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झारखंड में देश के आदिवासी नेताओं का होगा महाजुटान, आदिवासियों के उत्थान पर होगी चर्चा Bandhu Tirkey

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Bandhu Tirkey: देशभर के आदिवासी नेता झारखंड में आदिवासी समाज के उत्थान पर चिंतन शिविर में शामिल होकर चर्चा करेंगे. इसमें देशभर के आदिवासी प्रतिनिधि शामिल होंगे. शिविर में आदिवासियों की समस्या और उनके उत्थान को लेकर चर्चा होगी.

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झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष और मांडर के विधायक बंधु तिर्की ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि आगामी दिसंबर महीने में देश भर के आदिवासी प्रतिनिधियों का चिंतन शिविर का झारखंड में आयोजन किया जाएगा जिसके तहत देशभर के आदिवासियों को एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि संविधान में आदिवासी शब्द नहीं होने और जनजातीय शब्द होने की वजह से आदिवासियों में एकजुटता नहीं हो पाई है जबकि आदिवासियों की एक बड़ी संख्या देश में निवास करती है फिर भी एकजुटता नहीं होने के कारण आदिवासियों को हक और अधिकार नहीं मिल पाता है.

बंधु तिर्की ने कहा कि 12 और 13 सितंबर को असम राज्य में नॉर्थ-ईस्ट के आदिवासियों के प्रमुख प्रतिनिधियों का सम्मेलन हुआ जिसमें अंतिम दिन निर्णय लिया गया कि 13, 14 और 15 दिसंबर को झारखंड में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश के प्रत्येक राज्यों से 5 से 10 प्रमुख आदिवासी प्रतिनिधि शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि संविधान में आदिवासी शब्द की चर्चा नहीं है जबकि जनजातीय शब्द की चर्चा है इसकी वजह से देश के आदिवासी एकजुट नहीं हो पा रहे हैं. देश में 10 करोड़ आदिवासियों की जनसंख्या है जो राजनीति को बहुत ज्यादा प्रभावित कर सकते हैं लेकिन देश के आदिवासी एकजुट नहीं हो पाए हैं और अपने हक अधिकार को सही तरीके से नहीं रख सकते हैं ऐसे में सही तरीके से देश के आदिवासियों को एकजुट करने के लिए चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है.

आगे बंधु तिर्की ने कहा कि इस दौरान राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी साथ ही राज्य में जो आदिवासी संबंधित मामलों को लेकर मुखर होकर लड़ते हैं उनको भी आमंत्रित किया जाएगा और उनकी बातों को भी सुना जाएगा वहीं, सभी की बातों को सुनने के बाद झारखंड सरकार के सामने समस्याओं को रखा जाएगा और राष्ट्रीय स्तर का जो मुद्दा है उसे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर को कई प्रस्ताव लाया जाएंगे जो पूरे देश के आदिवासी प्रतिनिधि के द्वारा रखा जाएगा और उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का कार्य किया जाएगा.

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