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Hazaribagh: पुलिस कस्टडी में व्यवसायी की हुई मौत, विधायक मनीष जायसवाल और अंबा प्रसाद ने परिजनों को न्याय दिलाने का दिया भरोसा

Arti Agarwal

Hazaribagh: सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत खजांची तलाव मोहल्ल निवासी व्यवसायी सुनील कुमार गुप्ता की बीती रात रहस्यमय ढंग से पुलिस कस्टडी में मौत हो गई. व्यवसायी की मौत पर थाना में 4-5 घंटे तक बवाल होता रहा. परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया. जिसपर पुलिस ने कहा कि यह संजोग है कि कस्टडी में व्यवसायी की मौत हो गई.

वहीं इस घटना के बाद विधायक अंबा प्रसाद भी देर रात तक थाना में डटी रहीं. पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए विधायक अड़ी रहीं. अंबा प्रसाद के सामने ही थाना में कई बार पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच नोंकझोंक भी हुई. जिसपर कई बार विधायक आक्रोशितों को समझाती भी नजर आयीं.

परिजनों का कहना है कि जब पुलिस ने मृतक सुनील गुप्ता को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई, तो यह उसकी जिम्मेवारी थी कि वह सही सलामत उसे थाना तक ले जाती. लेकिन ऐसा ना कर उसे रास्ते में ही टॉर्चर किया गया. थाना में लाकर पिटाई की गई .बाद में इस मामले की लीपापोती करने के लिए पूरा स्क्रिप्ट तैयार कर लिया गया. प्रशासन से मांग किया कि जिस कंपनी के द्वारा शिकायत किया गया है, उसकी एफआईआर दिखाया जाए. ऐसे में 2 घंटे के बाद एफआईआर दिखाया गया.

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जिसपर परिजनों ने सवाल उठाया कि आखिर एफआईआर देर से क्यों दिखाया गया. घटना के बाद व्यवसायी वर्ग में भी आक्रोश है. देर रात तक कई व्यवसायी थाना में डटे रहे. मृतक की पत्नी ने पुलिस पर ही सवालिया निशान खड़ा किया और कहा कि बिना किसी वजह के मेरे पति की हत्या पुलिस ने कर दी. जब पुलिस मेरे सामने पति को थाना ले जाने के लिए आयी, उस वक्त वे स्वस्थ थे. लेकिन उसके आधा से एक घंटा के अंदर ही उनकी मौत कैसे हो गयी.

Hazaribagh: क्या है पूरा मामला जिसे आधार बना पुलिस ने व्यवसायी को कस्टडी में लेकर गई थी थाने

दरअसल, घटना के बारे में बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक ट्रक वॉशिंग पाउडर लेकर रांची के लिए रवाना हुई थी. लेकिन रास्ते में ही ट्रक समेत ड्राइवर और खलासी गायब हो गये . इस मामले को लेकर कंपनी तहकीकात कर रही थी. कंपनी को पता चला कि सारा सामान हजारीबाग के बाजार में खपाया गया है. कंपनी के लोगों ने हजारीबाग सदर थाना में आकर इसकी शिकायत दर्ज कराई और मामले की तफ्तीश शुरू हुई. पता चला कि व्यवसायी सुनील गुप्ता ने चोरी के वॉशिंग पाउडर को बाजार में बेचा है.

पुलिस व्यवसायी के घर पहुंची और पूछताछ के लिए थाना चलने को कहा. इसी बीच हजारीबाग के गोला चौक में एक दुकान में भी पूछताछ हुई. दुकानदार ने बताया कि हमारे पास जो वॉशिंग पाउडर है, वह सुनील गुप्ता ने ही दिया था. इसी दौरान सुनील गुप्ता पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. पुलिस ने कुछ दूर तक उसका पीछा भी किया. लेकिन वह भागने में कामयाब रहा. इसी दौरान पुलिस जब आरोपी को पकड़ने में नाकामयाब हुई, तो उसके बेटे सुमित को थाने में बैठा लिया. इसी दौरान हजारीबाग कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा है.

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सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और उसने पाया कि एक घायल व्यक्ति को ऑटो में बैठाया जा रहा है. जब उस व्यक्ति को देखा गया तो वह सुनील गुप्ता निकला. उसे सदर अस्पताल लाया गया और जब स्थिति बिगड़ती दिखी तो हजारीबाग के निजी आरोग्यं अस्पताल बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया. वहीं उसकी मौत हो गई. मौत के बाद हंगामा होने लगा.

Hazaribagh: पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल ने भी पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल, उच्च स्तरीय जाँच की मांग

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी इस घटना को लेकर राज्य के डीजीपी से वरीय आईपीएस द्वारा उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है. साथ ही उन्होंने कहा है कि मामला की जाँच ईमानदारीपूर्वक और निष्पक्ष के हो और कोई लीपापोती ना हो ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके. राष्ट्रीय मानव अधिकार से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग बाबूलाल ने की है.

साथ हजारीबाग सदर के विधायक मनीष जायसवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है साथ आरोपी पर धारा 302 के तहत मुकदमा चलाने की मांग भी विधायक ने की है. मनीष जायसवाल ने कहा कि “पुलिस द्वारा किया गया यह घृणित कृत्य बिल्कुल अस्वीकार्य है, यह एक “इलीगल कस्टडियल डेथ” का मामला है। हजारीबाग शहर के कानी बाज़ार निवासी व्यवसाई सुनील कुमार गुप्ता की संदेहास्पद स्थिति में पुलिस कस्टडियल डेथ हो गया। पुलिस के बड़े अधिकारियों से मांग करता हूं कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, तत्काल इस मौत के दोषी पुलिस पदाधिकारियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और मृतक के परिवार को न्याय मिले।”

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