Skip to content

सादगी के साथ मनाया गया झारखंड विधानसभा का स्थापना दिवस, शहीदों के परिजनों को किया गया सम्मानित

Shah Ahmad

रविवार 22 नवंबर को झारखंड विधानसभा का 20 वां स्थापना दिवस मनाया गया स्थापना दिवस कार्यक्रम नहीं विधानसभा के सभागार में सादगी के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम के दौरान 2020 के लिए झारखंड उत्कृष्ट विधायक के रुप में शिकारीपाड़ा से लगातार सातवीं बार जीत दर्ज करके विधानसभा पहुंचे नलिन सोरेन को सम्मानित किया गया साथ ही कोरोनावायरस के दौरान अपनी जान की परवाह किए बगैर जनता की सेवा में लगे रहे कोरोनावायरस को भी सम्मानित किया गया

कार्यक्रम के दौरान सुबह के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रदेश की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो सहित सुबह के तमाम मंत्री मौजूद रहे उनकी मौजूदगी में शहीदों के परिजनों मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में अव्वल आने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया इस बार का विधान सभा स्थापना दिवस एक और खास चीज के लिए अंकित किया गया इस वर्ष का स्थापना दिवस बिना नेता प्रतिपक्ष के ही मनाया गया है दरअसल नेता प्रतिपक्ष को विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से मान्यता नहीं दी गई है इसलिए इस कार्यक्रम में मुख्य विपक्षी दल भाजपा की तरफ से बोकारो विधायक बिरंचि नारायण को मुख्य सचेतक के रूप में बुलाया गया था कार्यक्रम के दौरान बिरंचि नरायण ने कहा कि यदि इस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष रहे थे तो कार्यक्रम और भव्य हो जाता

Advertisement

बता दें कि विधानसभा चुनाव संपन्न होने के कुछ दिनों के बाद झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर जीत कर आए बाबूलाल मरांडी प्रदीप यादव और बंधु तिर्की अब दूसरे दलों में हैं बाबूलाल मरांडी झाविमो के सुप्रीमो थे उन्होंने अपनी पार्टी का विलय भाजपा में कर दिया लेकिन विधानसभा कि समिति बाबूलाल मरांडी को भाजपा का विधायक ना मानते हुए नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी से अभी तक दूर रखे हुए हैं

विधानसभा स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विधानसभा का 20 वां स्थापना दिवस मना रहे हैं यह हमारे लिए खुशियों का मौका है राज्य गठन के बाद 20 वर्ष हो चुके हैं और इस 20 वर्षों में हमने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं विधानसभा में उतार-चढ़ाव और कई चुनौतियों का ग वा भी रहा है हम 81 विधायक मिलकर इस राज्य को दिशा देने में लगातार प्रयासरत हैं और आगे भी रहेंगे साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का सबसे पिछड़ा राज्य होने के बावजूद भी कोरोनावायरस से निपटने में झारखंड ने देश को एक उदाहरण के रूप में खुद को पेश किया है राज्य के भीतर हमने कोरोना के कारण ना भय का माहौल बनने दिया और ना ही किसी को भूखा मरने दिया हमारे राज्य में रिकवरी रेट 90% से ऊपर बनी हुई है लेकिन कई राज्यों में भयवाह स्थिति बनी हुई है यह दर्शाता है कि हम अपने लोगों के लिए कितनी संवेदनशील है.

आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कई ऐसे संसाधन है जिनके माध्यम से हम झारखंड को विश्व स्तर पर पहचान दिला सकते हैं राज्य की आंतरिक व्यवस्था को अब अवसर में बदलने की जरूरत है इन सबके लिए जरूरी है अनुशासित और शांतिप्रिय व्यवस्था कायम करने की तभी राज्य के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ेगा और सपने को साकार करने में मदद भी मिल पाएगी

विधानसभा स्थापना दिवस के मौके पर विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने कहा कि विधानसभा में समितियों का बन जाना ही केवल कार्य नहीं है बल्कि उसे ठीक ढंग से संचालित भी किया जाना चाहिए समितियां तो बहुत बनी लेकिन उनके संचालन के लिए अभी तक कोई नियमावली नहीं थी इस वजह से कई समितियां कार्य नहीं कर पाती थी इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रारूप समिति का गठन किया गया जिन्होंने समितियों के लिए विशिष्ट नियमावली तैयार किया है कार्यक्रम के दौरान विधानसभा की तरफ से तैयार की गई विशेष स्मारिका का लोकार्पण भी किया गया इसमें संसदीय इतिहास की जानकारी दी गई

Leave a Reply