Stan Swamy and hemant soren

NIA द्वारा स्टेन स्वामी को हिरासत में लेने पर CM सोरेन का केन्द्र पर हमला, विरोध की आवाज़ दबाने की जिद्द

Arti Agarwal
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महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा को लेकर एनआईए द्वारा मामले की जांच की जा रही है इसी सिलसिले में झारखंड के सामाजिक कार्यकर्ता स्टेन स्वामी को हिरासत में लेकर एनआईए पूछताछ कर रही है। इससे पूर्व भी स्टेन स्वामी से भीमा कोरेगांव मामले में पूछताछ हो चुकी है। स्टेन स्वामी की उम्र 83 वर्ष की है एनआईए द्वारा उन्हें हिरासत में लेने की खबर के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है कई राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन के द्वारा उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ भाजपा सरकार को घेरा जा रहा है। इसी कड़ी में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है हेमंत सोरेन ने ट्वीट करते हुए का की गरीब वंचितों और आदिवासियों की आवाज उठाने वाले 83 वर्षीय वृद्ध स्टेन स्वामी को गिरफ्तार कर “केंद्र की सरकार क्या संदेश देना चाहती है अपने विरोध की हर आवाज को दबाने की यह कैसी जिद है?”

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मुंबई के पुणे में वर्ष 2018 के जनवरी महीने में भीमा कोरेगांव में एक हिंसा भड़की थी हिंसा भड़काने के लिए कई लोगों को जिम्मेदार माना गया है एनआईए के द्वारा कार्यवाही करते हुए कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इसी सिलसिले में झारखंड के सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी को भी एनआईए ने हिरासत में लिया है। दरअसल, भीमा कोरेगांव के कुछ क्षेत्रों में पत्थरबाजी की घटना हुई थी. हिंसा के दौरान एक नौजवान की जान भी चली गई थी घटना से 1 दिन पूर्व वहां यलगार परिषद के द्वारा रैली भी आयोजित की गई थी एनआईए की चार्जशीट में आरोप है कि इसी रैली में हिंसा भड़काने की भूमिका तैयार की गई थी और इन्हीं लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की साजिश भी रची थी इससे जुड़े पुलिस ने कई साक्ष्य भी बरामद किए हैं।

Also Read: भीमा कोरेगांव मामले में NIA ने सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी को हिरासत में लेकर कर रही है पूछताछ

भीमा कोरेगांव की हिंसा के दौरान साजिश रचने में संलिप्तता होने के आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को झारखंड से सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टैंड स्वामी को उनके नामकुम स्थित आवास से हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं इसी वर्ष जनवरी माह में एनआईए ने इस केस को टेकओवर किया है इससे पूर्व भी फादर स्टेन स्वामी से अगस्त में पूछताछ की गई थी स्वयं को मानवाधिकार कार्यकर्ता बताने वाले फादर स्टेन स्वामी पर आरोप लगाया गया है कि उनके और उनके साथियों के भड़काऊ भाषण के बाद ही एक जनवरी दो हजार अट्ठारह में भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की थी।

इस मामले को एनआईए से पहले महाराष्ट्र पुलिस अनुसंधान कर रही थी महाराष्ट्र पुलिस के द्वारा भी फादर स्टेन स्वामी से पूर्व में दो बार पूछताछ कर चुकी है। सबसे पहले 28 अगस्त 2018 को महाराष्ट्र पुलिस उनके आवास पर पहुंची थी और उनसे तकरीबन ढाई घंटे तक छानबीन करते हुए पूछताछ की गई थी फादर स्टेन स्वामी को उनके दफ्तर से हिरासत में लिया गया है वह 83 साल के हैं और रांची में अकेले रहते हैं यूएपीए की धाराओं के तहत उन्हें हिरासत में लिया गया है इस धारा के साथ ही उन पर भारतीय दंड विधान की कई और भी संगीन धाराएं लगाई गई हैं

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