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अग्निकांड कंट्रोल के लिए कोडरमा को आवंटन हो 5 अग्निशमन वाहन- सईद नसीम

Arti Agarwal
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Koderma: कांग्रेस नेता सईद नसीम ने मुख्यमंत्री झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिख कर 5 अग्निशमन वाहन जिला कोडरमा में उपलब्ध कराने की मांग की है। पत्र में उन्होंने कहा कि हर साल गर्मी का मौसम शुरू होते ही अग्निकांड का सिलसिला शुरू हो जाता है। बस नही शुरू होती है तो सरकार की कारगर पहल, सरकार से निवेदन होगा इस समस्या का हल हेतु सार्थक पहल करे क्योंकि जिले में अगलगी की घटनाएं बढ़ गई है, लेकिन जिस अग्निशमन विभाग को इस पर काबू पाने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। वह खुद संसाधनों की कमी से जूझ रही है।

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संसाधनों की कमी के चलते कई बार समय से अग्निशमन विभाग की गाड़ी समय रहते मौके पर नहीं पहुंच पाती है। जिस कारण से नुकसान काफी ज्यादा बढ़ जाता है। आलम यह है कि संसाधनों की कमी के कारण घटना की सूचना पर बचाव का काम शुरू करना अग्निशमन विभाग के लिए मुसीबत बन जाती है। आग की घटनाओं में जानमाल को बचाने के लिए अग्निशमन विभाग के सामने बड़ी संकट तब खड़ी जो जाती है जब कई बार एक ही समय पर अधिक जगहों पर अग्निकांड की घटनाएं हो जाती है। लेकिन पर्याप्त अग्निशमन वाहन व कर्मचारियों की संख्या नहीं होने से विभाग के कर्मचारी सभी जगहों पर एक साथ नहीं जा पाते है।वर्तमान में जिला कोडरमा की बड़ी आबादी को देखते हुवे कम से कम दो बड़ी गाड़ी व तीन छोटी गाड़ी विभाग को मिलनी चाहिए।

वर्तमान में जिला मुख्यालय से अग्निशमन केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जिसमे मात्र एक वाहन उपलब्ध है। जमीनी तौर पर न तो ग्रामीण इलाकों में अग्निशमन दस्तों की तैनाती है। न ही कोई पुख्ता इंतेजाम हैं। न ही पीड़ितों को सहायता राशि मिलती है। अगर कुछ सहायता मिल भी जाए तो वह इतनी कम होती है कि मरहम नहीं नमक की तरह काम करती है। जिससे समस्या जस की तस बनी रहती है। सईद नसीम ने पत्र में कहा है कि हर प्रखंड में अग्निशमन का एक एक केंद बने जिसमें हरेक केंद्र पर एक एक छोटी गाड़ियां उपलब्ध हो। साथ ही हर केंद्र पर एक-एक वाटर टेनर की नियुक्ति हो क्योंकि जैसे-तैसे अग्निशमन गाड़ियों में पानी भरा जाता है। वर्तमान समय में गाड़ियों में पानी लेने के लिए केंद्र में ही पंप की व्यवस्था है। इसके साथ ही शहर में कही भी प्वाइंट नही हैं। जहां से पानी की सुविधा उपलब्ध किया जा सके। शहर के साथ साथ ग्रमीण केंद्रों पर भी पानी भरने का प्वाइंटबनाया जाय चूंकि शहर की आबादी भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। कभी एक छोटी सी चिंगारी ने ग्रामीणों के आशियाने राख कर दिए तो कभी शॉर्ट सर्किट ने लोगों की कमाई का जरिया ही खत्म करते देर नही लगेगी।

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