हेमंत सरकार का बड़ा फैसला, रघुवर दास के मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना होगी बंद

Shah Ahmad
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EBafM0UVUAEyFSN.jpgपूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के द्वारा राज्य में चालू की गयी कृषि आशीर्वाद योजना को वर्तमान की हेमंत सरकार बंद करने की तैयारी में इसके लिए प्रस्ताव तैयार किये जा रहे है. वित्तये वर्ष 2020-21 के लिए जो बजट लाया जायेगा उस बजट सत्र में इस योजना को बंद करने का प्रस्ताव सरकार ला सकती है.

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हेमंत सरकार मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना को बंद करके इस पैसे का इस्तेमाल किसानो की कर्ज माफ़ी के लिए करेंगे। आशीर्वाद योजना के तहत एक एकड़ जमीन के लिए पांच हज़ार और पांच एकड़ से अधिक की जमीन जिन किसानो के पास थी उन्हें दो पच्चीस हज़ार की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है. मालूम हो की यूपीए गठबंधन ने विधानसभा चुनाव के मैनिफेस्टो में किसानो के कर्ज को माफ करना का वादा किया था. जिसे सरकार पूरा करने के लिए ये कदम उठा रही है. इस बजट सत्र में किसानो के कर्ज को माफ करने के लिए 2000 हज़ार करोड़ का प्रावधान होगा।

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कांग्रेस प्रवक्ता अलोक दुबे ने आरोप लगाया है की रघुवर सरकार में शुरू की गयी कृषि आशीर्वाद योजना से किसानो को लाभ नहीं मिल पा रहा था. श्री दुबे ने पूर्व की रघुवर सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की रघुवर सरकार ने 14 करोड़ किसानो को सहायता राशि देने की बात की थी लेकिनवो इसे समय रहते पूरा नहीं कर पाये। इस योजना से किसानो को कोई लाभ नहीं मिला पाया है. इसलिए इस योजना का बंद होना जरुरी है.

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हेमंत सरकार के इस फैसले का राज्य भर के किसानो ने स्वागत किया है तो वही कुछ ऐसे भी किसान है जिनका कहना है की उन्होंने बैंक से किसी भी प्रकार का कोई कर्ज नहीं लिए है. कृषि आशीर्वाद योजना के बंद होने से उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पायेगा। कई किसान ऐसे जिन्होंने पूर्व की रघुवर सरकार पर ये आरोप लगाया की राज्य सरकार के द्वारा अकाल घोषित किया गया था जिसके बाद हमने प्रखंड कार्यालय में अपना खतियान जमा करवा चुके है लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं मिला है.

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कृषि योजना को बंद करने का मुख्य कारण किसानो का कर्ज माफ करना है. यूपीए के साझा कार्यक्रम के तहत किसानो का कर्ज माफ किया जायेगा। क्योंकि झारखण्ड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस दोनों ने अपने मैनिफेस्टो में किसानो का कर्ज माफ़ करने जा जिक्र कर चुकी है. कांग्रेस शासित राज्य मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी चुनाव के समय इसी तरह किसानो की कर्ज माफ़ी की बात की गयी थी और जब सरकार बनी तो किसानो का कर्ज माफ़ की गयी थी

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