Giridih News : गिरिडीह समाहरणालय में गिरिडीह, धनबाद और बोकारो जिले की जल जीवन मिशन योजनाओं की हुई समीक्षा। सिंगल विलेज स्कीम (SVS) की जांच के लिए राज्य और जिला स्तर पर कमिटी गठित होगी, 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश।
Giridih News : झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने गिरिडीह में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर जल जीवन मिशन की लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने, SVS योजनाओं की 15 दिनों में जांच रिपोर्ट देने और रॉ वाटर राइजिंग व क्लीन वाटर राइजिंग का कार्य 90 दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया।
Giridih News : झारखंड में पेयजलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराने को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने गुरुवार को गिरिडीह समाहरणालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में गिरिडीह, धनबाद और बोकारो जिले में जल जीवन मिशन के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों की स्थिति, पेयजलापूर्ति व्यवस्था और लंबित परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि आम जनता को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनहित से जुड़ी योजनाओं में अनावश्यक देरी, कार्यों में शिथिलता और भुगतान के बावजूद योजनाओं का सुचारू रूप से संचालित नहीं होना गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए और कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।
समीक्षा बैठक में सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की स्थिति प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने इन योजनाओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए राज्य और जिला स्तर पर कमिटी गठित करने का निर्देश दिया।

निर्देश के अनुसार, संयुक्त कमिटी संबंधित योजनाओं का स्थल निरीक्षण करेगी और निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, मौजूदा स्थिति तथा क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जांच करेगी। कमिटी को 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
रिपोर्ट में योजनाओं की वास्तविक स्थिति, अधूरे कार्यों और सामने आने वाली कमियों से जुड़े तथ्य शामिल किए जाएंगे। इसका उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की पहचान करना और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
SVS योजनाओं की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन परियोजनाओं में काम निर्धारित गति से चल रहा है और कहां अतिरिक्त निगरानी या सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है।
बैठक में रॉ वाटर राइजिंग और क्लीन वाटर राइजिंग से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को इन कार्यों को अगले 90 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
पेयजलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में जल के स्रोत से संबंधित व्यवस्था और शोधन के बाद पानी की आपूर्ति से जुड़े कार्य महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में इन परियोजनाओं में देरी होने से संबंधित क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है।
मंत्री ने निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि में कार्य पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन और कार्यबल उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और प्रगति की समय-समय पर समीक्षा हो। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि समय-सीमा का पालन करते हुए गुणवत्ता मानकों को भी प्राथमिकता दी जाए।
समीक्षा बैठक में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट यानी जल शोधन संयंत्र और पेयजलापूर्ति से संबंधित अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति, अधूरे कार्यों, संयंत्रों की कार्यशीलता और संचालन से संबंधित अद्यतन जानकारी ली गई।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान ने निर्देश दिया कि पेयजलापूर्ति से जुड़ी संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जहां निर्माण कार्य अधूरे हैं या किसी कारण से योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है, वहां समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध समाधान किया जाए।
उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी, निर्माण की गुणवत्ता की जांच और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी संसाधनों से तैयार की जा रही संरचनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे और पेयजलापूर्ति व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे।
बैठक में उन योजनाओं पर भी चर्चा हुई, जिनका काम बंद पड़ा है या जिनमें निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप प्रगति नहीं हुई है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संवेदकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
विभागीय सचिव अबु इमरान ने कहा कि सरकारी योजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित रखना जवाबदेही से जुड़ा मामला है। जिन संवेदकों ने निर्धारित अवधि में कार्य पूरा नहीं किया है या जिनकी जिम्मेदारी वाली योजनाएं बंद पड़ी हैं, उनके मामलों की जांच कर संविदा की शर्तों और लागू नियमों के अनुसार लीगल नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जाए।
हालांकि, कार्रवाई से संबंधित प्रत्येक मामले में तथ्यों, अनुबंध की शर्तों और लागू प्रावधानों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि कार्यों में देरी के कारणों की समीक्षा कर संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
केवल संवेदकों ही नहीं, बल्कि योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी बैठक में जोर दिया गया। अभियान निदेशक शशि रंजन ने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में लंबित योजनाओं की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में अनावश्यक देरी हो रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। कार्यों में शिथिलता बरतने या जिम्मेदारी के बावजूद योजनाओं को लंबित रखने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर लगातार नजर रखें, संवेदकों की जवाबदेही तय करें और निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को समय पर दूर करें। इसके साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने को कहा गया।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बैठक में कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की योजनाएं सीधे आम लोगों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब लोगों को निर्धारित समय पर नियमित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों और संवेदकों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करने को कहा। साथ ही पेयजलापूर्ति से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि योजनाओं की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के अनुपालन की नियमित समीक्षा की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी सामने आती है, तो संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।