Babulal marandi

बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर कसा तंज, आपकी सरकार मधु कोड़ा सरकार की राह पर बढ़ रही है

Shah Ahmad
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भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर करारा प्रहार किया है बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन के नाम एक पत्र लिखकर कहा है की करमपदा खनन पट्टे क्षेत्र से लौह अयस्क स्टॉक उठाने के लिए झारखंड सरकार द्वारा मैसर्स शाह ब्रदर्स को अवैध तरीके से दिए गए अनुमति को रद्द किया जाए.

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बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में कहा कि में आपके ध्यान इस ओर दिलाना चाहता हूं जिसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है और ऐसा भी कहा जाने लगा है कि आप की सरकार मधु कोड़ा सरकार की राह पर आगे बढ़ रही है. अपने पत्र में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खान विभाग ने शाह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर एमएमडीआर अधिनियम की धारा 21(5) के तहत 1110 को रुपए का मांग नोटिस जारी किया गया था बाद में इस मांग पत्र को वर्ष 2015 में संशोधित किया गया और 1365 करोड रुपए का भुगतान करने के लिए कहा गया.

तत्कालीन जिला खनन अधिकारी ने गलत इरादे के साथ झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए अप्रैल 2017 में मैसर्स शाह ब्रदर्स के पट्टे की अवधि को विस्तारित कर दिया तत्कालीन डीएमओ ने ना केवल पट्टे की शर्त के उल्लंघन के साथ पट्टे का विस्तार किया बल्कि वन अधिनियम मंजूरी के बिना खनन संचालन की अनुमति दे दी उन्होंने एमएमडीआर अधिनियम की धारा 21(5) के तहत मांग राशि को 1365 करोड़ से घटाकर 252 करोड़ कर दिया है.

आगे बाबूलाल ने अपने पत्र में कहा, खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा एमएमडीआर अधिनियम की धारा 21(5) के तहत मांग राशि बार-बार परिवर्तित की गई जो एक जांच का विषय है और इसमें खनन पट्टे धारी में मैसर्स शाह ब्रदर्स एवं खान विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत सिद्ध हो जाएगी बाद में खनन विभाग ने पट्टे के विस्तार में गलती का एहसास किया और मेमो संख्या 28/M दिनांक 4/01/2019 द्वारा खनन पट्टे को समाप्त कर दिया परंतु ऐसे अधिकारी अभी भी खुले घूम रहे हैं जिन्होंने मैसर्स शाह ब्रदर्स के खनन पट्टे को अवैध रूप से चलने दिया.

मालूम हो कि उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में राज्य सरकार को इस मामले से संबंधित एक उचित आदेश पारित करने का निर्देश दिया है उपरोक्त आदेश के आलोक में सचिव खान ने दिनांक 8 अक्टूबर को सुनवाई करते हुए दिनांक 19 नवंबर को एक आदेश पारित किया जिसमें मैसर्स शाह ब्रदर्स लौह अयस्क बेचने की इजाजत दी गई कहा गया कि लौह अयस्क से प्राप्त धनराशि को जुर्माने की बकाया राशि के विरुद्ध सरकारी खाते में जमा कराया जाएगा.

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