
लॉकडाउन के कारण झारखण्ड के सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालय बंद है. ऐसे में बच्चो की पढाई पर लगातार प्रभाव पड़ रहा है. निजी विद्यालय अपने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढाई के जरिये उनके सिलेबस को पूरा करने में जुटी है तो वही सरकारी विद्यालयों के बच्चो की पढाई रुक चुकी है. अधिकतर सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चो के अभिभावकों के पास एंड्राइड फ़ोन नहीं है. जिसके कारण ऑनलाइन पढाई यदि शुरू भी की जाती है तो उनके बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे।
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सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो सोमवार को कोडरमा पहुंचे जहाँ उन्हें अधिकारियो के साथ बैठक कर जिले के शिक्षा व्यवस्था का लेखा-जोखा लिया साथ ही अधिकारियो को कई जरुरी दिशा निर्देश भी दिए. शिक्षा मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा की शिक्षा विभाग केबल टीवी के जरिये ऑनलाइन पढ़ाई के विकल्प पर जोर दे रही है, ताकि सभी बच्चों को घर बैठे शिक्षा मिल सके.
शिक्षा मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुई पढ़ाई की भरपाई के लिए लॉकडाउन के बाद स्कूलों को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक चलाने का निर्णय लिया गया है. शनिवार को हाफ के बदले फुल डे स्कूल चलेगा. छात्रों को एक सप्ताह के अंदर किताबें उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है. साथ ही बच्चों को अगले वर्ग में प्रोन्नति देने के लिए भी कहा गया है. शिक्षा मंत्री ने गिरिडीह के निजी स्कूल में केबल टीवी से क्लास की ऑनलाइन शुरुआत की.
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शिक्षा मंत्री ने कोडरमा के शिक्षा अधिकारियो को निर्देश दिया है की जिले में बंद 67 विद्यालयों में से कितने विद्यालय को खोला जा सकता है उसकी सूचि बनाकर विभाग को जल्द उपलब्ध करवाया जाये। साथ ही उच्च एवं मध्य विद्यालय में शिक्षको के कितने पद खली है उसकी भी जानकारी विभाग को सौपे।
