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चारा घोटाला मामले में दोषी रहे झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती का निधन

Arti Agarwal

झारखंड केे पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती 1980 बैच के आईएएस अधिकारी थे सजल चक्रवर्ती ने बेंगलुरु में अंतिम सांस ली वे लालू प्रसाद यादव सरकार के दौरान हुए चारा घोटाले मामले में भी दोषी पाए गए थे अपने कार्यकाल के दौरान सजल चक्रवर्ती कई वजहों से सुर्खियों में रहे थे.

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पूर्व मुख्य सचिव बनने से पहले सजल चक्रवर्ती ने पायलट की ट्रेनिंग ली थी सजल चक्रवर्ती के पास एयरक्राफ्ट उड़ाने का लाइसेंस भी था सजल चक्रवर्ती झारखंड के उन गिने-चुने आईएएस अधिकारियों में से हैं जिन्हें एयरक्राफ्ट उड़ाने की अनुमति है आईएस बनने से पहले सजल चक्रवर्ती एयरफोर्स में जाना चाहते थे लेकिन वे एयर फोर्स में ना जाकर आईएस बन गए सजल चक्रवर्ती जब चारा घोटाला मामले में दोषी पाए गए थे उस वक्त से ही उनकी वजन काफी ज्यादा थी अधिक वजन होने के कारण जब हाईकोर्ट में उनके पेशी थी उस वक्त वह कोर्ट के बाहर गिर गए थे उस दौरान उनका वजन डेढ़ सौ किलो था सजल चक्रवर्ती ने पत्रकारिता के भी पढ़ाई की थी साथ ही वे पक्षी और जानवरों के प्रेमी बे थे वे अपने घर में कई पक्षी और जानवरों को भी रखते हैं

चारा घोटाला मामले में जिस वक्त सजल चक्रवर्ती को दोषी ठहराया गया था उस समय वा चाईबासा के उपायुक्त के पद पर योगदान दे रहे थे मामले में दोषी पाए जाने के बाद सजल चक्रवर्ती रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में भी रहे थे.वह झारखंड के दो बार मुख्य सचिव भी रह चुके हैं पहली बार वे 30 अप्रैल 2014 से 14 अगस्त 2014 तक मुख्य सचिव के प्रभार में रहे थे इसके बाद उन्होंने 30 सितंबर 2014 से झारखंड के मुख्य सचिव का प्रभार ग्रहण किया जहां वे 20 जनवरी 2015 तक इस पद पर रहे थे

सजल सजल चक्रवर्ती ने चारा घोटाला मामले में सीबीआई कोर्ट से दोषी ठहराए जाने के बाद उन्होंने अपनी 4 वर्ष की सजा को कोर्ट में चुनौती दी थी जिसके बाद हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था सजल चक्रवर्ती कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे वह ठीक से चल भी नहीं पाते थे उनके एक भाई नौसेना में बड़े अफसर थे.

सजल चक्रवर्ती के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक जाहिर किया है. ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा “झारखण्ड राज्य के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती जी के निधन की दुःखद सूचना मिली। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर परिवार को दुःख की यह घड़ी सहन करने की शक्ति दे।”

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