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BPSC Result : शादी के अगले दिन दी थी BPSC परीक्षा, आज पति बने BPRO और पत्नी बनीं DSP; झरिया के दंपति ने रचा सफलता का इतिहास

Megha Sinha

BPSC Result : 70वीं बीपीएससी परीक्षा में झरिया के नवविवाहित दंपति ने हासिल की शानदार सफलता, शादी के अगले दिन परीक्षा देकर पेश की समर्पण और संघर्ष की मिसाल।

BPSC Result : झरिया के चौथाई कुल्ही, भालगोड़ा निवासी विकास कुमार सिंह और कोमल कुमारी सिंह ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। शादी के अगले ही दिन परीक्षा देने वाले इस दंपति में विकास का चयन बीपीआरओ और कोमल का चयन डीएसपी पद के लिए हुआ है।

कहते हैं कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा सफलता की राह नहीं रोक सकती। इस कहावत को झरिया के चौथाई कुल्ही, भालगोड़ा 2 नंबर चानक निवासी विकास कुमार सिंह और उनकी पत्नी कोमल कुमारी सिंह ने सच साबित कर दिखाया है। 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा के परिणाम में दोनों ने शानदार सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि दोनों ने अपनी शादी के ठीक अगले दिन बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा दी थी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह निर्णय उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो जाएगा। आज परिणाम सामने आने के बाद यह दंपति युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गया है।

विकास कुमार सिंह बने BPRO

70वीं बीपीएससी परीक्षा में विकास कुमार सिंह ने 1058वीं रैंक प्राप्त की है। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) के पद पर हुआ है। विकास की इस सफलता ने उनके परिवार और शुभचिंतकों को गौरवान्वित कर दिया है।

विकास का कहना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता केवल व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम नहीं होती, बल्कि परिवार और समाज के सहयोग का भी बड़ा योगदान होता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, विशेषकर बड़े भाई सूरज कुमार सिंह को दिया है, जिन्होंने हर कठिन समय में उनका मार्गदर्शन किया और लगातार प्रेरित किया।

कोमल कुमारी सिंह बनीं DSP

विकास की पत्नी कोमल कुमारी सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 489वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उनका चयन पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद के लिए हुआ है। यह सफलता उनके लंबे संघर्ष, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।

बेगूसराय की रहने वाली कोमल पहले राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थीं। हालांकि सरकारी नौकरी होने के बावजूद उनका सपना प्रशासनिक और पुलिस सेवा में जाने का था। इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गईं।

लगातार मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने दूसरे प्रयास में ही डीएसपी बनने का गौरव हासिल कर लिया। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।

शादी के अगले दिन परीक्षा देना बना सफलता की नींव

आमतौर पर शादी के बाद नवविवाहित जोड़े नई जिंदगी की शुरुआत, रिश्तेदारों से मुलाकात और पारिवारिक रस्मों में व्यस्त रहते हैं। लेकिन विकास और कोमल ने अपने सपनों को प्राथमिकता देते हुए शादी के अगले दिन ही बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा देने का निर्णय लिया।

यह फैसला आसान नहीं था। शादी की थकान, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच परीक्षा केंद्र तक पहुंचना अपने आप में एक चुनौती थी। लेकिन दोनों ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल हुए।

आज जब परिणाम सामने आया है, तो यह स्पष्ट हो गया है कि उस समय लिया गया उनका निर्णय कितना महत्वपूर्ण था। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो परिस्थितियां कभी भी सफलता के रास्ते की बाधा नहीं बन सकतीं।

परिवार का मिला पूरा सहयोग

किसी भी बड़ी सफलता के पीछे परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। विकास और कोमल की सफलता में भी उनके परिवार का अहम योगदान रहा है। दोनों को पढ़ाई और तैयारी के दौरान परिवार का भरपूर सहयोग मिला।

विकास की मां और अन्य परिवारजन हमेशा उनके साथ खड़े रहे। वहीं बड़े भाई सूरज कुमार सिंह ने लगातार उनका मनोबल बढ़ाया और कठिन परिस्थितियों में भी उन्हें लक्ष्य पर केंद्रित रहने की प्रेरणा दी।

परिवार के इसी सहयोग और विश्वास ने दोनों को अपनी तैयारी पूरी निष्ठा के साथ जारी रखने की ताकत दी।

युवाओं के लिए प्रेरणा बनी सफलता की कहानी

आज देशभर में लाखों युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में विकास और कोमल की कहानी उन्हें यह विश्वास दिलाती है कि सफलता पाने के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि धैर्य और निरंतरता भी जरूरी है।

कोमल ने नौकरी छोड़कर अपने सपने को प्राथमिकता दी और दूसरे प्रयास में डीएसपी बनीं। वहीं विकास ने भी लगातार मेहनत कर बीपीआरओ पद हासिल किया। दोनों की सफलता यह साबित करती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहे तो सफलता अवश्य मिलती है।

क्षेत्र में खुशी का माहौल

70वीं बीपीएससी परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद झरिया और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों, मित्रों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने दंपति को बधाई दी है। सोशल मीडिया पर भी उनकी सफलता की कहानी तेजी से साझा की जा रही है।

लोग इस उपलब्धि को मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प की जीत बता रहे हैं। क्षेत्र के युवाओं के लिए यह सफलता एक नई प्रेरणा बनकर सामने आई है।

विकास कुमार सिंह और कोमल कुमारी सिंह की कहानी केवल एक दंपति की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, धैर्य और सपनों को पूरा करने की अद्भुत मिसाल है। शादी के अगले दिन परीक्षा देने का उनका साहस और वर्षों की मेहनत आज रंग लाई है। एक ओर विकास ने बीपीआरओ पद हासिल किया तो दूसरी ओर कोमल डीएसपी बनकर अपने सपनों को साकार करने में सफल रहीं।

उनकी यह सफलता हर उस युवा को प्रेरित करती है जो अपने लक्ष्य को पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। यह कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो जीवन की कोई भी चुनौती सफलता की राह नहीं रोक सकती।