेटाइजेशन घातक है. बहरहाल 2023-24 तक कोल इंडिया की सालाना उत्पादन क्षमता एक बिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है. 50 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाना है. ऐसे में भले ही कोल सेक्टर निजी हाथों में सरकेगा, मगर इसके जरिए बड़े पैमाने पर नियोजन के अवसर भी मिलने की संभावना है.

Aslo Read: JMM ने भाजपा पर किया पलटवार, मजदूरों पर भाजपा वालो को बोलने का हक़ नहीं है

इन कोल ब्लॉक की नीलामी होनी है:

  • अशोक करकट्टा (नॉर्थ कर्णपुरा)- 155
  • ब्रहमाडीहा (गिरिडीह)- 05
  • बुंडू (नॉर्थ कर्णपुरा)- 102
  • बुराखाप स्मॉल पैच (रामगढ़)- 9.68
  • चकला (नॉर्थ कर्णपुरा)- 76.05
  • चितरपुर (नॉर्थ कर्णपुरा)- 222.43
  • कोरियाटांड़ (तिलैया)- 97.03
  • गोंदुलपारा (नॉर्थ कर्णपुरा)- 176.33
  • जयनगर (साउथ कर्णपुरा)- 77.52
  • जगेश्वर एवं खास जगेश्वर (वेस्ट बोकारो)- 84.03
  • लालगढ़ नॉर्थ (वेस्ट बोकारो)- 27.04
  • लातेहार (औरंगा)- 22.04
  • महुआगढ़ी (राजमहल)- 305.95
  • नॉर्थ दहादू (नॉर्थ कर्णपुरा)- 923.94
  • पतरातू (साउथ कर्णपुरा)- 450
  • राजहरा नॉर्थ (डाल्टेनगंज)- 20.27
  • राउतास क्लोजड माइन (रामगढ़)- 07
  • सेरेनग्रहा (नॉर्थ कर्णपुरा)- 187.29
  • सीतानाला (झरिया)- 100.9
  • उर्मा पहाड़ीटोला (राजमहल)- 579.3
  • महुआमिलान (नॉर्थ कर्णपुरा)- 101.24
  • तोकीसूद-2 (साउथ कर्णपुरा)- 127.69
Advertisement

Leave a Reply

Popular Searches