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बाबूलाल का CM को खत, “श्रमिक आयोग के गठन” सहित पलायन रोकने की रखी मांग

भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर प्रवसी मजदूरों को राज्य में ही रोजगार देने और उनका पलायन रोकने की मांग पत्र के माध्यम से रखी है.

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बाबूलाल ने अपने पत्र में कहा है की कोरोना के कारण हमारे सामने एक बड़ी समस्या उत्पन्न हुई है. कोरोना के कारण राज्य की आर्थिक संरचना पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गयी है. राज्य के सामने प्रवासी मजदूरों को राज्य में ही रोजगार देने और उनका पलायन रोकने की समस्या बड़ी चुनौती के रूप में सामने है. हम सभी को मिलकर इससे लड़ने की जरुरत है. इस विषय पर दलगत राजनीती से ऊपर उठकर सोचने की जरुरत है.

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बाबूलाल ने सीएम के बयान को याद दिलाते हुए कहा की आपने ये खुद कहा है की राज्य के तक़रीबन 10 लाख मजदूर दूसरे प्रदेशो में जा कर मजदूरी करते है. हालांकि सही अकड़ा किसी के पास भी नहीं है. पूर्व में क्या हुआ, क्यों हुआ ये वक्त उन सभी चीज़ो पर बात करने का सही वक्त नहीं है. मरांडी ने मांग करते हुए कहा की जितने भी प्रवासी राज्य वापस लौट रहे है उनके योग्यता के अनुसार जिलावार एक डाटा तैयार करना चाहिए। रियल स्टेट, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक टेक्नीशियन, बिल्डिंग डेकोरेटिंग आदि जैसे कार्य क्षेत्र में जिन्हे अनुभव प्राप्त है उनका डाटा जिलावार तैयार हो.

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उत्तरप्रदेश सरकार का जिक्र करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा की यूपी की सरकार ने मजदूरों को ध्यान में रखकर श्रमिक आयोग के गठन का निर्णय लिया है. यूपी सरकार अपने मजदूरों को राज्य में ही रोजगार देने, बीमा कवर देने सहित अन्य जरुरी कदम उठा रही है. समय के अनुसार मजदूरों के पक्ष में लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम है. झारखण्ड सरकार को भी यूपी सरकार की तर्ज पर श्रमिक आयोग का गठन करना चाहिए। यह मामला राज्य के मजदूरों से जुड़ा हुआ है. इसपर जल्द निर्णय लेने की जरुरत है.

बता दें की बाबूलाल मरांडी लगातार पत्र के माध्यम से हेमंत सरकार को अपने अनुभव के आधार पर सुझाव दे रहे है और सरकार से उसे अमल करने की भी मांग कर रहे है.

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