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CM हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के हस्तक्षेप के बाद माली में फंसे श्रमिकों तक पहुंची मदद, पहला जत्था पहुंचा झारखंड

Shah Ahmad

CM Hemant Soren: 16 दिसंबर 2021 को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कार्यक्रम में SRMI(Safe Responsible Migration Initiative) योजना के लॉन्च के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्यभर से दूसरे राज्यों एवं विदेशों तक काम की तलाश में जाने वाले श्रमिकों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि कोरोना काल के दौरान प्रवासी श्रमिकों के साथ देशभर में हुई त्रासदी को देखते हुए राज्य सरकार इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए इस योजना की शुरुआत की जा रही है। हमारा प्रयास है कि अगर हमारे राज्य का श्रमिक या कोई भी कामगार कमाने के लिए राज्य से बाहर किसी भी स्थान पर जाता है , तो वह निर्भीक एवं सुरक्षित महसूस करे कि उनके राज्य की सरकार किसी भी प्रकार की समस्या की स्थिति में उनके साथ है।

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इस योजना की शुरुआत से पहले एवं योजना की शुरुआत के बाद भी ऐसे कई मौके आए जब राज्य के बाहर किसी विपरीत परिस्थिति में फंसे श्रमिकों ने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई एवं मुख्यमंत्री ने उन मामलों में पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए श्रमिकों की सकुशल घर वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित की।

अफ्रीकी देश माली में फंसे 33 मजदूरों ने लगाई थी देश वापसी की गुहार:

रविवार, दिनांक- 16 जनवरी को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को यह जानकारी मिली की अफ्रीकी देश माली में गिरिडीह एवं हजारीबाग जिले के 33 प्रवासी श्रमिक फंसे हुए हैं एवं उन्हें उनके काम का मेहनताना भी नहीं दिया जा रहा है। तीन महीने से अधिक वक्त बीत जाने के बाद भी कंपनी द्वारा प्रवासी श्रमिकों को वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

 मुख्यमंत्री ने लिया था संज्ञान, मंत्री सत्यानन्द भोक्ता ने श्रमिकों के लिए हर संभव मदद पहुँचाने की बात कही थी:

मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंत्री श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विभाग सत्यानंद भोक्ता को मामले में त्वरित कार्रवाई कर श्रमिकों तक हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया। जिसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने ट्वीटर के जरिए ही मजदूरों का संपर्क सूत्र पता कर लेबर कमिश्नर, झारखण्ड सरकार को माली स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता के निर्देश के बाद श्रम विभाग द्वारा संचालित राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के प्रयासों से माली देश में फंसे मजदूरों का पहला जत्था आज रांची पहुंच चुका है सभी मजदूरों का स्वास्थ्य जांच कराकर उन्हें गृह जिले भेजा जा रहा है. यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी दूसरे देश या राज्य में फंसे मजदूरों को राज्य वापस लाने की पहल की गई हो इससे पहले भी कई बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने श्रमिकों के लिए बेहतर और सुनियोजित तरीके से कार्य कर रही है.

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